
श्रीजी प्रभु के अलौकिक मनोरथ में राजभोग दर्शन में श्रीजी में तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व लाल बावा ने प्रभु को "फूल महल बैठे नंदलाल" पद के भाव के मनोरथ में अधिक मास के पावन उपलक्ष्य में प्रभु को सुवासित रंग बिरंगे फूलों व चंदन की पत्तियों से निर्मित बंगले में फूल महल के भाव से विराजित कर लाड लड़ाए
राजभोग दर्शन में"चितराम के बंगले"के अलौकिक मनोरथ में कलात्मक रंग-बिरंगे वर्णों से विभिन्न लीलाओं से चित्रित बंगले में श्री लाड़ले लाल प्रभु को बंगले में विराजित कर मनोरथ सिद्ध किया गया
श्रीजी प्रभु में सांयकाल शयन दर्शन में "माई फूल को हिंडोरो"के अलौकिक मनोरथ में कमल चौक में तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व श्री लाल बावा ने प्रभु को हिंडोरा झूला कर प्रभु को लाड लड़ाए
उष्णकाल के विशेष श्रृंगार में आज प्रभु को प्रभु के प्रिय अष्ट सखा श्री सूरदास जी के पद 'देखो री हरी नंगम नंगा' के पद के भाव से विशेष बसरा के मोतियों का अद्भुत चरणारविन्द से श्री मस्तक तक मोतियों का अलौकिक श्रंगार धराया गया
सांयकाल शयन दर्शन में लाड़ले लाल प्रभु में तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व लाल बावा ने "फूल हिंडोरा माई झूले" के मनोरथ में लालन के चबूतरे पर लाडले लाल प्रभु को हिंडोरे में झुलाकर प्रभु को लाड लड़ाए