
गाजियाबाद जैसी घटनाओं पर सख्ती जरूरी, कट्टरपंथी मानसिकता पर भी हो कार्रवाई : आलोक कुमार
राजसमंद, 2 जून। आलोक कुमार ने गाजियाबाद में नाबालिग हिंदू युवक सूर्य चौहान की हत्या समेत हाल के वर्षों में सामने आई कई हिंसक घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं केवल सामान्य अपराध नहीं हैं, बल्कि समाज में बढ़ रही कट्टरपंथी और हिंसक मानसिकता का संकेत हैं। उन्होंने कहा कि सरकार, प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगानी होगी।
राजसमंद में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गाजियाबाद, दिल्ली, उदयपुर और महाराष्ट्र की कुछ घटनाओं में धार्मिक पहचान के आधार पर हिंसा और वैमनस्य की समान प्रवृत्ति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों और सामाजिक संबंधों तक में यदि कट्टरता प्रवेश कर जाए तो यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि हिंसा, आतंक और कट्टरवाद का आधुनिक समाज में कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि ऐसी सोच को वैचारिक समर्थन देने वालों पर भी सामाजिक और कानूनी स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में तथाकथित सेक्युलर समूह, मानवाधिकार संगठन और कुछ राजनीतिक दल चयनात्मक प्रतिक्रिया देते हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने सभी धार्मिक नेताओं, सामाजिक संगठनों और सरकारों से हिंसक मानसिकता के खिलाफ एकजुट होकर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की।
आलोक कुमार ने हिंदू समाज से संगठित, सजग और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि शांति और सद्भाव तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब समाज हिंसा करने वालों के साथ-साथ उनके समर्थकों और मौन दर्शकों को भी जवाबदेह ठहराए।
इस दौरान उन्होंने राजस्थान सरकार से राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की मांग भी की। साथ ही केंद्र सरकार से अनुसूचित जनजाति वर्ग में धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर वर्तमान प्रावधानों की समीक्षा करने का आग्रह किया।