
पश्चिम बंगाल की राजनीति में विपक्ष की भूमिका और अनुशासन को लेकर मंत्री Dilip Ghosh ने कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना साधा है।
न्यूटाउन में मीडिया से बातचीत के दौरान दिलीप घोष ने कहा कि जो विधायक अभी तक विधानसभा नहीं पहुंचे, उन्हें निलंबित करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह कैसी पार्टी और कैसा अनुशासन है। उन्होंने यह भी कहा कि जो दल लंबे समय तक सत्ता में रहे, उनसे ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं की जाती।
दिलीप घोष ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और पश्चिम बंगाल के लोगों ने इन दलों के शासन को लंबे समय तक झेला है। उनका बयान राज्य विधानसभा में विपक्षी दलों के कुछ विधायकों की अनुपस्थिति और उससे जुड़े विवाद के संदर्भ में आया है।
राजनीतिक संदर्भ
पश्चिम बंगाल विधानसभा में सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress (टीएमसी) और विपक्षी दलों के बीच लगातार राजनीतिक टकराव देखने को मिलता रहा है।
भाजपा नेताओं का आरोप है कि विपक्षी दल संगठनात्मक रूप से कमजोर हो गए हैं और सदन में प्रभावी भूमिका नहीं निभा पा रहे हैं।
दूसरी ओर विपक्षी दल अक्सर सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हैं।
दिलीप घोष का यह बयान आगामी राजनीतिक गतिविधियों और विधानसभा सत्रों के बीच विपक्ष की कार्यशैली पर एक राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है।
Chapra, Saran | Jun 2, 2026