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बिजली कंपनी ने कंरट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचने किया अगाह व्याीपारी व फेरीवाले हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं हाथ ठेले व दुकानें .. मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने आम जनता तथा हाथ ठेले पर सामान बेचने वालों को अगाह किया है कि वे अपने हाथ ठेले तथा फुटकर सामान की दुकानें हाईटेंशन लाइनों से दूर लगाएं। कंपनी ने कहा है कि जरा सी असावधानी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए आमजन भी करंट से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम में सहयोग करें एवं बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मर से उचित दूरी बना कर ही अपना सामान बेचने के लिए रखें। कईं जगहक चाय की गुमठियां भी विद्युत लाइनों के समीप तथा ट्रांसफार्मरों से सटाकर चलाई जा रही है, जिनके कारण करंट लगने से कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। कंपनी ने उपभोक्ता ओं से अपील में कहा है कि विद्युत लाइनों /ट्रांसफार्मरों एवं उपकरणों के साथ छेड़छाड़ न करें तथा सुरक्षित दूरी बनायें रखें। यदि आँधी तूफान में खंबे /तार टूटे हों तो इसकी सूचना तत्काल शिकायत कॉल सेंटर के टोल फ्री नं. 1912 पर / उपाय एप एवं समीप के वितरण केन्द्र कार्यालय में दें। जमीन पर पड़े तारों को छूने या स्पर्श करने की गलती न करें साथ ही पार करने का प्रयास न करें। पान टपरों तथा ऐसी दुकानों जिनमें लोहे की चादर का इस्तेमाल होता है, में वायरिंग को सुरक्षित ढंग से पी.वी.सी. पाईप के द्वारा ही कराई जाए। किसी प्रकार की कटी-फटी लूज वायरिंग से जान-माल का खतरा हो सकता है। बारिश के दौरान विद्युत खम्बे /स्टे के पास पानी भराव वाले स्थान से निकलने की जल्दी न करें। सावधानी अवश्यद बरतें क्योंकि बारिश के दौरान करंट लीकेज की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बच्चों और मवेशियों का विशेष ध्यान रखें। अपने मवेशी को बिजली के खम्बे, स्टे वायर इत्यादि से न बांधें। कपड़े सुखाने के लिये जी.आई. तार अथवा रस्सी, सर्विस लाईन के पाईप या बिजली के खम्बों से कभी न बांधें। इसमें करंट आने की संभावना बनी रहती है। घर की दीवार, उपकरण, नल आदि में लीकेज करंट आने पर प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन से तत्काल ठीक कराएं। मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि घरेलू विद्युत उपकरणों, वायरिंग, स्विच इत्यादि को स्वयं सुधारने के बजाय किसी प्रशिक्षित एवं अनुभवी इलेक्ट्रीशियन की सेवाएं लें। मानव जीवन अमूल्य है। बिजली के स्विच /सॉकिट / बिजली उपकरण बच्चों की पहुंच से दूर रखें। विद्युत पोल से ही कनेक्शन लें, बीच तारों में कटिया डालकर विद्युत का उपयोग न करें, यह दण्डनीय अपराध है। शादी, धार्मिक, सामाजिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त भार हेतु अस्थायी कनेक्शन लें तथा उचित क्षमता की उच्च गुणवत्ता की केबिल का ही उपयोग करें। कटे फटे तारों का उपयोग कतई ना करें। स्वीकृत भार से अधिक लोड का उपयोग न करें। उचित क्षमता के एम.सी.सी.बी / कट-आउट लगाने के साथ ही अच्छी गुणवत्ता की वायरिंग का ही उपयोग करें। वर्ष में 1 बार अपने परिसर की वायरिंग, फिटिंग, अर्थिंग अनुभवी एवं दक्ष इलेक्ट्रीशियन से अवश्य चैक कराएं। विद्युत लाईन के नीचे एवं ट्रांसफार्मरों के नजदीक भवन निर्माण/ दुकान/ बैनर/ ईट भट्टा न लगाएँ। विद्युत लाईन के नीचे कोई स्थाई-अस्थाई निर्माण न करें। फसल इत्यादि का संग्रहण न करें। विद्युत लाइनों से सुरक्षित दूरी पर ही निर्माण करें। किसान भाई खेतों में कटाई एवं गहाई की जा रही फसलों को बिजली के तारों के नीचे, बिजली के खम्बों एवं स्थापित ट्रांसफार्मरों / स्टे तारों के पास एकत्रित न करें। खेतों में विद्युत उपयोग हेतु कटी-फटी डोरी का उपयोग न करें। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

