
महिलाओं ने ज्ञानतीर्थ पर मनाई हरियाली तीज, पौधरोपण किया, भजन गाये गेम्स खेले, वयोवृद्धा का सम्मान किया👇
मुरैना। नेशनल हाईवे किनारे स्थित ज्ञानतीर्थ में जायसवाल महिला मंडल द्वारा हरियाली तीज का पर्व भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की। महिलाओं ने भगवान की आराधना करते हुए भक्तिभाव से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। इसके बाद मंदिर परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न मनोरंजक गेम्स आयोजित किए गए। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक इनमें हिस्सा लिया और कार्यक्रम का आनंद लिया। धार्मिक आस्था के साथ मनोरंजन और सामाजिक सरोकारों का यह संगम आयोजन की खासियत रहा।
जायसवाल महिला मंडल की भावना जैन ने बताया कि ज्ञानतीर्थ पर हरियाली तीज के आयोजन की शुरुआत कुछ वर्ष पूर्व उस समय हुई थी, जब मुनि श्री ज्ञानसागर महाराज यहां विराजमान थे। उनके सान्निध्य में शुरू हुआ यह आयोजन अब एक परंपरा का रूप ले चुका है और तब से हर वर्ष महिलाओं द्वारा उत्साह के साथ हरियाली तीज मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को धार्मिक एवं सामाजिक रूप से एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि हरियाली तीज केवल उत्सव का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, आस्था और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी है। महिलाओं ने पौधरोपण को पर्व की सार्थकता से जोड़ते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प भी व्यक्त किया। कार्यक्रम में महिला मंडल की अध्यक्ष मुन्नी साहुला, उपाध्यक्ष सुनीता जैन, सचिव पिंकी जैन, कोषाध्यक्ष मालती जैन कुसुम जैन सहित सभी सदस्य मौजूद रहीं।
वयोवृद्ध चंद्रकांता जैन का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान वयोवृद्ध चंद्रकांता जैन का सम्मान किया गया। धार्मिक आस्था और संस्कारों के प्रति समर्पित चंद्रकांता जैन, समाज की वरिष्ठ महिलाओं में शामिल हैं। महिलाओं ने उनके अनुभव, धार्मिक निष्ठा और समाज के प्रति योगदान को सम्मान देते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि बुजुर्ग केवल परिवार की धरोहर ही नहीं, बल्कि समाज की जीवंत स्मृति और संस्कारों के वाहक होते हैं। उनके अनुभव और जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को सीख मिलती है। ऐसे में बुजुर्गों का सम्मान करना हमारी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है।