Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
बीजेपी
Gujarat
मुख्यमंत्री
Congress
Modi
Delhi
Viral
मारपीट
Crime
Dm
Up
अमित_शाह
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
उत्तरप्रदेश
Pmmodi
Rahulgandhi
यूपी
कानपुर

*प्रेस विज्ञप्ति* आज दिनांक-14.08.2026 को माननीय उपाध्यक्ष, बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग, पटना का आगमन जिला अतिथि गृह, गया में हुआ। माननीय उपाध्यक्ष श्री अरविन्द सिंह एवं माननीय विधान पार्षद श्री अनिल शर्मा द्वारा मगध प्रमण्डल के अधिकारियों, श्रीमती पुनम कुमारी, उप श्रमायुक्त, मगध प्रमण्डल, श्री ऋतुराज, सहायक श्रमायुक्त, गया, श्रीमती प्रियंका कुमारी, सहायक श्रमायुक्त, औरंगाबाद, श्रम अधीक्षक, गया, जहानाबाद, अरवल, नवादा आदि के साथ "बाल श्रम मुक्त पंचायत" घोषित किए जाने सम्बन्धी कार्ययोजना पर विशेष बैठक की गई। श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों द्वारा पूरे प्रमण्डल स्तर में पंचायत स्तर पर बाल श्रमिकों के उन्मूलन एवं पुर्नवास हेतु की जा रही तैयारी एवं कार्यक्रमों पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विभागों से आए हुए जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समन्वय स्थापित कर कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि बाल श्रम से विमुक्त बालको का विद्यालयों से आच्छादित कराकर पुर्नवासन का कार्य हो। बैठक में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, अतरी श्रीमति सुनैना कुमारी, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, शेरघाटी श्री मुरली मणी, श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारी, नीमचक बथानी, श्री कर्पूर बावला, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, मदनपुर (औरंगाबाद) श्री संजीव कुमार एवं श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, हुलासगंज श्री गौतम कुमार के द्वारा चिहिन्त पंचायतों को बाल श्रम मुक्ति हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान पर Power Point Presentation दिया गया। उक्त बैठक के क्रम में माननीय उपाध्यक्ष द्वारा अगले माह से शुरू होने वाले पितृपक्ष मेले में बाल श्रमिकों से कार्य नहीं लिए जाने का विशेष अनुरोध सभी पांण्डो, दुकानदारों, नगर निगम के अन्तर्गत सफाई कर्मियों से की गई। साथ ही सख्त शब्दों में चेतावनी भी दी गई कि पितृपक्ष मेले जैसा पवित्र कार्य में बालको से कार्य कराना, एक सामाजिक अपराध में शमिल होने के बराबर कार्य है और अगर कोई इसकी अनदेखी करता है, तो श्रम विभाग उनपर "बाल श्रम अधिनियम" के अन्तर्गत कड़ी कारवाई की जायेगी। जिसके अन्तर्गत कार्य लेने वाले नियोजकों पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। जिसके लिए 1 वर्ष का कारावास एवं 50,000/- रूपया दण्ड का प्रावधान है। इसी क्रम में जानकारी प्राप्त हुआ कि शहरी क्षेत्रों में या मेला क्षेत्रों में प्रायः 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा ई-रिक्शा में प्रायः (टोटो) का संचालन धडल्ले से किया जाता है। जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएँ भी होती है। इस पर उपाध्यक्ष माहेदय द्वारा सभी ई-रिक्शा के मालिकों को सख्त चेतावनी दी गई कि अगर कोई अल्पआयु (बाल एवं किशोर श्रमिक) द्वारा ई-रिक्शा चलाने की जानकारी मिलती है या चलाते हुए पाए जाऐगें तो ई-रिक्शा मालिकों पर बाल श्रम अधिनियम के अन्तर्गत कारवाई की जाएगी। इसके साथ ही श्रम विभाग के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया कि पितृपक्ष मेले से पूर्व बाल श्रमिकों हेतु गहन छापेमारी की जाए एवं भरपुर प्रचार-प्रसार किया जाए।

Khizirsarai, Gaya | Aug 14, 2026