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Ganganagar Police फार्मा कंपनी का डीलर बनकर नशे की तस्करी, फिर खुद ही बनाने लगा नकली दवा, पुलिस ने कसा शिकंजा संगरिया की आवाज़। #Fake_Drug_Racket नशा तस्कर अश्विनी शर्मा के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। श्रीगंगानगर शहर सदर पुलिस पहले से ही 4.68 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामदगी के मामले में उसकी तलाश कर रही है। वहीं सोमवार को इसी आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश स्थित विनमैक्स हेल्थकेयर फर्म के संचालक शशिभूषण काजल ने अपनी फर्म के नाम और ब्रांड का कथित रूप से दुरुपयोग कर नकली एवं कथित नशीली दवाइयों के निर्माण और बिक्री का आरोप लगाते हुए सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। फार्मा कंपनी संचालक ने दर्ज कराया मामला हरियाणा के पानीपत निवासी एवं विनमैक्स हेल्थकेयर के संचालक शशिभूषण काजल पुत्र धर्मपाल ने अपनी रिपोर्ट में श्रीगंगानगर निवासी अश्वनी शर्मा, जेएमडी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर इकबाल सिंह तथा अन्य व्यक्तियों पर उनकी फर्म के नाम से कथित रूप से नकली एवं नशीली दवाइयों का निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई के बाद बंद की दवा सप्लाई रिपोर्ट में काजल ने बताया कि उनकी फर्म विनमैक्स हेल्थकेयर, विलेज जोहरान, त्रिलोकपुर रोड, कालाआंब, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) स्थित है, जो 4 मार्च 2025 को ड्रग्स विभाग नाहन में पंजीकृत हुई थी और 3 मार्च 2030 तक वैध है। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2017-18 से अश्विनी शर्मा को जानते हैं। आरोप है कि बाद में शर्मा एवं उसके पिता के खिलाफ नकली दवाइयों के मामले में कार्रवाई होने के बाद उन्होंने उससे संपर्क समाप्त कर लिया था। शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 में शर्मा ने पुनः संपर्क कर जेएमडी ट्रेडर्स के नाम से दवा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संपर्क कर दवाइयां मंगवानी शुरू कर दीं। शशिभूषण काजल का आरोप है कि उन्होंने 10 मई 2025 से 29 जनवरी 2026 तक करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की 35 लाख टैबलेट और कैप्सूल बेचे, जिनमें से लगभग 80 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त हुआ, जबकि करीब 20 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। खुद की बनाने लगा नकली दवा रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अश्वनी शर्मा ने विनमैक्स हेल्थकेयर के नाम से कथित रूप से नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में बेचीं। इस संबंध में शशी भूषण काजल ने 2 अप्रैल 2026 को ड्रग्स विभाग अंबाला कैंट में शिकायत की थी, जिसके बाद विभाग ने जेएमडी ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई कर निरीक्षण किया तथा सैंपल लिए। परिवादी ने बताया कि उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को औषधि नियंत्रण विभाग श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं सिरसा को भी शिकायत भेजी थी। कंपनी संचालक बोला, ऐसे किया फर्जीवाड़ा शशी भूषण काजल का दावा है कि संबंधित बैच नंबरों की दवाइयां उन्होंने वैध बिलों के माध्यम से विभिन्न फर्मों को बेच दी थीं तथा प्रकरण में बरामद दवाइयां उनकी फर्म की नहीं हैं। उनका आरोप है कि उनकी फर्म के नाम, पैकेजिंग और ब्रांड का प्रतिरूपण कर फर्जी तरीके से नकली दवाइयों का निर्माण और विक्रय किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अश्विनी शर्मा, इकबाल सिंह एवं अन्य व्यक्तियों ने कथित रूप से उनकी फर्म की प्रतिष्ठा धूमिल करने, अनुचित लाभ अर्जित करने तथा आमजन को भ्रमित करने के उद्देश्य से यह षड्यंत्र रचा। मामले की जांच निरीक्षक सुभाष चन्द्र को सौंपी गई है। संगरिया की आवाज़ Government of Rajasthan Rajasthan Police Hanumangarh Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Igp Bikaner

