
हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की नगर पंचायत चुवाड़ी में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक चूक के चलते केंद्रीय वित्त आयोग (CFC) का ₹34 लाख का सरकारी अनुदान गलती से एक स्थानीय विक्रेता (वेन्डर) के बैंक खाते में ट्रांसफर हो गया। मामला 31 मार्च 2026 का है, जब शहरी विकास विभाग ने चुवाड़ी नगर पंचायत के लिए अनुदान जारी किया था। खाता खंगालने पर जब तय राशि पंचायत के खाते में नहीं दिखी, तो PFMS वाउचर की जांच की गई। पड़ताल में सामने आया कि यह पूरी राशि गलती से चुवाड़ी के वार्ड नंबर 2 निवासी मातुल शर्मा के खाते में चली गई है।
गड़बड़ी का पता चलते ही नगर पंचायत ने तुरंत बैंक और विभाग को सूचना देकर खाता फ्रीज करवाया, जिससे ₹22,61,305 की रिकवरी तुरंत हो गई। हालांकि, बची हुई ₹11,46,956 की रकम पर पेंच फंस गया। पंचायत की ओर से अप्रैल महीने में दो-दो नोटिस जारी किए जाने के बावजूद आरोपी ने बची हुई राशि वापस करने से साफ इंकार कर दिया। आरोप है कि उसने इस सरकारी पैसे को अपने निजी कामों में उड़ा दिया। लगभग 5 महीने बीत जाने के बाद भी जब पैसा नहीं लौटाया गया, तो नगर पंचायत सचिव आदित्य चौहान की शिकायत पर चम्बा पुलिस ने आरोपी मातुल शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।