
फिरोजाबाद मुहर्रम आयोजनों के क्रम में 23 जून मंगलवार को मुहर्रम की सातवीं तारीख पर प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा परिसर में जनपद के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से समस्त अकीदतमंद मेहंदियां पेश करेंगे। मुहर्रम इंतजामिया कमेटी के अध्यक्ष व शाही बड़ा इमामबाड़ा कार्यक्रमों के सह संयोजक मुहम्मद उमर फारूक ने बताया कि पूरे जनपद में मेंहदियाँ चढ़ाए जाने का कार्यक्रम एक मात्र प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में ही आयोजित किया जाता है, जिसमे हजारों की संख्या में श्रद्धालु जन शामिल होते हैं। विशेष तौर पर महिलाएं व बच्चों की संख्या ज्यादा होती है। अकीदतमंद प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में मेहंदिया चढ़ाने के साथ ही खुदा से मानने मांगते हैं तथा शाही बड़ा इमामबाड़ा परिसर में स्थित खास हुजरो में मोजूद अष्ठधातुओं से निर्मित अलमों की जियारत कर हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम व शोहदा ए करबला को खिराजे अकीदत पेश करेंगे। प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा कमेटी की जानिब से लंगर का आयोजन निरंतर किया जाएगा। प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा परिसर में मुहर्रम की सातवीं तारीख के कार्यक्रम का आगाज़ सायं 06:00 बजे शाही बड़ा इमामबाड़ा के अध्यक्ष व कार्यक्रमों के आयोजक शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली द्वारा परंपरागत व विधिवत रूप से सर्व प्रथम मेहंदी पेश कर किया जाएगा, तदोपरांत कार्यक्रम की शुरुआत होगी। जोकि देर रात्रि 03:00 बजे तक निरंतर जारी रहेगा। वही मेहंदी का जुलूस अपने तय शुदा रास्तों से होकर रात्रि लगभग 11:00 बजे प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा पर आकर समाप्त होगा। पूर्व अध्यक्ष दिलशाद अली राजू ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है की प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में अकीदतमंदो की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तथा शरारती व आसमाजिक तत्वों पर निगाह रखने के लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामात किए जाए, ताकि किसी तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
शहर काजी ने प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में हावी अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी।।
शहर काजी सैय्यद शाहनियाज अली ने प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में हावी अव्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा में मुहर्रम माह में प्रमुख कार्यक्रमों का आयोजन होते हैं तथा समस्त जनपद में जियारत (दर्शन) का कार्यक्रम भी प्रमुख रूप से बड़ा इमामबाड़ा पर ही आयोजित किए जाते हैं जोकि परंपरागत कार्यक्रम हैं, परंतु नगर निगम प्रशासन द्वारा प्राचीन शाही बड़ा इमामबाड़ा को लगातार नजर अंदाज किया जा रहा है। जहां सबसे बड़ी समस्या पेयजलापूर्ति है। मुहर्रम पर जगह जगह सबील (प्याऊ) लगाई जाती है, परंतु पेयजल लाइन में विशुद्ध तथा काला रंग का दूषित पानी आ रहा है। जिसको मेरे द्वारा अगस्त 2025 से निरंतर जलकल विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा रहा है। जिसके संबंध में मेरे द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया, परंतु समस्या जस की तस बनी हुई है। ताजिये रखे जाने वाले स्थल तक क्षतिग्रस्त पड़े हैं, उसकी भी मरम्मत नहीं हो सकी। बड़ा इमामबाड़ा तथा आस पास की स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। शाही बड़ा इमामबाड़ा में आने वाले बेशुमार श्रद्धालुओं के लिए नगर निगम ने कोई भी व्यवस्था नहीं की। नगर निगम प्रशासन का यह रवैया अच्छा नहीं है। मात्र कागजी कार्रवाई की जा रही है। शहर काजी ने कहा कि हमारे द्वारा सभी को पत्राचार किया गया है, फिर भी कोई समस्या का हल नहीं किया गया। जिस पर शहर काजी ने सख्त नाराजगी जताई है। शहर क़ाज़ी सैय्यद शाहनियाज़ अली ने जिलाधिकारी और नगर आयुक्त से इस ओर गंभीरता के साथ संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की मांग की है।