
लापता बोरिंग कर्मी का सुराग नहीं, पुलिस पर फूटा जनाक्रोश
चार दिन से परिवार बेहाल, थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन; ग्रामीण बोले—जल्द बरामद करो, नहीं तो होगा उग्र आंदोलन
)भीलवाडा (महेन्द्र नागौरी) जिल्रे के बनेड़ा थाना क्षेत्र के लसाड़िया गांव निवासी 55 वर्षीय बोरिंग कर्मी नारायण पुत्र अमरचंद गुर्जर के चार दिन से रहस्यमय ढंग से लापता होने से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। नारायण का अब तक कोई सुराग नहीं मिलने पर सोमवार को महिलाओं सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने बनेड़ा थाने का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परिजनों ने बताया कि नारायण झुंझुनूं जिले के खिड़ावा क्षेत्र में बोरिंग मशीन पर मजदूरी करता था। 31 जुलाई की शाम करीब 7:40 बजे वह अपने गांव के लिए रवाना हुआ था, लेकिन घर नहीं पहुंचा। लगातार संपर्क करने पर उसका मोबाइल बंद मिला, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस जांच में मोबाइल की अंतिम लोकेशन जयपुर के ए-7 सी स्कीम क्षेत्र में मिली। 1 अगस्त की सुबह कुछ देर के लिए मोबाइल चालू हुआ, लेकिन किसी कॉल का जवाब नहीं मिला। इस बीच मोबाइल से हुए संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन ने मामले को और उलझा दिया, जिससे परिजनों और ग्रामीणों में किसी अनहोनी की आशंका गहरा गई।
चार दिन बाद भी कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों ने थाने के बाहर धरना देकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही नारायण की सकुशल बरामदगी नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि साइबर सेल की सहायता से मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जयपुर पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर अलग-अलग टीमें तलाश में जुटी हैं। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए, लेकिन पूरे क्षेत्र की निगाहें अब नारायण की सुरक्षित बरामदगी पर टिकी हैं।