
बेलगाम बजरी माफिया के आगे बेबस सिस्टम, ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ली सरकारी कर्मचारी की जान
अवैध बजरी परिवहन पर लगाम नहीं, एक और परिवार उजड़ा; हादसे के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
भीलवाड़ा( महेंद्र नागोरी)जिले में अवैध बजरी परिवहन का खौफ एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। सोमवार सुबह बीगोद क्षेत्र में तेज रफ्तार बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने भीलवाड़ा कलेक्टरेट में कार्यरत कर्मचारी रघुनाथ सिंह राठौड़ (59) को कुचल दिया। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाए गए राठौड़ ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका जिला अस्पताल में उपचार जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध बजरी परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, राजपूत कॉलोनी (सवला जी का खेड़ा) निवासी रघुनाथ सिंह राठौड़ सोमवार सुबह बाइक से कलेक्टरेट में ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। बीगोद क्षेत्र में कंजर कॉलोनी के पास सामने से तेज गति से आ रही बजरी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राठौड़ गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसी दौरान सड़क किनारे पैदल जा रही सीता पत्नी रामचंद्र कंजर भी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों घायलों को तत्काल बीगोद अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उपचार के दौरान रघुनाथ सिंह राठौड़ ने दम तोड़ दिया, जबकि महिला की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है तथा फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। वहीं, हादसे के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जिले में लंबे समय से अवैध बजरी से भरे वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद अवैध बजरी परिवहन पर अंकुश नहीं लग पाने से आमजन में रोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो शायद एक और परिवार उजड़ने से बच जाता। अब इस दर्दनाक हादसे ने प्रशासन की कार्यशैली, निगरानी व्यवस्था और अवैध बजरी माफिया पर नियंत्रण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।