Public App Logo
Jansamasya
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
भाजपा
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Narendramodi
Nitishkumar
Madhya_pradesh
सोशल_मीडिया
Mp
Nsui
Pmmodi
Rahulgandhi
Actor
Haryana

हरियाणा पुलिस का नया ‘क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल’: पिछले 10 वर्षों में जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों की डिजिटल निगरानी, गैंगस्टर नेटवर्क पर कसा शिकंजा हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक चंडीगढ़। अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित तथा प्रभावी बनाते हुए हरियाणा पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। राज्य के अपराध की दृष्टि से संवेदनशील जिलों रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद के लिए गठित विशेष रोहतक-झज्जर-सोनीपत-फरीदाबाद (आरजेएसएफ) यूनिटे पिछले दस वर्षों में जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध को जड़ से खत्म करना, अपराधियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखना तथा संभावित अपराधों को घटित होने से पहले रोकना है। इस पहल पर विचार विमर्श हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान किया गया। यह बैठक पंचकूला सेक्टर-6 में आयोजित की गई जिसमें पुलिस मुख्यालय की वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियो ने भाग लिया। **पायलट प्रोजेक्ट से राज्यस्तरीय मॉडल तक का सफर** बैठक के दौरान रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सिमरदीप सिंह ने आरजेएसएफ यूनिट की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देशानुसार इस यूनिट की शुरुआत सबसे पहले रोहतक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। प्रारंभिक चरण में प्राप्त उल्लेखनीय परिणामों के बाद इस मॉडल को झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में भी लागू किया गया। अब यह यूनिट चार जिलों में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की निगरानी के लिए एक विशेष इंटेलिजेंस आधारित तंत्र के रूप में कार्य कर रही है। इसे भविष्य में अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है। **10,892 जघन्य अपराधियों का तैयार किया गया विस्तृत डाटाबेस** आरजेएसएफ यूनिट ने पिछले दस वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास तथा अन्य गंभीर अपराधों में शामिल 10,892 अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया है। इस डाटाबेस में प्रत्येक अपराधी का आपराधिक इतिहास, गतिविधियां, संपर्क, सामाजिक पृष्ठभूमि तथा वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण सहित कई अन्य तथ्य शामिल किये गए हैं। यूनिट द्वारा इन अपराधियों का केवल रिकॉर्ड तैयार नहीं किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटते हुए उनके जोखिम स्तर का भी आकलन किया गया है। इससे पुलिस को यह समझने में मदद मिल रही है कि कौन से अपराधी दोबारा अपराध कर सकते हैं और किन व्यक्तियों के संगठित आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आने की संभावना अधिक है। **गैंगस्टरों की नई भर्ती रोकने पर विशेष फोकस** आरजेएसएफ यूनिट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह केवल वर्तमान अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों पर भी नजर रख रही है जिन्हें संगठित आपराधिक गिरोह अपने नेटवर्क में शामिल करने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गैंगस्टर गिरोह छोटे अपराधियों, जमानत पर बाहर आए आरोपियों या आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश करते रहते हैं। यूनिट ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है ताकि उन्हें अपराध की दुनिया में और अधिक सक्रिय होने से पहले चिन्हित किया जा सके। इस रणनीति का उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध की संभावना को पहले ही समाप्त करना है। **तकनीक, मानव स्रोत और फील्ड इंटेलिजेंस का समन्वय** आरजेएसएफ यूनिट अपराधियों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक, मानव स्रोतों और फील्ड इंटेलिजेंस का समन्वित उपयोग कर रही है। प्रत्येक क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अपराधियों के वर्तमान पते, सामाजिक गतिविधियों, संपर्कों और आपराधिक नेटवर्क की जानकारी एकत्र करती हैं। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अपराधियों के व्यवहार में आने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाता है। अपराधियों से संबंधित प्रत्येक तथ्य का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में सफलता भी मिली है। **हर जिले तक पहुंचेगा अपराधियों का डाटाबेस** पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहते। इसलिए आरजेएसएफ यूनिट द्वारा की गई कार्यवाही भविष्य में राज्य के अन्य जिलों के साथ भी साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी अपराधी की गतिविधियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी तो पुलिस समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेगी। इससे अपराध की रोकथाम, निगरानी तथा अंतर-जिला समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। **गैंगस्टरों के खिलाफ STF की बड़ी कार्रवाई, तीन वर्षों में 941 गैंग सदस्यों की गिरफ्तारी** बैठक में हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। STF के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 तथा वर्ष 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों एवं अपराधियों को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया।इस प्रकार पिछले तीन वर्षों में STF ने कुल 941 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार कर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। **विदेशों से 22 गैंगस्टरों को भारत लाने में सफलता,14 अन्य गैंगस्टर विदेशों में हिरासत में** हरियाणा STF ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। STF के गठन के बाद से अब तक 22 वांछित गैंगस्टरों को दूसरे देशों से डिपोर्ट अथवा प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया जा चुका है। विशेष रूप से वर्ष 2026 में अब तक 9 गैंगस्टरों की भारत में वापस लाना सुनिश्चित किया गया है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हरियाणा पुलिस के प्रयासों के परिणामस्वरूप 14 अन्य गैंगस्टरों को विभिन्न देशों में हिरासत में लिया जा चुका है तथा उनकी भारत लाने के लिए कानूनी, राजनयिक तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। **अपराध नियंत्रण के लिए इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश** बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि बदलते अपराध स्वरूप और संगठित आपराधिक गिरोहों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस को पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस आधारित और डेटा संचालित रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी करना अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जघन्य अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों, सक्रिय गैंग सदस्यों तथा उनके सहयोगियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और जिलों के बीच सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावनाओं को पहले ही समाप्त करना है। संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त एवं समन्वित कार्रवाई जारी रखी जाएगी।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 3, 2026