Sangaria, Hanumangarh | Jun 23, 2026

MORE NEWS

Hanumangarh Police 
यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
50 ऑटो-रिक्शा जब्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 चालकों सहित 71 वाहनों को किया सीज
संगरिया की आवाज़। 
हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना  के निर्देशानुसार यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 ऑटो एवं रिक्शा सहित कुल 73 वाहनों को सीज किया। कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, फिटनेस, परमिट तथा चालकों की वैधता की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया।
थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि अभियान के दौरान 13 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन सीज किए गए। इसके अलावा 8 वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के सड़क पर संचालित होते पाए गए, उन्हें भी सीज किया।
उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अभियान के दौरान कुल 50 ऑटो एवं रिक्शा विभिन्न अनियमितताओं के कारण जब्त किए गए। इनमें कई वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों, बिना वैध परमिट तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। नियमों की पालना से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
संगरिया की आवाज़ 
Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner

Hanumangarh Police यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई 50 ऑटो-रिक्शा जब्त, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 13 चालकों सहित 71 वाहनों को किया सीज संगरिया की आवाज़। हनुमानगढ़। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना के निर्देशानुसार यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यातायात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 ऑटो एवं रिक्शा सहित कुल 73 वाहनों को सीज किया। कार्रवाई से नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों और व्यस्त मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान वाहनों के दस्तावेज, नंबर प्लेट, फिटनेस, परमिट तथा चालकों की वैधता की जांच की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आया। थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि अभियान के दौरान 13 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। ऐसे चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उनके वाहन सीज किए गए। इसके अलावा 8 वाहन बिना नंबर प्लेट, बिना पंजीकरण अथवा आवश्यक दस्तावेजों के सड़क पर संचालित होते पाए गए, उन्हें भी सीज किया। उन्होंने बताया कि शहर में बढ़ती यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। अभियान के दौरान कुल 50 ऑटो एवं रिक्शा विभिन्न अनियमितताओं के कारण जब्त किए गए। इनमें कई वाहन बिना आवश्यक दस्तावेजों, बिना वैध परमिट तथा अन्य नियमों का उल्लंघन करते हुए संचालित पाए गए। सभी वाहनों को नियमानुसार सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं तथा वाहन के सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें। नियमों की पालना से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। संगरिया की आवाज़ Rajasthan Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Ganganagar Police Igp Bikaner

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

आओ स्कूल चले

आओ स्कूल चले

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

स्मार्ट सिटी संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़

स्मार्ट सिटी संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी! संगरिया की आवाज़। आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए। वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा। गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं। अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था? खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है। सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे। जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏 Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️ संगरिया की आवाज़

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

#स्मार्ट_सिटी_संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी!
संगरिया की आवाज़। 

आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए।
वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है।
बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा।
गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं।
अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था?
खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है।
सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे।
जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏
Vijay Singh Beniwal  ✍️🖋️
संगरिया की आवाज़

#स्मार्ट_सिटी_संगरिया का "महान" सायफन: पांच साल की तपस्या के बाद गंदे पानी को मिली आज़ादी! संगरिया की आवाज़। आख़िरकार वह ऐतिहासिक दिन आ ही गया, जिसका इंतज़ार वार्ड नंबर 25 के लोगों ने शायद उतनी बेसब्री से नहीं किया होगा, जितनी किसी सरकार को अपने अधूरे वादे पूरे करने की करनी चाहिए। वार्ड नंबर 25 में गंदे पानी की निकासी के लिए बना सायफन अब चालू हो गया है। अब यह पानी वार्ड नंबर 23 से होकर धनवंतरी गौशाला के आगे खाली स्थान तक पहुंच सकेगा। सुनने में यह सामान्य प्रशासनिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसकी कहानी किसी महाकाव्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि यह कार्य वर्ष 2021 में ही पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहां विकास से पहले राजनीति और जनता से पहले प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाता है। नतीजा यह हुआ कि एक जनहित का काम वर्षों तक फाइलों, विवादों और राजनीतिक अहंकार की भेंट चढ़ा रहा। गंदा पानी बेचारा पांच साल तक सोचता रहा होगा कि उसका आखिर कसूर क्या है? वह निकलना चाहता था, लेकिन राजनीति की दीवारें उससे कहीं ज्यादा मजबूत निकलीं। पानी का बहाव तो प्रकृति का नियम है, मगर हमारे यहां राजनीतिक रुकावटें न्यूटन के नियमों से भी ज्यादा प्रभावशाली साबित हो जाती हैं। अब जब सायफन का शुभारंभ हुआ है तो जनता को यह समझ नहीं आ रहा कि खुशी मनाए या यह पूछे कि जिस काम को कुछ महीनों में पूरा होना था, उसके लिए पांच साल क्यों लग गए? कहीं ऐसा तो नहीं कि गंदे पानी की निकासी से पहले कुछ लोगों के मन का "राजनीतिक जाम" खुलना जरूरी था? खैर, देर आए दुरुस्त आए। अब कम से कम गंदे पानी को तो आज़ादी मिल गई। उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में विकास कार्यों का रास्ता भी इतना ही साफ़ रहे, जितना साफ़ रखने का दावा हर चुनाव में किया जाता है। सायफन के शुभारंभ अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष Pradeep Beniwal , राजेश डोडा , मंगत स्वामी, हाकम छिंपा, विनोद पांडर सहित वार्डवासी उपस्थित रहे। जनता की ओर से बस एक विनम्र निवेदन है— अगली बार गंदे पानी की निकासी का काम हो तो उसे राजनीति में मत बहाइए, नालियों में ही बहने दीजिए। 😏 Vijay Singh Beniwal ✍️🖋️ संगरिया की आवाज़

