
गीतांजलि हॉस्पिटल के विशेषज्ञ, HPV वैक्सीनेशन पर दिया संदेश
उदयपुर। गीतांजलि हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉ. नीलम काबरा तोशनीवाल द्वारा अरावली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल स्टडीज़, उमरड़ा में “हेल्थ टॉक – सर्वाइकल कैंसर” विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करना तथा समय पर जांच और HPV वैक्सीनेशन के महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. नीलम काबरा तोशनीवाल, सहायक प्राध्यापक, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग (GMCH), ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है, लेकिन यह उन चुनिंदा कैंसरों में शामिल है जिनकी समय पर स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीनेशन के माध्यम से प्रभावी रोकथाम की जा सकती है।
डॉ. नीलम ने बताया कि अधिकांश मामलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण होता है। उन्होंने महिलाओं को नियमित पैप स्मीयर एवं HPV टेस्ट कराने की सलाह देते हुए कहा कि शुरुआती अवस्था में बीमारी की पहचान होने पर इसका उपचार अधिक सफल रहता है।
HPV वैक्सीनेशन पर विशेष जानकारी
व्याख्यान के दौरान डॉ. तोशनीवाल ने बताया कि HPV वैक्सीन 9 से 45 वर्ष तक की आयु में लगाई जा सकती है, जबकि 9 से 11 वर्ष की आयु में यह सबसे अधिक प्रभावी मानी जाती है क्योंकि इस उम्र में शरीर बेहतर प्रतिरक्षा विकसित करता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह वैक्सीन केवल लड़कियों के लिए ही नहीं, बल्कि 9 से 11 वर्ष के लड़कों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे HPV संक्रमण और उससे जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वैक्सीनेशन के साथ-साथ नियमित स्क्रीनिंग भी आवश्यक है। टीकाकरण और समय पर जांच—दोनों मिलकर सर्वाइकल कैंसर से बेहतर सुरक्षा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. नीलम काबरा तोशनीवाल ने सरल एवं वैज्ञानिक तथ्यों के साथ उत्तर दिया। अंत में आयोजकों ने सभी से अपने परिवार और समाज में महिलाओं एवं किशोरों को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम, समय पर जांच तथा HPV वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
--