
ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन पर ओमप्रकाश राजभर का निशाना, बोले- "कानून के खिलाफ काम होगा तो कार्रवाई होगी"
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि देश में कानून का राज कायम है और हर किसी को कानून के दायरे में रहकर ही अपनी गतिविधियां संचालित करनी चाहिए।
"कानून का राज कायम हुआ है"
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि कानून व्यवस्था मजबूत होने के कारण कुछ लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होता है। यदि बिना अनुमति के कोई कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया जाता है, तो वह कानून के खिलाफ माना जाएगा।
राजभर ने कहा, "कानून का राज कायम हुआ है। इसी कारण ममता दीदी बहुत परेशान हैं। उन्हें कानून के दायरे में इजाजत लेनी चाहिए और बिना आज्ञा मिले उन्होंने पहले से ही मन बना लिया है कि हम यह काम करेंगे। यह कानून के खिलाफ है। यदि कानून के खिलाफ कोई काम करेगा तो कानून अपना काम करेगा।"
राजनीतिक बयानबाजी तेज
ममता बनर्जी और भाजपा नेतृत्व वाले राज्यों के नेताओं के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। ऐसे में राजभर का यह बयान भी राजनीतिक बहस को और तेज करने वाला माना जा रहा है।
विरोध प्रदर्शन और अनुमति का मुद्दा
राजभर ने अपने बयान में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना अधिकार है, लेकिन इसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक नियमों का पालन करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी व्यक्ति या दल को नियमों से ऊपर नहीं माना जा सकता।
बंगाल की राजनीति पर नजर
पश्चिम बंगाल की राजनीति में हाल के दिनों में विरोध प्रदर्शनों और प्रशासनिक अनुमति को लेकर कई बार विवाद सामने आए हैं। ऐसे मुद्दों पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिलती रही है। राजभर का यह बयान भी उसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
हालांकि, इस मुद्दे पर ममता बनर्जी या उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Chapra, Saran | Jun 3, 2026