Sangaria, Hanumangarh | Jun 22, 2026

#रोटेरी_क्लब_संगरिया द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन स्वर्गीय पुनीत जैन व स्वर्गीय नव्या जैन की स्मृति में लगाया गया
संगरिया की आवाज़। 
 ये बच्चे हमारे सीनियर मेंबर पवन जैन के पुत्र व पुत्रवधू थे उनकी याद में प्रत्येक वर्ष ये कैंप लगाया जाता है जिसमें शहर के व्यापारी उनके दोस्त व मजूदर सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिसमें सुनील व सुमन वर्मा पति पत्नी और केवल कृष्ण व समिता जैन पति पत्नी ने रक्तदान किया कुल 60 यूनिट रक्त दान हुआ रोटरी अध्यक्ष विजय कमीरिया सचिव जितेंद्र ऐरी सहित क्लब मेंबर्स पवन सेठी, पवन जैन, पुरुषोत्तम मांव, विनोद सोनी, राकेश चकती, अर्जुन अंगी, राजेंद्र बंसल मोहित नागौरी अमित बागला ने सेवाएं दी । इस कैंप में बहुत से ऐसे भी डोनर थे जिन्होंने एक से ज्यादा बार रक्तदान किया जिसमें रंजीव मरेजा द्वारा 62वां रक्तदान किया गया । इस कैंप में तपोवन ब्लड बैंक द्वारा सेवाएं दी गई जिसके प्रभारी विनोद कुमार थे
इस कैंप में क्लब मेंबर्स जितेंद्र ऐरी, पवन जैन, विनोद सोनी, राकेश चकती ने भी रक्त दान किया
संगरिया की आवाज़ 
District Collector & Magistrate - Hanumangarh

#रोटेरी_क्लब_संगरिया द्वारा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन स्वर्गीय पुनीत जैन व स्वर्गीय नव्या जैन की स्मृति में लगाया गया संगरिया की आवाज़। ये बच्चे हमारे सीनियर मेंबर पवन जैन के पुत्र व पुत्रवधू थे उनकी याद में प्रत्येक वर्ष ये कैंप लगाया जाता है जिसमें शहर के व्यापारी उनके दोस्त व मजूदर सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं जिसमें सुनील व सुमन वर्मा पति पत्नी और केवल कृष्ण व समिता जैन पति पत्नी ने रक्तदान किया कुल 60 यूनिट रक्त दान हुआ रोटरी अध्यक्ष विजय कमीरिया सचिव जितेंद्र ऐरी सहित क्लब मेंबर्स पवन सेठी, पवन जैन, पुरुषोत्तम मांव, विनोद सोनी, राकेश चकती, अर्जुन अंगी, राजेंद्र बंसल मोहित नागौरी अमित बागला ने सेवाएं दी । इस कैंप में बहुत से ऐसे भी डोनर थे जिन्होंने एक से ज्यादा बार रक्तदान किया जिसमें रंजीव मरेजा द्वारा 62वां रक्तदान किया गया । इस कैंप में तपोवन ब्लड बैंक द्वारा सेवाएं दी गई जिसके प्रभारी विनोद कुमार थे इस कैंप में क्लब मेंबर्स जितेंद्र ऐरी, पवन जैन, विनोद सोनी, राकेश चकती ने भी रक्त दान किया संगरिया की आवाज़ District Collector & Magistrate - Hanumangarh