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विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला पंचायत परिसर में पौधारोपण एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन

एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत किया पौधारोपण, स्वच्छता की दिलाई शपथ
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज जिला पंचायत परिसर में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत कार्यालय के उद्यान में पौधारोपण एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक पौधा माँ के नाम अभियान अंतर्गत जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) एवं जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया द्वारा पौध रोपण किया गया एवं स्वच्छता की शपथ दिलाये जाने के साथ ही परिसर में श्रमदान भी किया गया।
    
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी ने कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें कि अधिक से अधिक पौधे लगायें और उनकी सुरक्षा करें, जल संरक्षण करेगें, अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ बनाये रखेगें एवं प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेगें। उन्होंने सभी से आह्वान करते हुए प्रकृति की रक्षा करेने और आने वाले कल को सुरक्षित बनाने का संदेश दिया।
   
उक्त कार्यक्रम में श्री राधेश्याम खंगार, जिला समन्वयक, एसबीएम, श्री सुरेश वर्मा, परियोजना अधिकारी, श्री आर. पी. राय परियोजना अधिकारी, श्रीमती कीर्ति चौहान, एमडीएम श्री प्रमोदसिंह ठाकुर, एपीओ, श्री अनिल शर्मा, श्री प्रदीप पण्डया, श्री सुबोध शेवड़े, श्री खूबचंद पाल, श्री नितिन सक्सेना, श्री गौरव सक्सेना, श्री सीताराम अहिरवार, श्री मुकेश अहिरवार, श्री राजकुमार कुशवाह, श्री अनिल रैकवार, श्री संदीप त्रिवेदी, श्री नेतराम रैकवार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।   

Jansampark Madhya Pradesh 
#JansamparkMP #vidisha

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला पंचायत परिसर में पौधारोपण एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत किया पौधारोपण, स्वच्छता की दिलाई शपथ .. विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज जिला पंचायत परिसर में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण अंतर्गत कार्यालय के उद्यान में पौधारोपण एवं श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एक पौधा माँ के नाम अभियान अंतर्गत जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) एवं जिला पंचायत सीईओ श्री ओपी सनोडिया द्वारा पौध रोपण किया गया एवं स्वच्छता की शपथ दिलाये जाने के साथ ही परिसर में श्रमदान भी किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी ने कहा कि पर्यावरण हमारे जीवन का आधार है। स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली के बिना स्वस्थ जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम संकल्प लें कि अधिक से अधिक पौधे लगायें और उनकी सुरक्षा करें, जल संरक्षण करेगें, अपने आस पास के वातावरण को स्वच्छ बनाये रखेगें एवं प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेगें। उन्होंने सभी से आह्वान करते हुए प्रकृति की रक्षा करेने और आने वाले कल को सुरक्षित बनाने का संदेश दिया। उक्त कार्यक्रम में श्री राधेश्याम खंगार, जिला समन्वयक, एसबीएम, श्री सुरेश वर्मा, परियोजना अधिकारी, श्री आर. पी. राय परियोजना अधिकारी, श्रीमती कीर्ति चौहान, एमडीएम श्री प्रमोदसिंह ठाकुर, एपीओ, श्री अनिल शर्मा, श्री प्रदीप पण्डया, श्री सुबोध शेवड़े, श्री खूबचंद पाल, श्री नितिन सक्सेना, श्री गौरव सक्सेना, श्री सीताराम अहिरवार, श्री मुकेश अहिरवार, श्री राजकुमार कुशवाह, श्री अनिल रैकवार, श्री संदीप त्रिवेदी, श्री नेतराम रैकवार सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 5, 2026

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने छात्र-छात्राओं से आईटीआई में प्रवेश लेने की अपील की।
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रोजगार परक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक दसवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी 30 जून तक कराएं पंजीयन।
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आईटीआई सबसे कम फीस केवल 6090 में छात्र-छात्राओं को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ता है।

