महर्षि ज्ञानपीठ में श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी का भव्य आयोजन
नाग देवता की पूजा-अर्चना के साथ दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
अनोखा तीर, हरदा। महर्षि ज्ञानपीठ में श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी का पर्व धार्मिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन-अभिषेक किया तथा नाग देवता की पूजा-अर्चना कर भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इस अवसर पर विद्यालय का वातावरण सुबह से ही आध्यात्मिक और भक्तिमय नजर आया। कार्यक्रम के अंतर्गत दीप्ति सोलंकी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक आकर्षक पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। विद्यार्थियों ने मिट्टी से शिवलिंग तैयार कर उसे विधि-विधान से पूजन के लिए स्थापित किया। इसके बाद प्रार्थना सभा के दौरान सामूहिक रूप से भगवान शिव का पूजन एवं अभिषेक किया गया। विद्यार्थियों ने भगवान शिव को जल एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धा के साथ शिव आराधना की।
नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा-अर्चना
श्रावण सोमवार के साथ नाग पंचमी का पर्व भी विशेष श्रद्धा के साथ मनाया गया। विद्यार्थियों ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर भारतीय संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान की भावना को समझा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि भारतीय परंपराओं में विभिन्न पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से प्रकृति, पर्यावरण और समस्त जीव-जगत के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया जाता है।
सामूहिक आरती से गूंजा विद्यालय परिसर
पूजन एवं अभिषेक के पश्चात विद्यालय परिसर में सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। जैसे ही विद्यार्थियों और शिक्षकों ने श्रद्धा के साथ आरती में सहभागिता की, पूरा विद्यालय परिसर भगवान शिव के जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक आरती में भाग लिया और भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को प्रसाद का वितरण किया गया।
विद्यार्थियों को बताया पर्वों का धार्मिक एवं महत्व
इस अवसर पर विद्यालय की हिंदी शिक्षिका निधि यादव ने विद्यार्थियों को श्रावण सोमवार एवं नाग पंचमी के धार्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक एवं पूजन कर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं। उन्होंने नाग पंचमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नागों सहित विभिन्न जीव-जंतुओं और प्रकृति के प्रति सम्मान की परंपरा रही है। नाग पंचमी के माध्यम से समाज में जीव-जंतुओं के संरक्षण और प्रकृति के साथ संतुलित व्यवहार का संदेश भी दिया जाता है।
संस्कार और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
विद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराना है। साथ ही विद्यार्थियों में श्रद्धा, अनुशासन, सहयोग, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की भावना विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
विद्यार्थियों में रहा विशेष उत्साह
पूरे आयोजन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। पार्थिव शिवलिंग निर्माण से लेकर पूजन, अभिषेक, नाग देवता की पूजा, सामूहिक आरती और प्रसाद वितरण तक विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। धार्मिक आयोजन के कारण विद्यालय परिसर में दिनभर आध्यात्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा। महर्षि ज्ञानपीठ में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझने का अवसर भी बना। श्रद्धा, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े इस आयोजन ने विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच उत्साह का संचार किया तथा कार्यक्रम को यादगार बना दिया।