
दुबई में अपहरण, भीलवाड़ा में फिरौती का खेल! कारोबारी को 10 दिन बंधक रखने का आरोप, 40 लाख का चेक मिलने के बाद मिली रिहाई
मुख्य आरोपी लुत्फी पर लुकआउट सर्कुलर, योगेश मूंदड़ा गिरफ्तार, राजू पठान फरार; पुलिस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी
भीलवाड़ा ( महेंद्र नागोरी) शहर के कारोबारी मुकेश टेलर के कथित अपहरण और फिरौती के मामले ने पुलिस के सामने सीमाओं के पार फैले अपराध के एक नए नेटवर्क की आशंका खड़ी कर दी है। पुलिस जांच के अनुसार कारोबारी को दुबई में करीब 10 दिन तक बंधक बनाकर रखने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देकर फिरौती मांगने का आरोप है। इसी दौरान भीलवाड़ा में उसके परिवार पर दबाव बनाकर 40 लाख रुपये का चेक लेने की बात सामने आई है। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है और अब जांच अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है।
दुबई में बंधक, भीलवाड़ा में परिवार पर दबाव
पुलिस के अनुसार 1 जुलाई को मुख्य आरोपी फजले रऊफ शेख उर्फ लुत्फी और उसके साथियों ने कथित रूप से मुकेश टेलर को दुबई में बंधक बना लिया। आरोप है कि कारोबारी को एक फ्लैट में करीब दस दिन तक बंद रखा गया, उसके साथ मारपीट की गई और रिहाई के बदले भारी रकम देने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान भीलवाड़ा में मौजूद परिजनों को लगातार फोन कर धमकियां देने का भी आरोप है।
पत्नी से 40 लाख का चेक लेने का आरोप
जांच में सामने आया है कि पीड़ित के ससुर गोपाललाल से फोन पर संपर्क कर फिरौती की मांग की गई। पुलिस के अनुसार इसके बाद योगेश मूंदड़ा और राजू पठान पर भीलवाड़ा स्थित घर पहुंचकर कारोबारी की पत्नी से 40 लाख रुपये का चेक लेने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक चेक मिलने और उसकी पुष्टि होने के बाद दुबई में बंधक बनाए गए कारोबारी को रिहा किया गया।
योगेश मूंदड़ा गिरफ्तार, राजू पठान की तलाश जारी
मामला दर्ज होते ही सुभाषनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए योगेश मूंदड़ा को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं दूसरे आरोपी राजू पठान की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
लुत्फी पर लुकआउट सर्कुलर, विदेश से लाने की तैयारी
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी फजले रऊफ शेख उर्फ लुत्फी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया गया है। यदि विदेश में उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि होती है तो कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में विदेश में मौजूद और कौन-कौन लोग शामिल थे।
अब पैसों के पूरे नेटवर्क की जांच
जांच एजेंसियां अब केवल अपहरण और फिरौती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कथित आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, संपत्तियों और हवाला जैसी संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में यदि अवैध संपत्तियां या आपराधिक आय के प्रमाण मिले तो नियमानुसार उन्हें फ्रीज और अटैच करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जांच के घेरे में कई और चेहरे
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
शहर में गूंज रहे सवाल
क्या दुबई से बैठकर भीलवाड़ा में रंगदारी और फिरौती का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था?
क्या इस पूरे खेल में और भी लोग शामिल हैं?
क्या पुलिस जांच में और प्रभावशाली नाम सामने आएंगे?
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।