
सोशल मीडिया पर करीब 2.25 मिनट का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सड़क पर ड्रिल मशीन से छेद किए जा रहे हैं, फिर उनमें लोहे की छड़/एंगल, सीमेंट और अन्य सामग्री भरकर मरम्मत का काम दिखाया गया। वीडियो के बाद लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए और बिहार में पुल-पुलियों तथा सड़कों की स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई। �
हालांकि बाद में इस पर स्पष्टीकरण भी सामने आया। रिपोर्टों के अनुसार यह वीडियो बिहार के भोजपुर जिले के आरा–बक्सर क्षेत्र में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग NH-922 से जुड़ा बताया गया। NH‑922 के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि वीडियो सड़क ध्वस्त होने का नहीं, बल्कि तय रखरखाव और मरम्मत कार्य का हिस्सा दिखाता है। �
मुख्य बातें:
वायरल वीडियो देखकर लोगों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। �
अधिकारियों का कहना है कि यह "रूटीन मेंटेनेंस" यानी नियमित मरम्मत कार्य था। �
ड्रिलिंग और सामग्री भरने की प्रक्रिया सड़क की मरम्मत तकनीक का हिस्सा हो सकती है, केवल वीडियो देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि निर्माण में गड़बड़ी हुई है। �
वायरल क्लिप के आधार पर तुरंत निष्कर्ष निकालना मुश्किल है, क्योंकि छोटे वीडियो अक्सर पूरा संदर्भ नहीं दिखाते। �
इसलिए अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे “सड़क टूटने” की घटना मानना सही नहीं होगा। वायरल वीडियो ने सवाल जरूर खड़े किए, लेकिन आधिकारिक पक्ष इसे मरम्मत कार्य बता रहा है। �
Chapra, Saran | Jun 23, 2026