वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर मुस्लिम महासंघ द्वारा हकीम खां सूरी की मजार पर चादर शरीफ पेश
हल्दीघाटी स्थित रक्त तलाई में वीर सेनापति हकीम खां सूरी की मजार पर मुस्लिम महासंघ की ओर से चादर शरीफ एवं खिराज-ए-अकीदत पेश की गई।
महासंघ के *प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान* ने बताया कि मेवाड़ की आन, बान और शान की रक्षा के लिए हकीम खां सूरी ने अपने 3000 से अधिक पठान सैनिकों के साथ महाराणा प्रताप का साथ देते हुए मुगल सम्राट अकबर की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और वीरगति प्राप्त की।
महासंघ के *राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्श* ने बताया कि 19 जून 1576 को हल्दीघाटी युद्ध में हकीम खां सूरी ने शहादत प्राप्त की। मान्यता है कि उनका सिर हल्दीघाटी में तथा धड़ रक्त तलाई में दफन है। उनका बलिदान मेवाड़ और राष्ट्र के प्रति समर्पण एवं वीरता का अद्वितीय उदाहरण है।
इस अवसर पर मुस्लिम महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष हाजी मोहम्मद बक्श के नेतृत्व में सामूहिक रूप से खिराज-ए-अकीदत पेश किया गया।
कार्यक्रम में उदयपुर से महासंघ के राष्ट्रीय सचिव इरफान मुल्तानी, प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ खान, प्रदेश संगठन सचिव मोइनुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष अयूब शेख, गोगुंदा ब्लॉक अध्यक्ष शेर खान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस दौरान सज्जाद मोहम्मद, शाहिद भाई, शेरू खान, अमन खान, हजरत शेर खान, सईद भाई तथा मुस्लिम महासंघ एवं कादरी अंजुमन खमनोर के कार्यकर्ताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए हकीम खां सूरी को खीराजे अकीदत पेश की।