#vidisha @jansamparkmp

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने छात्र-छात्राओं से आईटीआई में प्रवेश लेने की अपील की। .. रोजगार परक शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक दसवीं कक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी 30 जून तक कराएं पंजीयन। .. आईटीआई सबसे कम फीस केवल 6090 में छात्र-छात्राओं को रोजगार, स्वरोजगार से जोड़ता है। #vidisha @jansamparkmp

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 4, 2026

विश्व साइकिल दिवस पर निकली जागरूकता रैली, खिलाड़ियों और आमजन ने दिया स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण का संदेश 
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खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व साइकिल दिवस तीन जून के अवसर पर बुधवार को जिला खेल परिसर, स्टेडियम विदिशा से भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। प्रातः 7 बजे प्रारंभ हुई इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में आमजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
साइकिल रैली का शुभारंभ जिला खेल परिसर स्टेडियम से हुआ। रैली नीमताल, ओवरब्रिज, एसएटीआई, पीतलमील चौराहा, मंडी ओवरब्रिज, जयप्रकाश मंच माधवगंज, स्टेशन चौराहा तथा पुराना अस्पताल मार्ग से होते हुए पुनः जिला खेल परिसर पहुंचकर संपन्न हुई।

रैली के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति एवं जनजागरूकता से जुड़े नारों के साथ साइकिल चलाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ईंधन की बचत का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को नियमित व्यायाम, स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था।

जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों एवं नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपी जाटव, जिला क्रीड़ा अधिकारी (स्कूल शिक्षा विभाग) श्री प्रशांत रघुवंशी सहित खेल संघों के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री शैलेन्द्र सरभैया, श्री अवधेश दुबे, श्री रविकांत नामदेव, श्री लक्ष्मीनारायण पटेल, श्रीमती ज्योति ठाकुर, श्री ऋषभ विश्वकर्मा, श्री अजय चौहान, श्री योगेश धुर्वे, श्री संतोष शाक्य, श्री सोनू शाक्य, श्री धीरेन्द्र मिश्रा, श्री राकेश शर्मा सहित अनेक खिलाड़ी एवं खेल प्रशिक्षकों ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।

विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित इस रैली ने युवाओं एवं नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। 

Jansampark Madhya Pradesh 
#JansamparkMP #vidisha

विश्व साइकिल दिवस पर निकली जागरूकता रैली, खिलाड़ियों और आमजन ने दिया स्वास्थ्य व पर्यावरण संरक्षण का संदेश .. खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में विश्व साइकिल दिवस तीन जून के अवसर पर बुधवार को जिला खेल परिसर, स्टेडियम विदिशा से भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। प्रातः 7 बजे प्रारंभ हुई इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ी, छात्र-छात्राएं, प्रशिक्षक तथा बड़ी संख्या में आमजन उत्साहपूर्वक शामिल हुए। साइकिल रैली का शुभारंभ जिला खेल परिसर स्टेडियम से हुआ। रैली नीमताल, ओवरब्रिज, एसएटीआई, पीतलमील चौराहा, मंडी ओवरब्रिज, जयप्रकाश मंच माधवगंज, स्टेशन चौराहा तथा पुराना अस्पताल मार्ग से होते हुए पुनः जिला खेल परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने देशभक्ति एवं जनजागरूकता से जुड़े नारों के साथ साइकिल चलाते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, पर्यावरण संरक्षण तथा ईंधन की बचत का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को नियमित व्यायाम, स्वास्थ्य संवर्धन और पर्यावरण के प्रति जागरूक करना था। जिला खेल अधिकारी श्री प्रदीप सिंह रावत ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस रैली में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों एवं नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। उन्होंने कहा कि साइकिल का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री एसपी जाटव, जिला क्रीड़ा अधिकारी (स्कूल शिक्षा विभाग) श्री प्रशांत रघुवंशी सहित खेल संघों के पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में श्री शैलेन्द्र सरभैया, श्री अवधेश दुबे, श्री रविकांत नामदेव, श्री लक्ष्मीनारायण पटेल, श्रीमती ज्योति ठाकुर, श्री ऋषभ विश्वकर्मा, श्री अजय चौहान, श्री योगेश धुर्वे, श्री संतोष शाक्य, श्री सोनू शाक्य, श्री धीरेन्द्र मिश्रा, श्री राकेश शर्मा सहित अनेक खिलाड़ी एवं खेल प्रशिक्षकों ने सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया। विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित इस रैली ने युवाओं एवं नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का प्रभावी संदेश दिया। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

