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श्राद्ध हमारी सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण संस्कार है और इसको समाप्त करने की बात करने वाले हमारी धार्मिक मान्यताओं पर आघात करने का प्रयास कर रहे हैं, इससे समाज को सतर्क रहने की जरूरत है, यह बात श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा अनुष्ठान सह श्रीराम कथा किशुनपुर धरान के भगवान् शुकदेव जी महाराज मंच से वृंदावन से पधारे संत उज्जवल जी शाण्डिल्य ने कही। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले से मृत्यु पर्यन्त तक की जीव की गति की वृहद चर्चा गरूड़ पुराण में वर्णित है किन्तु इस समाज में एक खास तरह के लोग हैं जिनका पढ़ने लिखने से कोई नाता नहीं है और उनका काम हमारी संस्कृति को नीचा दिखाने का है। ऐसे लोगों में क्षमता नहीं है कि किसी अन्य धर्मों पर आक्षेप कर दें। हिन्दुओं की सहिष्णुता को कायरता समझने की भूल किया जा रहा है। ऐसे लोगों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्र जैसे गम्भीर हिन्दू समाज जब खड़ा हो जाएगा तो इनका अता-पता नहीं रहेगा। विभिन्न शास्त्रीय आख्यानों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज भरत ने महाराज दशरथ जी का दशगात्र तक के संस्कार अयोध्या में किया था और जब उन्होंने ने भगवान् श्रीराम से चित्रकूट में पिता की मृत्यु की बात बताई तो भगवान् श्रीराम ने चित्रकूट में ही तर्पण एवं श्राद्ध संस्कार महाराज दशरथ का किया। भगवान् श्रीराम ने गिद्ध राज जटायु जी को अपने हाथों तर्पण एवं श्राद्ध किया था। बाली और रावण के भी श्राद्ध संस्कारों की चर्चा है। श्राद्ध संस्कार का विरोध करने वाले अपने बाप का चुपके से श्राद्ध करते हैं। तिलक दहेज और घुसखोरी में दिन-रात लगे रहते हैं किन्तु हमारे संस्कारों पर अंगुली उठाने से बाज़ नहीं आते हैं। हमारे शास्त्रों ने श्राद्ध संस्कार को आवश्यक बताया है किन्तु ऋण लेकर श्राद्ध करने का निषेध किया है। गरूड़ पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि सक्षम नहीं हैं तो बालू का पिंडदान करना चाहिए तथा नदियों अथवा तालाब के पानी से तर्पण करना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि जहां तक श्राद्ध संस्कार में खिलाने पिलाने की बात है वह आपका निजी मामला है कि आप किसी एक को खिलाते हैं अथवा अनेक को खिलाते हैं। हर हाल में ऋण लेकर श्राद्ध संस्कार करना हमेशा वर्जित है। श्राद्ध संस्कार हमारे सोलहों संस्कारों में महत्वपूर्ण संस्कार है तथा इसे अवश्य करें। कथा में लोगों की भीड़ ने जोरदार तालियों से महाराज श्री के बातों का समर्थन किया।

Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

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बड़ी साजिश नाकाम! नालंदा में हथियार के साथ 3 कुख्यात अपराधी गिरफ्तार, #NalandaNews #BreakingNews

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Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

