
उत्तराखंड: खेल दिवस पर बड़ा खुलासा:
देहरादून। द्रोणाचार्य खेल अवॉर्ड पर उठ रहे बड़े सवाल? जो उत्तराखंड पुलिस को नहीं दिलवा पाए एक भी मैडल! आखिर उन्हें किस आधार पर दिया जा रहा द्रोणाचार्य अवार्ड? क्याकिंग और केनोइंग जैसे गेम्स में हाशिए पर उत्तराखंड! बाहरी राज्यों के खिलाड़ियों को खिलवाए गए गेम्स! उनसे स्टाम्प पेपर पर लिखवाकर बन गए कोच! अब मिलेगा लाखों का मेडल और इनाम!
उत्तराखंड। यहां खेल के क्षेत्र में भी बड़ा ही अजब गजब खेल चल रहा है। क्याकिंग और केनोइंग में द्रोणाचार्य खेल अवॉर्ड ऐसे लोगों को दिया जा रहा है जिन्होंने आजतक उत्तराखंड को एक भी राष्ट्रीय खेल में पदक नहीं दिलवाया! न ही कभी कोच रहे।
अर्जुन अवॉर्ड विजेता सुरेंद्र कनवासी ने बताया कि उत्तराखंड क्याकिंग, केनोइंग के अध्यक्ष डीके सिंह की मिलीभगत से उत्तराखंड पुलिस में तैनात एसआई मुकेश शर्मा को द्रोणाचार्य अवार्ड के लिए चयनित किया गया है ,जो कभी उत्तराखंड पुलिस कोच रहे ही नहीं। पिछले वर्ष 2025 के नेशनल गेम्स में भी मुकेश शर्मा नोडल अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे। जहां अन्य प्रदेश के खिलाड़ियों को उत्तराखंड से खिलवाया गया । उन्हीं खिलाड़ियों से स्टॉम्प पेपर पर लिखवाया गया कि मुकेश शर्मा हमारे कोच थे और अब मुकेश शर्मा को कोच दिखाकर द्रोणाचार्य अवार्ड दिया जा रहा है। जोकि बहुत ही चिंतनीय है कि आखिर क्याकिंग, केनोइंग,रोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स में किस कदर भ्रष्टाचार व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि मीडिया यदि खेल विभाग की ढंग से पड़ताल करे तो कई ऐसे किस्से सामने आएंगे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि हमारे उत्तराखंड की खेल प्रतिभाएं इसी वजह से राजनीति और भ्रष्टाचार का शिकार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि टिहरी झील में नेशनल गेम्स के दौरान आई करोड़ों की नाव धूल फाँक रही है ।