विदिशा में तेजस कार्यशाला का आयोजन, युवाओं और उद्यमियों को स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई विस्तृत जानकारी
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जिले के युवाओं एवं उद्यमियों को सशक्त बनाने तथा स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी (DPIIT), एम.पी. स्टार्टअप सेंटर तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, विदिशा के संयुक्त तत्वावधान में सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान (SATI) के कैलाश सत्यार्थी हॉल में TEJAS (Transforming Entrepreneurial Journeys Across States & Districts) जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
    
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन , विशेष अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति राकेश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री क्षितिज शर्मा, तथा अन्य अतिथियों की  उपस्थित में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।
    
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों तथा उद्यमियों को शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों एवं व्यवसायिक अवसरों की जानकारी प्रदान करना था। इस अवसर पर प्रतिभागियों को एम.पी. स्टार्टअप पॉलिसी, स्टार्टअप इंडिया रिकग्निशन, फंडिंग एवं निवेश के अवसर, मार्केट एक्सेस, निर्यात संवर्धन, GeM ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
    
कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी, एमपीआईडीसी, एम.पी. स्टार्टअप सेंटर एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने उद्यमिता विकास, नवाचार, व्यवसाय विस्तार तथा सरकारी सहायता योजनाओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों ने युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया तथा स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता एवं विपणन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।
    
कार्यशाला में एम.पी. स्टार्टअप सेंटर भोपाल के वरिष्ठ सलाहकार श्री शिवांशु पालिया, एमपीआईडीसी भोपाल के महाप्रबंधक श्री राहुल शर्मा, सेक्टर एक्सपर्ट श्री ईश पलटानी, डीपीआईआईटी के श्री रित्विक मल्होत्रा (वर्चुअल), ओडीओपी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री हरपित सिंह (वर्चुअल), जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विदिशा के महाप्रबंधक श्री अशोक श्रीवास्तव, आरसेटी निदेशक श्री फटीक चंद्र मेहली, आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री आलोक रावत, लीड बैंक मैनेजर श्री बी.एस. बघेल, स्टार्टअप नोडल अधिकारी एसएटीआई श्री दिव्य ऋषि सांई, इनक्यूबेशन हेड श्री ओमकार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
    
इसके अतिरिक्त जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की सहायक प्रबंधक श्रीमती जयंती कुमारी, सुश्री शिवानी सिंह एवं सुश्री रितु साहू सहित जिले के विभिन्न स्टार्टअप प्रतिनिधि, उद्यमी, विद्यार्थी एवं नवाचारकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेडमेप के जिला समन्वयक श्री दिनेश गावड़े ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक सुश्री शिवानी सिंह द्वारा किया गया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने व्यवसायिक विचारों, स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता, विपणन एवं निर्यात संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। कार्यक्रम ने युवाओं में उद्यमिता के प्रति उत्साह बढ़ाने तथा जिले में नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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विदिशा में तेजस कार्यशाला का आयोजन, युवाओं और उद्यमियों को स्टार्टअप एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई विस्तृत जानकारी .. जिले के युवाओं एवं उद्यमियों को सशक्त बनाने तथा स्टार्टअप इको सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार के स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी (DPIIT), एम.पी. स्टार्टअप सेंटर तथा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, विदिशा के संयुक्त तत्वावधान में सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान (SATI) के कैलाश सत्यार्थी हॉल में TEJAS (Transforming Entrepreneurial Journeys Across States & Districts) जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विदिशा विधायक श्री मुकेश टण्डन , विशेष अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रीति राकेश शर्मा, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री क्षितिज शर्मा, तथा अन्य अतिथियों की उपस्थित में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, नवाचारकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों तथा उद्यमियों को शासन की विभिन्न योजनाओं, प्रोत्साहन नीतियों एवं व्यवसायिक अवसरों की जानकारी प्रदान करना था। इस अवसर पर प्रतिभागियों को एम.पी. स्टार्टअप पॉलिसी, स्टार्टअप इंडिया रिकग्निशन, फंडिंग एवं निवेश के अवसर, मार्केट एक्सेस, निर्यात संवर्धन, GeM ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में स्टार्टअप इंडिया, डीपीआईआईटी, एमपीआईडीसी, एम.पी. स्टार्टअप सेंटर एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने उद्यमिता विकास, नवाचार, व्यवसाय विस्तार तथा सरकारी सहायता योजनाओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। विशेषज्ञों ने युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया तथा स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता एवं विपणन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया। कार्यशाला में एम.पी. स्टार्टअप सेंटर भोपाल के वरिष्ठ सलाहकार श्री शिवांशु पालिया, एमपीआईडीसी भोपाल के महाप्रबंधक श्री राहुल शर्मा, सेक्टर एक्सपर्ट श्री ईश पलटानी, डीपीआईआईटी के श्री रित्विक मल्होत्रा (वर्चुअल), ओडीओपी के वरिष्ठ प्रबंधक श्री हरपित सिंह (वर्चुअल), जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र विदिशा के महाप्रबंधक श्री अशोक श्रीवास्तव, आरसेटी निदेशक श्री फटीक चंद्र मेहली, आईटीआई के प्रशिक्षण अधिकारी श्री आलोक रावत, लीड बैंक मैनेजर श्री बी.एस. बघेल, स्टार्टअप नोडल अधिकारी एसएटीआई श्री दिव्य ऋषि सांई, इनक्यूबेशन हेड श्री ओमकार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की सहायक प्रबंधक श्रीमती जयंती कुमारी, सुश्री शिवानी सिंह एवं सुश्री रितु साहू सहित जिले के विभिन्न स्टार्टअप प्रतिनिधि, उद्यमी, विद्यार्थी एवं नवाचारकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन सेडमेप के जिला समन्वयक श्री दिनेश गावड़े ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन सहायक प्रबंधक सुश्री शिवानी सिंह द्वारा किया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने व्यवसायिक विचारों, स्टार्टअप पंजीयन, वित्तीय सहायता, विपणन एवं निर्यात संबंधी प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए। कार्यक्रम ने युवाओं में उद्यमिता के प्रति उत्साह बढ़ाने तथा जिले में नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026