जलालपुर प्रखंड के किशुनपुर धरान गांव में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा अनुष्ठान सह श्रीराम कथा का सोमवार को वैदिक रीति से समारोप हो गया। सुबह में गोरखपुर से पधारे यज्ञाचार्य पंडित रमेश मिश्र ने संत शुकदेव जी महाराज का परिक्षित जी महाराज को अन्तिम उपदेश का निरुपण किया। उन्होंने बताया कि जिसे परमात्मा की अनुभूति हो जाती है उसे मृत्यु का भय नहीं सताता। जीव कल भी था , आज भी है और कल भी रहने वाला है। दोपहर दो बजे से हवन यज्ञ प्रारम्भ हुआ तथा संध्या पांच बजे से भंडारा शुरू हुआ जो देर रात तक चला। वृंदावन से पधारे संत उज्जवल शांडिल्य जी महाराज ने विश्राम प्रवचन में कहा कि समाज में  हो रहे बहन बेटियों के अपमान से अगर हिन्दू समाज आंख बंद किए रहा तो विवाह करके धर्म परिवर्तन कराने का रोग बढ़ता जाएगा, इसलिए विवाह जेहाद के विरुद्ध हमें खड़ा होना पड़ेगा। सात दिनों के इस आध्यात्मिक समारोह में,  अयोध्या सीता सदन के महंथ किशोरी शरण दासजी महाराज ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी श्री रामकुमार जी , रामकृष्ण मिशन के स्वामी आतिदेवानन्द जी महाराज , सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विजय कुमार सिंह विभाग संघचालक , विभाग सेवा प्रमुख अवध किशोर मिश्र , पंडित मधुसूदन दूबे , अरुण पुरोहित, सहित कई प्रमुख लोगों ने भाग लिया। वेदों की पूजा , संतों की पूजा ,गाय की पूजा एवं 51 आचार्यों का एक साथ एक मंच पर पूजन अद्वितीय रहा। जलभरी एवं शोभायात्रा भी आकर्षण के केन्द्र रहे। संचालन समिति के महामंत्री , राजेन्द्र कुंवर , पूर्व मुखिया तारकेश्वर सिंह , शशिभूषण टुन्ना ,  अनिल व्याहुत,मनजीत कुशवाहा , व्रजेश कुशवाहा , बिनोद पाण्डेय , लोकेश कुंवर,झुलन कुंवर, पंकराज पंकेश , रत्नेश राज , सुनील कुंवर, राजीव कुमार सहित कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की खुब सेवा की। ‌कमलेश्वरी  पाण्डेय संगीत महाविद्यालय के निर्देशिका श्रीमती कुसुमावती  उपाध्याय एवं उनकी टीम के बच्चे बच्चियों ने भजन संध्या में भाग लेकर सबका मन मोह लिया। इस आध्यात्मिक समारोह का समायोजन आयोजन समिति के सचिव राजेश्वर कुंवर ने किया।

जलालपुर प्रखंड के किशुनपुर धरान गांव में चल रहे सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा अनुष्ठान सह श्रीराम कथा का सोमवार को वैदिक रीति से समारोप हो गया। सुबह में गोरखपुर से पधारे यज्ञाचार्य पंडित रमेश मिश्र ने संत शुकदेव जी महाराज का परिक्षित जी महाराज को अन्तिम उपदेश का निरुपण किया। उन्होंने बताया कि जिसे परमात्मा की अनुभूति हो जाती है उसे मृत्यु का भय नहीं सताता। जीव कल भी था , आज भी है और कल भी रहने वाला है। दोपहर दो बजे से हवन यज्ञ प्रारम्भ हुआ तथा संध्या पांच बजे से भंडारा शुरू हुआ जो देर रात तक चला। वृंदावन से पधारे संत उज्जवल शांडिल्य जी महाराज ने विश्राम प्रवचन में कहा कि समाज में हो रहे बहन बेटियों के अपमान से अगर हिन्दू समाज आंख बंद किए रहा तो विवाह करके धर्म परिवर्तन कराने का रोग बढ़ता जाएगा, इसलिए विवाह जेहाद के विरुद्ध हमें खड़ा होना पड़ेगा। सात दिनों के इस आध्यात्मिक समारोह में, अयोध्या सीता सदन के महंथ किशोरी शरण दासजी महाराज ,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय पदाधिकारी श्री रामकुमार जी , रामकृष्ण मिशन के स्वामी आतिदेवानन्द जी महाराज , सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विजय कुमार सिंह विभाग संघचालक , विभाग सेवा प्रमुख अवध किशोर मिश्र , पंडित मधुसूदन दूबे , अरुण पुरोहित, सहित कई प्रमुख लोगों ने भाग लिया। वेदों की पूजा , संतों की पूजा ,गाय की पूजा एवं 51 आचार्यों का एक साथ एक मंच पर पूजन अद्वितीय रहा। जलभरी एवं शोभायात्रा भी आकर्षण के केन्द्र रहे। संचालन समिति के महामंत्री , राजेन्द्र कुंवर , पूर्व मुखिया तारकेश्वर सिंह , शशिभूषण टुन्ना , अनिल व्याहुत,मनजीत कुशवाहा , व्रजेश कुशवाहा , बिनोद पाण्डेय , लोकेश कुंवर,झुलन कुंवर, पंकराज पंकेश , रत्नेश राज , सुनील कुंवर, राजीव कुमार सहित कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं की खुब सेवा की। ‌कमलेश्वरी पाण्डेय संगीत महाविद्यालय के निर्देशिका श्रीमती कुसुमावती उपाध्याय एवं उनकी टीम के बच्चे बच्चियों ने भजन संध्या में भाग लेकर सबका मन मोह लिया। इस आध्यात्मिक समारोह का समायोजन आयोजन समिति के सचिव राजेश्वर कुंवर ने किया।

Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

News Bihar Live

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Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

#नालंदा - पैठना गांव के मसानी पर संदिग्ध अवस्था में मिला एक व्यक्ति का शव, परिजन ने लगाया हत्या का आरोप

नालंदा से संवाददाता राकेश 

नालंदा जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत वेना थाना क्षेत्र के पैठना गांव के मसानी पर के पास मंगलवार की शाम एक व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक की पहचान पैठना गांव निवासी बाल गोविंद रविदास के 35 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र रविदास के रूप में की गई है। परिजनों के द्वारा घटना की जानकारी स्थानीय वेना थाना की पुलिस को दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल किया। इस संबंध में मृतक के चाचा सुरेंद्र रविदास ने बताया कि धर्मेंद्र को सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव फेंक दिया गया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कुमार सोमवार को सुबह घर से बाहर गया था उसके बाद वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा तो परिजन काफी खोजबीन करने लगे। लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को सुबह परिजन ने वेना थाना में गुमशुदगी का लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया। मंगलवार की शाम 5 बजे ग्रामीणों के द्वारा पता चला कि पैठना गांव के मसानी पर स्थित एक खेत में एक शव फेंका हुआ है उसके बाद उक्त स्थल पर गया तो देखा कि धर्मेंद्र कुमार मृत अवस्था पड़ा हुआ है। वहीं मौत के बाद परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। इस संबंध में वेना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ भेज दिया है। प्रथम दृष्टिया मामला संदिग्ध लग रहा है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। मौके पर साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है।

#नालंदा - पैठना गांव के मसानी पर संदिग्ध अवस्था में मिला एक व्यक्ति का शव, परिजन ने लगाया हत्या का आरोप नालंदा से संवाददाता राकेश नालंदा जिले के रहुई प्रखंड अंतर्गत वेना थाना क्षेत्र के पैठना गांव के मसानी पर के पास मंगलवार की शाम एक व्यक्ति का संदिग्ध अवस्था में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। मृतक की पहचान पैठना गांव निवासी बाल गोविंद रविदास के 35 वर्षीय पुत्र धर्मेंद्र रविदास के रूप में की गई है। परिजनों के द्वारा घटना की जानकारी स्थानीय वेना थाना की पुलिस को दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल पर पहुंचे और जांच पड़ताल किया। इस संबंध में मृतक के चाचा सुरेंद्र रविदास ने बताया कि धर्मेंद्र को सुनियोजित तरीके से हत्या कर शव फेंक दिया गया है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र कुमार सोमवार को सुबह घर से बाहर गया था उसके बाद वह देर शाम तक वापस नहीं लौटा तो परिजन काफी खोजबीन करने लगे। लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला। मंगलवार को सुबह परिजन ने वेना थाना में गुमशुदगी का लिखित आवेदन देकर मामला दर्ज कराया। मंगलवार की शाम 5 बजे ग्रामीणों के द्वारा पता चला कि पैठना गांव के मसानी पर स्थित एक खेत में एक शव फेंका हुआ है उसके बाद उक्त स्थल पर गया तो देखा कि धर्मेंद्र कुमार मृत अवस्था पड़ा हुआ है। वहीं मौत के बाद परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। इस संबंध में वेना थानाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बिहारशरीफ भेज दिया है। प्रथम दृष्टिया मामला संदिग्ध लग रहा है पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा। मौके पर साक्ष्य संकलन के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है।

Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

अस्थावां में अ'ज्ञात व्हीलर कर -टोटो की ट'क्'कर, दो महिलाएं घा'यल, #NationalNalandaNews #BiharIndia

अस्थावां में अ'ज्ञात व्हीलर कर -टोटो की ट'क्'कर, दो महिलाएं घा'यल, #NationalNalandaNews #BiharIndia

Rahui, Nalanda | Jun 2, 2026

श्राद्ध हमारी सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण संस्कार है और इसको समाप्त करने की बात करने वाले हमारी धार्मिक मान्यताओं पर आघात करने का प्रयास कर रहे हैं, इससे समाज को सतर्क रहने की जरूरत है, यह बात श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा अनुष्ठान सह श्रीराम कथा किशुनपुर धरान के भगवान् शुकदेव जी महाराज मंच से वृंदावन से पधारे संत उज्जवल जी शाण्डिल्य ने कही। उन्होंने कहा कि जन्म के पहले से मृत्यु पर्यन्त तक की जीव की गति की वृहद चर्चा गरूड़ पुराण में वर्णित है किन्तु इस समाज में एक खास तरह के लोग हैं जिनका पढ़ने लिखने से कोई नाता नहीं है और उनका काम हमारी संस्कृति को नीचा दिखाने का है। ऐसे लोगों में क्षमता नहीं है कि किसी अन्य धर्मों पर आक्षेप कर दें। हिन्दुओं की सहिष्णुता को कायरता समझने की भूल किया जा रहा है। ऐसे लोगों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि समुद्र जैसे गम्भीर हिन्दू समाज जब खड़ा हो जाएगा तो इनका अता-पता नहीं रहेगा। विभिन्न शास्त्रीय आख्यानों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि महाराज भरत ने महाराज दशरथ जी का दशगात्र तक के संस्कार अयोध्या में किया था और जब उन्होंने ने भगवान् श्रीराम से चित्रकूट में पिता की मृत्यु की बात बताई तो भगवान् श्रीराम ने चित्रकूट में ही तर्पण एवं श्राद्ध संस्कार महाराज दशरथ का किया। भगवान् श्रीराम ने गिद्ध राज जटायु जी को अपने हाथों तर्पण एवं श्राद्ध किया था। बाली और रावण के भी श्राद्ध संस्कारों की चर्चा है। श्राद्ध संस्कार का विरोध करने वाले अपने बाप का चुपके से श्राद्ध करते हैं। तिलक दहेज और घुसखोरी में दिन-रात लगे रहते हैं किन्तु हमारे संस्कारों पर अंगुली उठाने से बाज़ नहीं आते हैं। हमारे शास्त्रों ने श्राद्ध संस्कार को आवश्यक बताया है किन्तु ऋण लेकर श्राद्ध करने का निषेध किया है। गरूड़ पुराण में स्पष्ट कहा गया है कि सक्षम नहीं हैं तो बालू का पिंडदान करना चाहिए तथा नदियों अथवा तालाब के पानी से तर्पण करना चाहिए। महाराज श्री ने कहा कि जहां तक श्राद्ध संस्कार में खिलाने पिलाने की बात है वह आपका निजी मामला है कि आप किसी एक को खिलाते हैं अथवा अनेक को खिलाते हैं। हर हाल में ऋण लेकर श्राद्ध संस्कार करना हमेशा वर्जित है। श्राद्ध संस्कार हमारे सोलहों संस्कारों में महत्वपूर्ण संस्कार है तथा इसे अवश्य करें। कथा में लोगों की भीड़ ने जोरदार तालियों से महाराज श्री के बातों का समर्थन किया। - Rahui News