MORE NEWS

समर कैंप में बिखरे कला के अनूठे रंग : चित्रकार शिव कुमार ने बच्चों को सिखाए चित्रकला के गुर
कला ही जीवन है और यह नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलती है : चित्रकार शिव कुमार
भिवानी, 04 जून : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित भारत शिक्षा सदन में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों को एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष तथा संस्कार भारती हरियाणा के विभाग संयोजक चित्रकार शिव कुमार ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें चित्रकला की गूढ़ बारीकियों से रूबरू कराया और जीवन में रंगों के वास्तविक महत्व को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम में करीबन 70 बच्चों ने भाग लिया।
       शिविर के दौरान चित्रकार शिव कुमार ने न केवल मौखिक रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्होंने स्वयं कैनवास पर एक बेहद सुंदर प्राकृतिक चित्र (पेंटिंग) मौके पर ही लाइव बनाकर दिखाया। कलाकार को अपने सामने इतनी सजीवता से रंगों को बिखेरते देख बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों में कला के प्रति एक अभूतपूर्व उत्सुकता देखी गई। इस दौरान बच्चों ने कला के महत्व को गहराई से समझा और भविष्य में कला को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
      बच्चों को संबोधित करते हुए चित्रकार शिव कुमार ने कहा कि आज के इस दुख भरे और तनावपूर्ण जीवन में निराशा के बीच आशा की किरण लाने के लिए कला का बहुत बड़ा महत्व है। सच कहें तो कला ही जीवन है। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर ले जाकर हमारी सोच को सकारात्मकता (पॉजिटिविटी) में बदलने का काम करती है।
    इस मौके पर भारत शिक्षा सदन एवं केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से हम अपने अंतर्मन के विचारों को कैनवास पर उतारकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के लिए ही हम वॉल पेंटिंग का प्रयोग करते हैं। हमें अपने जीवन में अपनी पसंद की कला को विशेष स्थान देना चाहिए और अपने देश के विकास में अपनी कला की आहुति देकर राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना चाहिए।
     इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज, विकास चांवरिया, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज ने चित्रकार शिव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्रों से बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखरने का सही मंच मिलता है।

