
प्रेस विज्ञप्ति 423, आज दिनांक 03.06.2026 किशनगंज जिला की जीविका दीदियाँ चला रही महानंदा टी फैक्ट्री
किशनगंज जिला अन्तर्गत जीविका दीदियाँ इस सीजन अब तक एक लाख किलो महानंदा लीफ चायपत्ती का उत्पादन कर चुकी हैं। पिछले वर्ष बिहार सरकार कैबिनेट से टी फैक्ट्री मिलने के बाद यह महानंदा लीफ चायपत्ती उत्पादन का दूसरा सीजन है. इसके लिए किसानों से इस सीजन अब तक लगभग 5 लाख 22 हजार किलोग्राम हरा चायपत्ता की खरीद की गई है. महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड, द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में इस सीजन महानंदा लीफ चायपत्ती का उत्पादन कार्य किया जा रहा है। जीविका डीपीएम अनुराधा चंद्रा ने बताया कि महानंदा एफ.पी.सी. की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने इस सीजन दस लाख किलो चायपत्ती उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित महानंदा लीफ चायपत्ती किशनगंज की पहचान बन रही है। पिछले सीजन डेढ़ लाख किलो चायपत्ती तैयार की गई थी। सारी चायपत्ती कि बिक्री हो चुकी है। जीविका सामुदायिक संगठन, संकुल संघ, किसान उत्पादक समूह, ग्रामीण बाजार इत्यादि के माध्यम से महानंदा लीफ चायपत्ती कि बिक्री की जा रही है. साथ ही महानंदा लीफ चायपत्ती ई मार्केटिंग साईट अमेजन पर भी बिक्री के लिए उपलब्ध है. पिछले सीजन महानंदा लीफ चायपत्ती की बिक्री से लगभग 2 करोड़ 83 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है. महानंदा एफ.पी.सी. द्वारा संचालित टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया किशनगंज में सीधे तौर पर 45 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ है। जिसमें 21 महिलाएँ और 24 पुरुष कर्मी हैं। विभिन्न पदों पर काम कर रहे इन कर्मियों की तनख्वाह 10 हजार रुपये से लेकर 40 हजार रुपये तक है। लगभग अठारह सौ किसानों से चाय पत्ता की खरीद की जा रही है। इन किसानों का चाय पत्ता विभिन संग्रहण केंद्रों के माध्यम से 45 किसान संग्रहकों द्वारा टी फैक्ट्री में चाय पत्ता बेचा जा रहा है। किसानों को 7 दिनों के अंदर उनके बैंक खाते में चाय पत्ता की कीमत अंतरण की जा रही है. महानंदा एफ.पी.सी. द्वारा अगस्त 2025 माह से दिसंबर 2025 माह तक 6 लाख 86 हजार 251 किलो चाय पत्ता खरीदा गया था। किशनगंज जिला में जीविका दीदियों द्वारा टी फैक्ट्री के संचालन से यहाँ के हरा चायपत्ता की खेती से जुड़े स्थानीय किसानों को लाभ मिल रहा है. वहीं, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. किशनगंज जिला के तीन प्रखंड सदर, पोठिया, ठाकुरगंज में चायपत्ता की खेती बड़े पैमाने पर होती है. महानंदा एफ.पी.सी. के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जीविका दीदियों द्वारा इस टी फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। चायपत्ती उत्पादन और किसानों की आजीविका पर इसके प्रभाव को देखते हुए, वर्ष 2002 में स्वर्णजयंती ग्राम स्वरोजगार योजना (SGSY) के तहत जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डी०आर०डी०ए०) किशनगंज को एक विशेष परियोजना स्वीकृत की गई। इसे देखते हुए, किशनगंज के पोठिया प्रखंड के कुसियारी पंचायत स्थित कालीदास किस्मत में लगभग 10 एकड़ भूमि पर ₹9.64 करोड़ की लागत से SGSY के तहत, बिहार सरकार के द्वारा एक चाय कारखाना स्थापित किया गया। कारखाने की स्थापना का उद्देश्य चाय पत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने वालों स्थानीय किसानों के संघ के माध्यम से कारखाने का संचालन करना था।
जीविका के माध्यम से महानंदा का संघ बनाने का निर्णय लिया गया। इसी कड़ी में महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड का गठन 14 जून 2021 को कंपनीअधिनियम 2013 के तहत 10 प्रमोटर सदस्यों के साथ हुआ। महानंदा एफपीसी किशनगंज जिले के तीन प्रखंड पोठिया, ठाकुरगंज और किशनगंज सदर में कार्यरत है। वर्तमान में, महानंदा एफपीसी में 737 शेयरधारक हैं, एफपीसी से जुड़ी सभी महिलाएँ, जीविका स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं. ये सभी दीदियाँ चाय पत्ता की खेती और पत्ता तोड़ने के काम से जुड़ी हैं। कंपनी का संचालन शेयरधारकों द्वारा चुने गए 6 सदस्यीय निदेशक मंडल ( बोर्ड ऑफ डायरेक्टर) द्वारा किया जाता है ।
25 अप्रैल 2025 को बिहार कैबिनेट ने टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया को जीविका को सौंपने की सहमति दे दी। 27 अप्रैल 2025 को डी०आर०डी०ए० किशनगंज के द्वारा कारखाने को औपचारिक रूप से संचालन हेतु जीविका को सौंप दिया गया . तत्पश्चात जीविका किशनगंज द्वारा महानंदा जीविका महिला एग्रो प्रोड्यूसर कंपनी लि. को टी प्रोसेसिंग एंड पैकेजिंग इकाई, पोठिया के संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई।
#viralpost #viralreelschallenge #viralchallenge #newyork #2026Goals #allflowers #Kishanganj
District Kishanganj
JEEVIKA Bihar
Bihar Education Department