सफलता की कहानी: प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भरता की ओर
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विदिशा के औलिंजा ग्राम की श्रीमती नर्वदी कुशवाह अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बनीं
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मध्यप्रदेश की मेहनती और प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती नर्वदी कुशवाह आज अपने गांव में प्राकृतिक खेती और महिला
सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि किसान प्रकृति के साथ जुड़कर खेती करे, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन के साथ आत्मनिर्भरता भी प्राप्त की जा सकती है।
     
ग्यारसपुर विकासखंड के ग्राम औलिंजा निवासी श्रीमती नर्वदी कुशवाह कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। इसके साथ ही वे कृष्णा स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और समूह के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदम -
    पहले उनके खेत में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग किया जाता था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी और मिट्टी की उर्वरता भी कम हो रही थी ATMA परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने का निर्णय लिया। आज वे अपने खेत में प्राकृतिक विधि से विभिन्न फसलों एवं सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग शुरू किया, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन लागत भी कम हुईं।

देशी गाय आधारित प्राकृतिक उत्पाद निर्माण -
   नर्बदी कुशवाह अपने घर पर देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कई जैविक उत्पाद तैयार करती हैं, जैसे- जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र। इन उत्पादों का उपयोग वे स्वयं अपनी खेती में करती हैं तथा अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराती हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गांव में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।

अन्य किसानों को कर रहीं जागरूक -
   वे केवल स्वयं प्राकृतिक खेती नहीं कर रहीं, बल्कि गाँव-गाँव जाकर अन्य किसानों को भी रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं किसानों को वे प्राकृतिक उत्पाद बनाने की विधि, कम लागत वाली खेती और मिट्टी संरक्षण के बारे में जानकारी देती हैं। उनकी प्रेरणा से कई किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

महिला समूह से आत्मनिर्भरता -
    कृष्णा स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद दीदी अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण और सहयोग दे रहीं हैं। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की राह दिखाई।

कम लागत अधिक लाभ -
   प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी खेती की लागत में कमी आईं है तथा गिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार हुआ है। अब उन्हें अपनी उपज के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं क्योंकि लोग रसायन मुक्त उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं।

प्रेरणादायक संदेश -
   प्राकृतिक खेती मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य तीनों के लिए लाभकारी है। "देशी गाय आधारित खेती किसानों को आत्मनिर्भर बना सकती है। "जब महिलाएँ खेती में नेतृत्व करती हैं, तब पूरा गाँव प्रगति करता है। "कम लागत और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग से खेती लाभकारी बन सकती है।

