दक्षिण पन्ना की बेटी ने बढ़ाया जिले का मान, भोपाल में मिला प्रतिष्ठित सम्मान
जंगल की पगडंडियों से लेकर वन्यजीवों की जिंदगी बचाने तक… वनकर्मी रंजना नागर के समर्पण को मिली राज्य स्तरीय पहचान।
पन्ना/रैपुरा। दक्षिण पन्ना वनमंडल के रैपुरा वन परिक्षेत्र में पदस्थ परिक्षेत्र सहायक श्रीमती रंजना नागर को वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित “Machhli Award” से सम्मानित किया गया है। 10 सितंबर 2026 को भोपाल के जहांनुमा पैलेस होटल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में WWF-India एवं प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा उन्हें ₹50,000 की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यह सम्मान मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत तथा डॉ. समीता राजौरा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदान किया गया।
समारोह में श्री बी.एस. अन्निगेरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, श्री सुदीप सिंह, सदस्य सचिव, मध्यप्रदेश राज्य जैव विविधता बोर्ड, सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी श्री सुहास कुमार एवं श्री एच.एस. नेगी, WWF-India एवं प्रभा खेतान फाउंडेशन के प्रतिनिधि श्री रशीद किदवई सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और पुरस्कार विजेता मौजूद रहे।
वन्यजीव संरक्षण में लगातार सक्रिय भूमिका
श्रीमती रंजना नागर ने वन एवं वन्यजीव अपराधों की रोकथाम, रात्रि एवं मानसून गश्त, वन्यप्राणियों के रेस्क्यू और ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है।
भालू के शिकार प्रकरण की जांच में आरोपियों तक पहुंचने में योगदान, नीलगाय एवं जंगली सूअरों के रेस्क्यू, कुएं में गिरे तेंदुए और बछड़े के बचाव, अतिक्रमण हटाने और अवैध कटाई की रोकथाम जैसे कार्यों में भी उनकी उल्लेखनीय भागीदारी रही है।
संवेदनशील वन क्षेत्रों में ‘ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप’ के तहत पैदल गश्त और पालतू बनाए गए तोतों एवं कछुओं को प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाने के लिए चलाए गए ‘फ्री मिट्ठू, फ्री किट्टू’ अभियान में भी उन्होंने सक्रिय योगदान दिया।
वन्यजीव संरक्षण के साथ ग्रामीणों को भी किया जागरूक
वन्यजीव संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ग्राम वन समितियों, चरवाहा सम्मेलनों और ग्रामीण समुदायों के बीच लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।
सर्पदंश से बचाव के लिए मच्छरदानी, टॉर्च, विशेष स्नेक कार्ड और सांप-सीढ़ी आधारित जागरूकता सामग्री के वितरण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सम्मान से बढ़ा दक्षिण पन्ना के मैदानी अमले का हौसला
रंजना नागर को मिला यह सम्मान उनके व्यक्तिगत प्रयासों के साथ-साथ दक्षिण पन्ना के जंगलों में वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार मेहनत कर रहे मैदानी अमले के कार्यों की भी पहचान है।
जंगलों की सुरक्षा का काम अक्सर कैमरों की चमक से दूर होता है, लेकिन रंजना नागर जैसे कर्मठ वनकर्मी अपनी जिम्मेदारी को जिस समर्पण के साथ निभाते हैं, वही मेहनत अब राज्य स्तर के प्रतिष्ठित सम्मान तक पहुंची है।
रंजना नागर को मिली यह उपलब्धि दक्षिण पन्ना वनमंडल और पूरे पन्ना जिले के लिए गर्व का विषय है।
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