संगठन सृजन बैठक के दौरान कार्यालय घेरने पहुचे भाजपा नेताओं को कांग्रेसिया ने दौड़ाया
25 अगस्त तक ब्लाक और बूथ स्तर की समीक्षा करेगी टीम
केन्द्रीय टीम ने कार्यकर्ताओं से बनाया संवाद, विधानसभा चुनाव तैयारियों में जुटी कांग्रेस
बस्ती। विधान सभा चुनाव 2027 में नए जोश के साथ कांग्रेस ने मैदान में उतरने के लिए अभी से ही अपनी तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस संगठन सृजन अभियान 25 अगस्त तक चलेगा। रविवार को कांग्रेस कार्यालय पर चल रहे संगठन सृजन अभियान के दौरान उस समय अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई जब भाजपा के कुछ नेताओं ने कांग्रेस कार्यालय घेरने की कोशिश किया। फिर क्या था कांग्रेस नेता बाहर निकल आये और भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं को उल्टे पांव भागना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया उसके बाद बैठक पुनः शुरू हुई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक चंदन यादव, पीसीसी पर्यवेक्षक डा. आर.पी. त्रिपाठी, जयकरन वर्मा, नवीन सिन्हा के नेतृत्व में एक टीम ने कार्यकर्ताओं से संवाद किया। बताया कि संगठन में युवा, ऊर्जावान, सक्रिय और जनाधार वाले कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना है। पर्यवेक्षक टीम अगले आठ दिनों तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों ब्लाक और बूथों का दौरा करेगी। इस दौरान वे वरिष्ठ नेताओं, युवाओं, महिलाओं और नए कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करेंगे।
एआईसीसी पर्यवेक्षक चंदन यादव ने कहा कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य संगठन को धरातल और अधिक सशक्त बनाना है। प्रदेश में 2027 का चुनाव कांग्रेस पूरी ताकत और नए कलेवर के साथ लड़ेगी। अब संगठन में उन चेहरों को मौका मिलेगा, जो जमीन पर लगातार पसीना बहा रहे हैं। संगठन को केवल जिला स्तर तक सीमित न रखकर ब्लाक, मंडल और बूथ स्तर तक ले जाया जाएगा। संगठन सृजन अभियान 25 अगस्त तक पूरा कर लिया जाएगा ।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने बताया कि 25 अगस्त तक शीर्ष नेतृत्व के दिशा निर्देश के अनुरूप लक्ष्य प्राप्त कर लिये जायेंगे। संगठन सृजन अभियान की बैठक में पूर्व विधायक अम्बिका सिंह, अनूप पाण्डेय, देवेन्द्र श्रीवास्तव, वृजेश आर्य, नर्वदेश्वर शुक्ल, डा. वाहिद अली सिद्दीकी ने महत्वपूर्ण सुझाव दिये।
बैठक में मुख्य रूप से शौकत अली नन्हू, संदीप श्रीवास्तव, अलीम अख्तर, कर्नल ए.के. सिंह, बाबूराम सिंह, सुरेन्द्र मिश्र, गिरजेश पाल, जयन्त चौधरी, अवधेश सिंह, साधू शरन आर्य, अनिल भारती, राकेश मणि त्रिपाठी, पिन्टू मिश्र, रविन्द्र सिंह, आलोक त्रिपाठी, अमित सिंह, रफीक खान, इश्तिखार अहमद, राहुल चतुर्वेदी, अमित सिंह, डा. दीपेन्द्र सिंह, अमरदेव सिंह, रामबचन भारती, अमर बहादुर शुक्ल, गुड्डू सोनकर, मनोज त्रिपाठी, सुधीर यादव, शकुन्तला देवी, दूधनाथ पटेल, आशुतोष पाण्डेय, राज बहादुर निषाद, विनय तिवारी, फिरोज खान, सलाहुद्दीन, मो. अशरफ अली, शोभित चौधरी, अनूप पाठक, आनन्द निषाद, सर्वेश शुक्ल, दिलीप श्रीवास्तव, संदीप त्रिपाठी, राकजपूर, राम बहादुर सिंह, वृजभान कन्नौजिया, अफजल हुसेन, राम बाबू ‘कल्पू’, अभिषेक सिंह, मनोज सिंह, लक्ष्मी यादव, मंजू पाण्डेय के साथ ही कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता शामिल रहे।