निष्कर्ष -
   श्रीमती नर्वदी कुशवाह की सफलता कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और प्राकृतिक खेती के प्रति विश्वास से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं ये आज अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बन चुकी हैं और अन्य किसानों को भी टिकाऊ एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। "प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, समृद्ध किसान और सुरक्षित भविष्य की दिशा है।

Jansampark Madhya Pradesh 
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सफलता की कहानी: प्राकृतिक खेती से आत्मनिर्भरता की ओर .. विदिशा के औलिंजा ग्राम की श्रीमती नर्वदी कुशवाह अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बनीं .. मध्यप्रदेश की मेहनती और प्रगतिशील महिला कृषक श्रीमती नर्वदी कुशवाह आज अपने गांव में प्राकृतिक खेती और महिला सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि किसान प्रकृति के साथ जुड़कर खेती करे, तो कम लागत में बेहतर उत्पादन के साथ आत्मनिर्भरता भी प्राप्त की जा सकती है। ग्यारसपुर विकासखंड के ग्राम औलिंजा निवासी श्रीमती नर्वदी कुशवाह कृषि विभाग की आत्मा परियोजना से जुड़कर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही हैं। इसके साथ ही वे कृष्णा स्वसहायता समूह की सक्रिय सदस्य हैं और समूह के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ते कदम - पहले उनके खेत में रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग किया जाता था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी और मिट्टी की उर्वरता भी कम हो रही थी ATMA परियोजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्राकृतिक खेती अपनाने का निर्णय लिया। आज वे अपने खेत में प्राकृतिक विधि से विभिन्न फसलों एवं सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग शुरू किया, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार हुआ और उत्पादन लागत भी कम हुईं। देशी गाय आधारित प्राकृतिक उत्पाद निर्माण - नर्बदी कुशवाह अपने घर पर देसी गाय के गोबर एवं गौमूत्र से प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले कई जैविक उत्पाद तैयार करती हैं, जैसे- जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र। इन उत्पादों का उपयोग वे स्वयं अपनी खेती में करती हैं तथा अन्य किसानों को भी उपलब्ध कराती हैं। उनके द्वारा तैयार किए गए उत्पाद गांव में काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। अन्य किसानों को कर रहीं जागरूक - वे केवल स्वयं प्राकृतिक खेती नहीं कर रहीं, बल्कि गाँव-गाँव जाकर अन्य किसानों को भी रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं किसानों को वे प्राकृतिक उत्पाद बनाने की विधि, कम लागत वाली खेती और मिट्टी संरक्षण के बारे में जानकारी देती हैं। उनकी प्रेरणा से कई किसान अब रासायनिक खेती छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। महिला समूह से आत्मनिर्भरता - कृष्णा स्वसहायता समूह से जुड़ने के बाद दीदी अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण और सहयोग दे रहीं हैं। प्राकृतिक खेती के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी आय बढ़ाई, बल्कि गाँव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की राह दिखाई। कम लागत अधिक लाभ - प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी खेती की लागत में कमी आईं है तथा गिट्टी की उर्वरता और जल धारण क्षमता में सुधार हुआ है। अब उन्हें अपनी उपज के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं क्योंकि लोग रसायन मुक्त उत्पादों को अधिक पसंद कर रहे हैं। प्रेरणादायक संदेश - प्राकृतिक खेती मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य तीनों के लिए लाभकारी है। "देशी गाय आधारित खेती किसानों को आत्मनिर्भर बना सकती है। "जब महिलाएँ खेती में नेतृत्व करती हैं, तब पूरा गाँव प्रगति करता है। "कम लागत और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग से खेती लाभकारी बन सकती है। निष्कर्ष - श्रीमती नर्वदी कुशवाह की सफलता कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और प्राकृतिक खेती के प्रति विश्वास से किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं ये आज अपने क्षेत्र में प्राकृतिक खेती की प्रेरक पहचान बन चुकी हैं और अन्य किसानों को भी टिकाऊ एवं लाभकारी खेती अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। "प्राकृतिक खेती केवल खेती की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, समृद्ध किसान और सुरक्षित भविष्य की दिशा है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 3, 2026