
पिपलिया मंडी में मोबाइल सिम के नाम पर फर्जीवाड़े का आरोप, गरीब ग्राहकों के नाम पर निकालकर तस्करों को बेचने का खुलासा
#पिपलियामंडी। नगर में मोबाइल सिम के नाम पर कथित फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक मोबाइल सिम विक्रेता दुकान पर सिम लेने आने वाले गरीब और अनजान ग्राहकों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक सिम के बजाय दो या उससे अधिक सिम जारी करवा लेता था। बाद में इन अतिरिक्त सिमों को कथित रूप से तस्करों को मोटी रकम लेकर बेच दिया जाता था। बताया जा रहा है कि यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा था। हाल ही में राजस्थान के जोधपुर में पुलिस की दबिश के बाद इस नेटवर्क से जुड़े तार सामने आने लगे। जांच के दौरान पिपलिया मंडी के एक सिम विक्रेता द्वारा एक युवक के नाम पर बड़ी संख्या में मोबाइल सिम जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
*एक युवक के नाम पर 37 सिम जारी होने से खुला मामला*
मामले का खुलासा तब हुआ जब संबंधित युवक ने ऑनलाइन माध्यम से अपने नाम पर जारी मोबाइल सिम की जानकारी प्राप्त की। जानकारी देखकर उसके होश उड़ गए, क्योंकि उसके नाम पर एक-दो नहीं बल्कि 37 मोबाइल सिम जारी होना सामने आया। युवक ने जब इसकी जानकारी जुटाई तो कथित रूप से सिम विक्रेता द्वारा उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग किए जाने की आशंका सामने आई।
20 से 50 हजार रुपए में सिम बेचने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, अतिरिक्त रूप से जारी की गई सिम को कथित तौर पर तस्करों को 10 हजार से 50 हजार रुपए तक में बेचने की बात सामने आ रही है। इन सिम का इस्तेमाल तस्करों द्वारा एक-दूसरे से संपर्क करने तथा पुलिस और जांच एजेंसियों से बचने के लिए किए जाने की आशंका है।
*मामले ने मोबाइल सिम जारी करने की प्रक्रिया और*
दस्तावेजों के सत्यापन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी ग्राहक के नाम पर उसकी जानकारी के बिना दर्जनों सिम जारी हो रहे हैं तो यह न केवल गंभीर साइबर सुरक्षा का मामला है, बल्कि संबंधित व्यक्ति के लिए भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण भी बन सकता है।
*जांच हुई तो सामने आ सकता है बड़ा नेटवर्क*
फिलहाल पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर अतिरिक्त सिम जारी की गईं और इनमें से कितनी सिम तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल हुईं। पुलिस द्वारा सिम विक्रेता, सिम जारी करने की प्रक्रिया तथा संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच की जाए तो पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
मामले ने पिपलिया मंडी क्षेत्र में मोबाइल सिम की बिक्री और केवाईसी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस और संबंधित दूरसंचार कंपनियों की जांच पर लोगों की नजर है।