
चौपाल के पीएम श्री सीबीएसई स्कूल में रसायन विज्ञान शिक्षक नहीं, 48 छात्रों का भविष्य अधर में।
चौपाल। सरकार ने प्रदेश में पीएम श्री सीबीएसई स्कूल तो खोल दिए, लेकिन इन स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था न होने से शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण पीएम श्री सीबीएसई स्कूल चौपाल है, जहां रसायन विज्ञान का एक भी शिक्षक उपलब्ध नहीं है।
पीएम श्री सीबीएसई स्कूल चौपाल की सीएमसी अध्यक्ष गिरीश ठाकुर ने सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों के लिए रसायन विज्ञान के करीब 70 शिक्षकों की भर्ती की गई है, लेकिन हैरानी की बात है कि चौपाल स्कूल के हिस्से में एक भी शिक्षक नहीं आया। वहीं, कई अन्य स्कूलों में दो-दो शिक्षक तैनात किए गए हैं।
चौपाल स्कूल में रसायन विज्ञान शिक्षक न होने का सीधा असर यहां पढ़ रहे 48 विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। विषय की नियमित पढ़ाई प्रभावित होने से छात्रों के परीक्षा परिणाम और भविष्य को लेकर अभिभावकों में भी चिंता बढ़ रही है।
सीएमसी अध्यक्ष गिरीश ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली से मांग की है कि पीएम श्री सीबीएसई स्कूल चौपाल में रसायन विज्ञान के शिक्षक की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने यदि सीबीएसई स्कूल शुरू किए हैं तो इन स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी सरकार और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। एक ही स्कूल में शिक्षकों की कमी और दूसरे स्कूलों में अतिरिक्त तैनाती की स्थिति पर विभाग को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अब सवाल यह है कि जब सरकार ने शिक्षक भर्ती कर ली है, तो चौपाल जैसे स्कूल को उसका हक कब मिलेगा? 48 विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा यह मामला केवल एक शिक्षक की नियुक्ति का नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और जवाबदेही का सवाल है।
न्यूज टुडे हिमाचल ब्यूरो चौपाल