
हिमाचल में भांग की खेती की पॉलिसी लागू, किसानों को 1 हजार रुपये प्रति बीघा शुल्क पर मिलेगी अनुमति
कुल्लू। हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती को लेकर सरकार की पॉलिसी लागू होने के बाद अब किसानों को नियंत्रित एवं नियमानुसार इसकी खेती करने की अनुमति मिल सकेगी। कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि भांग के पौधे से दवाइयों, रस्सी, जूते, शॉल समेत सैकड़ों उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ने के साथ प्रदेश की आर्थिकी को भी मजबूती मिल सकती है।
सुंदर सिंह ठाकुर के अनुसार, निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत किसानों को 1 हजार रुपये प्रति बीघा शुल्क पर भांग की खेती की अनुमति दी जाएगी। सरकार की ओर से इसके लिए नीति तैयार की गई है, जिसके तहत खेती को नियंत्रित तरीके से बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि भांग को केवल नशे के रूप में देखने के बजाय इसके औद्योगिक और औषधीय उपयोग की संभावनाओं पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। भांग से तैयार होने वाले उत्पादों की बाजार में मांग है और इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
विधायक ने कहा कि भांग से दवाइयों के अलावा रस्सी, जूते, शॉल और कई अन्य उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। यदि किसान इन उत्पादों के लिए कच्चा माल उपलब्ध करवाने के साथ इससे जुड़े उद्योगों से जुड़ते हैं तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को इसका लाभ मिल सकता है।
हालांकि, भांग की खेती को लेकर लागू नियमों और लाइसेंसिंग व्यवस्था का पालन करना जरूरी होगा। नीति के तहत खेती की अनुमति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही दी जाएगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य भांग के औद्योगिक एवं औषधीय उपयोग को बढ़ावा देना और किसानों को आय का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध करवाना बताया जा रहा है। आने वाले समय में इसके प्रभाव और किसानों को मिलने वाले आर्थिक लाभ पर नजर रहेगी।
#HimachalPradesh #CannabisCultivation #BhangKiKheti #Kullu #SunderSinghThakur #Farmers #HimachalNews #UTHimachal #UniqueTodayNews