
126 जैसी मामूली धारा में देवकुंड पुलिस ने दिखाई ‘बहादुरी’, आधी रात को घर का दरवाजा तोड़ युवक को उठाया
The silence media news
पीड़ित महिला ने दाउदनगर SDPO को आवेदन देकर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की लगाई गुहार
औरंगाबाद
देवकुंड थाना पुलिस की दोहरा रवैया और कार्यशैली एक बार फिर पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा कर रही है। एक ओर जहां क्षेत्र में दर्ज कई संगीन अपराधों के मामलों में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी करने के बजाय फाइलों को ठंडे बस्ते में दबाकर बैठी है, वहीं दूसरी तरफ शांति भंग से जुड़ी एक बेहद मामूली धारा में आधी रात को ऐसी 'बहादुरी' दिखाई जिसे देखकर पूरा इलाका हैरान है
क्या है पूरा मामला?
मामला देवकुंड थाना क्षेत्र के लक्षु बिगहा गांव का है। यहां के अत्यंत लाचार व गरीब निवासी राजनंदन साव और उनके परिजनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 126 (जो पूर्व में आईपीसी की धारा 107 के तहत शांति व्यवस्था बनाए रखने से संबंधित थी) का वाद दाउदनगर न्यायालय (वाद संख्या 567/25) में चल रहा है। आमतौर पर यह धारा भूमि या आपसी विवाद में दोनों पक्षों को शांत रखने और पाबंद करने के उद्देश्य से लगाई जाती है, जिसमें किसी बड़े अपराध जैसी गिरफ्तारी की कोई जल्दबाजी या आवश्यकता नहीं होती।
शाम में बेल की सलाह, रात को तीन गाड़ियों से घेराबंदी
पीड़ित परिवार के अनुसार, शुक्रवार की शाम देवकुंड थाना के एक जमादार (ASI) राजनंदन साव के घर पहुंचे और उनसे कहा कि मामला न्यायालय में है, इसलिए दाउदनगर जाकर बेल (जमानत) करा लीजिए। राजनंदन साव ने कानून का सम्मान करते हुए बेल कराने पर सहमति जताई। लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने पुलिसिया कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया।
आरोप है कि उसी रात करीब 12 बजे देवकुंड थाना की तीन गाड़ियां पुलिस बल के साथ लक्षु बिगहा गांव पहुंचीं और राजनंदन साव के मकान को घेर लिया। रात के सन्नाटे में पुलिस ने दरवाजा खटखटाया। डर और असमंजस के कारण जब अंदर से कोई आवाज नहीं आई, तो पुलिसकर्मी चहारदीवारी फांदकर घर के अंदर कूद गए।
दरवाजा तोड़ा, परिजनों से मारपीट और पुत्र को किया गिरफ्तार
पीड़िता सिलानी देवी ने आरोप लगाया है कि घर में घुसे पुलिसकर्मियों ने मकान के मुख्य दरवाजे को तोड़ दिया और अंदर मौजूद परिजनों के साथ कथित तौर पर मारपीट एवं गाली-गलौज की। इस पूरी दहशत के बीच पुलिस ने राजनंदन साव के पुत्र अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई। 126 जैसी प्रक्रियात्मक धारा के लिए आधी रात को दरवाजा तोड़कर की गई इस भारी-भरकम कार्रवाई से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और भय में है।
SDPO से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़िता सिलानी देवी (पति राजनंदन साव) ने दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आधी रात को घर में जबरन घुसने, दरवाजा क्षतिग्रस्त करने तथा मारपीट करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर निष्पक्ष जांच कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि संगीन मामलों में सुस्त और मामूली मामलों में इस तरह 'सिंघम' बनने वाली देवकुंड पुलिस पर वरीय अधिकारी क्या कदम उठाते हैं।