Sangaria, Hanumangarh | Jun 21, 2026

Ganganagar Police फार्मा कंपनी का डीलर बनकर नशे की तस्करी, फिर खुद ही बनाने लगा नकली दवा, पुलिस ने कसा शिकंजा संगरिया की आवाज़। #Fake_Drug_Racket नशा तस्कर अश्विनी शर्मा के खिलाफ कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। श्रीगंगानगर शहर सदर पुलिस पहले से ही 4.68 लाख नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामदगी के मामले में उसकी तलाश कर रही है। वहीं सोमवार को इसी आरोपी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। हिमाचल प्रदेश स्थित विनमैक्स हेल्थकेयर फर्म के संचालक शशिभूषण काजल ने अपनी फर्म के नाम और ब्रांड का कथित रूप से दुरुपयोग कर नकली एवं कथित नशीली दवाइयों के निर्माण और बिक्री का आरोप लगाते हुए सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। फार्मा कंपनी संचालक ने दर्ज कराया मामला हरियाणा के पानीपत निवासी एवं विनमैक्स हेल्थकेयर के संचालक शशिभूषण काजल पुत्र धर्मपाल ने अपनी रिपोर्ट में श्रीगंगानगर निवासी अश्वनी शर्मा, जेएमडी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर इकबाल सिंह तथा अन्य व्यक्तियों पर उनकी फर्म के नाम से कथित रूप से नकली एवं नशीली दवाइयों का निर्माण, भंडारण, परिवहन और विक्रय करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई के बाद बंद की दवा सप्लाई रिपोर्ट में काजल ने बताया कि उनकी फर्म विनमैक्स हेल्थकेयर, विलेज जोहरान, त्रिलोकपुर रोड, कालाआंब, तहसील नाहन, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश) स्थित है, जो 4 मार्च 2025 को ड्रग्स विभाग नाहन में पंजीकृत हुई थी और 3 मार्च 2030 तक वैध है। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2017-18 से अश्विनी शर्मा को जानते हैं। आरोप है कि बाद में शर्मा एवं उसके पिता के खिलाफ नकली दवाइयों के मामले में कार्रवाई होने के बाद उन्होंने उससे संपर्क समाप्त कर लिया था। शिकायत के अनुसार वर्ष 2025 में शर्मा ने पुनः संपर्क कर जेएमडी ट्रेडर्स के नाम से दवा कारोबार शुरू करने की जानकारी दी और विभिन्न मोबाइल नंबरों से संपर्क कर दवाइयां मंगवानी शुरू कर दीं। शशिभूषण काजल का आरोप है कि उन्होंने 10 मई 2025 से 29 जनवरी 2026 तक करीब एक करोड़ रुपए मूल्य की 35 लाख टैबलेट और कैप्सूल बेचे, जिनमें से लगभग 80 लाख रुपए का भुगतान प्राप्त हुआ, जबकि करीब 20 लाख रुपये अभी भी बकाया हैं। खुद की बनाने लगा नकली दवा रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अश्वनी शर्मा ने विनमैक्स हेल्थकेयर के नाम से कथित रूप से नकली दवाइयां तैयार कर बाजार में बेचीं। इस संबंध में शशी भूषण काजल ने 2 अप्रैल 2026 को ड्रग्स विभाग अंबाला कैंट में शिकायत की थी, जिसके बाद विभाग ने जेएमडी ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर कार्रवाई कर निरीक्षण किया तथा सैंपल लिए। परिवादी ने बताया कि उन्होंने 16 अप्रैल 2026 को औषधि नियंत्रण विभाग श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ एवं सिरसा को भी शिकायत भेजी थी। कंपनी संचालक बोला, ऐसे किया फर्जीवाड़ा शशी भूषण काजल का दावा है कि संबंधित बैच नंबरों की दवाइयां उन्होंने वैध बिलों के माध्यम से विभिन्न फर्मों को बेच दी थीं तथा प्रकरण में बरामद दवाइयां उनकी फर्म की नहीं हैं। उनका आरोप है कि उनकी फर्म के नाम, पैकेजिंग और ब्रांड का प्रतिरूपण कर फर्जी तरीके से नकली दवाइयों का निर्माण और विक्रय किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि अश्विनी शर्मा, इकबाल सिंह एवं अन्य व्यक्तियों ने कथित रूप से उनकी फर्म की प्रतिष्ठा धूमिल करने, अनुचित लाभ अर्जित करने तथा आमजन को भ्रमित करने के उद्देश्य से यह षड्यंत्र रचा। मामले की जांच निरीक्षक सुभाष चन्द्र को सौंपी गई है। संगरिया की आवाज़ Government of Rajasthan Rajasthan Police Hanumangarh Police संगरिया पुलिस Bikaner Police Igp Bikaner - Sangaria News