
रिश्तेदारी की आड़ में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले 53 वर्षीय ऑटो चालक को अदालत ने 10 माह से भी कम समय में सुनाई 20 साल की कठोर कारावास की सजा
स्कूल में गुड़ टच-बैड टच की सीख ने दी किशोरी को हिम्मत, मां को बताई आपबीती, पंचकूला पुलिस की त्वरित जांच और मजूबत पैरवी से मिला पीड़िता का न्याय
महिला एवं बाल अपराधों के खिलाफ पंचकूला पुलिस की सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। महिला थाना पंचकूला में नवंबर 2025 में दर्ज 14 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनीष दुआ ने 53 वर्षीय आरोपी को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा। मामले में पंचकूला पुलिस की त्वरित जांच और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते 10 माह से भी कम समय में फैसला आया है।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में पीड़िता की मां ने महिला थाना पंचकूला में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार आरोपी पीड़िता का करीबी रिश्तेदार था और ऑटो चलाता था। वर्ष 2023 में आरोपी बच्ची को रोजाना उसके घर से स्कूल के निर्धारित समय से करीब एक घंटा पहले ऑटो में लेकर जाता था और इसी दौरान उसके साथ गलत काम करता था। शिकायत मिलने पर महिला थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर आरोपी ऑटो चालक को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच महिला एएसआई कविता द्वारा की गई।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि स्कूल में गुड टच-बैड टच को लेकर दी गई जागरूकता कक्षा से बच्ची को अपने साथ हो रही गलत हरकत को समझने और उसके बारे में बोलने की हिम्मत मिली। इसके बाद बच्ची ने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके आधार पर पुलिस तक शिकायत पहुंची और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हुई।
डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों की बात ध्यान से सुनें, उन्हें अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में समझाएं और यदि बच्चा किसी परेशानी की बात बताए तो उसकी बात को गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी बात खुलकर कहने का सुरक्षित माहौल देना बेहद जरूरी है।
पुलिस कमिश्नर पंचकूला आईपीएस पंकज नैन ने कहा क