
जंगल की औषधीय संपदा से ग्रामीणों को मिल रहा रोजगार, गुड़मार के संरक्षण पर वन विभाग का जोर
शाहनगर। दक्षिण पन्ना वनमंडल के शाहनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत बीट बोरी में मानसून गश्ती के दौरान वन विभाग की टीम को जंगल में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले औषधीय पौधे फुलकटू/गुड़मार का संग्रह करते स्थानीय आदिवासी समुदाय के सदस्य मिले।
वनपाल श्री प्रेम नारायण वर्मा ने ग्रामीणों से चर्चा की तो श्री प्रीतम आदिवासी एवं श्रीमती गुड्डी बाई ने बताया कि गुड़मार की पत्तियों और तने का स्थानीय स्तर पर पारंपरिक औषधीय उपयोग किया जाता है। संग्रहित गुड़मार को स्थानीय बाजार में करीब ₹60 से ₹70 प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाता है।
🌱 वन जैव-संसाधन बन रहे अतिरिक्त आय का साधन
गुड़मार का यह उदाहरण बताता है कि जंगलों में प्राकृतिक रूप से उपलब्ध लघु वनोपज एवं अन्य वन जैव-संसाधन आदिवासी और वनाश्रित परिवारों के लिए अतिरिक्त आय तथा आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं। हालांकि, इन संसाधनों का उपयोग इस तरह किया जाना जरूरी है, जिससे जंगल की प्राकृतिक संपदा लंबे समय तक सुरक्षित भी रहे।
🌳 वन विभाग ने समझाया गैर-विनाशकारी संग्रहण
गश्ती के दौरान वनपाल प्रेम नारायण वर्मा ने ग्रामीणों को गुड़मार के संवहनीय एवं गैर-विनाशकारी संग्रहण के तरीके समझाए। उन्हें सलाह दी गई कि—
🔹 पूरी बेल या लंबी शाखाओं को काटने से बचें।
🔹 केवल परिपक्व पत्तियों का चयन कर संग्रह करें।
🔹 प्रत्येक बेल पर पर्याप्त पत्तियां अवश्य छोड़ें।
🔹 गुड़मार की जड़ और मुख्य बेल को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाएं।
🔹 जंगल की प्राकृतिक पुनरुत्पत्ति और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए ही संग्रहण करें।
वन विभाग का उद्देश्य केवल वन संपदा की सुरक्षा करना ही नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों को जंगल से मिलने वाले संसाधनों के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इसके लिए आवश्यक है कि वन जैव-संसाधनों का वैज्ञानिक और सतत तरीके से उपयोग किया जाए।
🌿 संरक्षण और आजीविका साथ-साथ
गुड़मार जैसी उपयोगी वनस्पतियां यदि नियंत्रित और गैर-विनाशकारी तरीके से संग्रहित की जाएं तो इससे ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलता रहेगा और जंगलों में इनकी प्राकृतिक उपलब्धता भी लंबे समय तक बनी रह सकती है।
दक्षिण पन्ना वनमंडल का संदेश साफ है—जंगल से आजीविका भी मिले और जंगल भी सुरक्षित रहे।
📍 स्थान: बीट बोरी, शाहनगर वन परिक्षेत्र, दक्षिण पन्ना वनमंडल
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