अलौकिक रंगों की महक, प्रभु के मनोरथ की छटा
तिलकायत महाराज श्री, गो.चि.105 श्री विशाल बावा एवं श्री लाल बावा की पावन उपस्थिति में आज श्रीनाथजी एवं लाडले लाल प्रभु में अद्भुत मनोरथ सिद्ध हुए। राजभोग में श्रीजी प्रभु को मोतियों जड़ित गुलाबी बंगले में “कुसुम गुलाब महल” भाव से विराजित किया गया, वहीं लाडले लाल प्रभु को केसरी बंगले में “केसरी घटा” की दिव्य छटा में लाड लड़ाया गया। सायंकाल आरती में गुलाबी गणगौर एवं केसरी गणगौर के मनोरथ ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उष्णकाल में गुलाब-बरस के शीतल जल से स्नान, गुलाबी आडबंद-मलमल, मोती आभरण एवं दिव्य श्रृंगार ने झांकियों को और भी मनोहर बना दिया।हजारों वैष्णव इन अलौकिक दर्शनों से धन्य हुए।