
CJI सूर्यकांत परिवार संग पहुंचे केदारनाथ और बद्रीनाथ, उत्तराखंड दौरे पर किए दर्शन-पूजन
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत इन दिनों उत्तराखंड के धार्मिक दौरे पर हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने परिवार सहित देश के दो प्रमुख तीर्थस्थलों केदारनाथ धाम और बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्य न्यायाधीश की इस यात्रा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह सतर्क रहीं।
परिवार के साथ किए बाबा केदारनाथ के दर्शन
उत्तराखंड पहुंचने के बाद CJI सूर्यकांत सबसे पहले केदारनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में उन्होंने कुछ समय बिताया तथा देश की सुख-समृद्धि और न्याय व्यवस्था की मजबूती के लिए प्रार्थना की।
इस दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालुओं ने मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया और उनकी यात्रा को लेकर खुशी जाहिर की।
ITBP के डीजी भी रहे मौजूद
केदारनाथ यात्रा के दौरान भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक भी उनके साथ मौजूद रहे। हिमालयी क्षेत्रों में स्थित चारधाम यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियों ने मुख्य न्यायाधीश की यात्रा को देखते हुए विशेष प्रबंध किए थे।
बद्रीनाथ धाम के लिए हुए रवाना
केदारनाथ में दर्शन के बाद CJI सूर्यकांत बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हुए। बद्रीनाथ पहुंचकर उन्होंने भगवान बद्रीविशाल के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। बद्रीनाथ धाम हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है और हर वर्ष लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
चारधाम यात्रा के बीच विशेष महत्व
मुख्य न्यायाधीश की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पूरे उत्साह के साथ चल रही है। केदारनाथ और बद्रीनाथ दोनों धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में देश के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश का इन पवित्र धामों में पहुंचना चर्चा का विषय बना हुआ है।
आध्यात्मिक आस्था का संदेश
CJI सूर्यकांत की यह यात्रा केवल एक आधिकारिक दौरा नहीं बल्कि उनकी व्यक्तिगत धार्मिक आस्था का भी प्रतीक मानी जा रही है। देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन होने के बावजूद उन्होंने परिवार के साथ समय निकालकर हिमालय की गोद में स्थित इन पवित्र धामों में दर्शन किए और आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
Chapra, Saran | Jun 3, 2026