समर कैंप में बिखरे कला के अनूठे रंग : चित्रकार शिव कुमार ने बच्चों को सिखाए चित्रकला के गुर कला ही जीवन है और यह नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलती है : चित्रकार शिव कुमार भिवानी, 04 जून : स्थानीय हनुमान ढाणी स्थित भारत शिक्षा सदन में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों को एक अनूठा और प्रेरणादायी अनुभव प्राप्त हुआ। इस विशेष सत्र में मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक के रूप में केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के अध्यक्ष तथा संस्कार भारती हरियाणा के विभाग संयोजक चित्रकार शिव कुमार ने शिरकत की। उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें चित्रकला की गूढ़ बारीकियों से रूबरू कराया और जीवन में रंगों के वास्तविक महत्व को बेहद सरल ढंग से समझाया। कार्यक्रम में करीबन 70 बच्चों ने भाग लिया। शिविर के दौरान चित्रकार शिव कुमार ने न केवल मौखिक रूप से बच्चों का मार्गदर्शन किया, बल्कि उन्होंने स्वयं कैनवास पर एक बेहद सुंदर प्राकृतिक चित्र (पेंटिंग) मौके पर ही लाइव बनाकर दिखाया। कलाकार को अपने सामने इतनी सजीवता से रंगों को बिखेरते देख बच्चे मंत्रमुग्ध हो गए। बच्चों में कला के प्रति एक अभूतपूर्व उत्सुकता देखी गई। इस दौरान बच्चों ने कला के महत्व को गहराई से समझा और भविष्य में कला को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। बच्चों को संबोधित करते हुए चित्रकार शिव कुमार ने कहा कि आज के इस दुख भरे और तनावपूर्ण जीवन में निराशा के बीच आशा की किरण लाने के लिए कला का बहुत बड़ा महत्व है। सच कहें तो कला ही जीवन है। यह हमें नकारात्मक विचारों से दूर ले जाकर हमारी सोच को सकारात्मकता (पॉजिटिविटी) में बदलने का काम करती है। इस मौके पर भारत शिक्षा सदन एवं केशव कला विकास एवं अनुसंधान समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि चित्रकला के माध्यम से हम अपने अंतर्मन के विचारों को कैनवास पर उतारकर समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। समाज को एक सकारात्मक संदेश देने के लिए ही हम वॉल पेंटिंग का प्रयोग करते हैं। हमें अपने जीवन में अपनी पसंद की कला को विशेष स्थान देना चाहिए और अपने देश के विकास में अपनी कला की आहुति देकर राष्ट्र को परम वैभव तक ले जाना चाहिए। इस अवसर पर बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए विद्यालय की प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज, विकास चांवरिया, राजेश शर्मा सहित विद्यालय के सभी शिक्षकगण व स्टाफ मौजूद रहे। प्रधानाचार्य कमला भारद्वाज ने चित्रकार शिव कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्रों से बच्चों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभा को निखरने का सही मंच मिलता है।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

पंजाबी समाज के व्यक्ति को रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करने के विरोध में भिवानी में निकाला कैंडल मार्च
कब तक सुनेगा रिफ्यूजी और पाकिस्तानी शब्द सुनेगा पंजाबी समाज, सम्मान के लिए बने कड़ा कानून : सुरेश अरोड़ा
सरकार तुरंत रिफ्यूजी रोधी कानून बनाए, अन्यथा प्रदेश स्तर पर होंगे धरना-प्रदर्शन : सुरेश अरोड़ा
भिवानी, 04 जून : देश के विभाजन का दंश झेलकर अपनी कड़ी मेहनत और पुरुषार्थ के बल पर भारत के नवनिर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले पंजाबी समाज के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं पर अब आगिोश चरम पर पहुंच गया है। बीते दिनो हिसार में पंजाबी समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति विपिन खुराना को रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घृणास्पद कृत्य की चौतरफा निंदा हो रही है और पूरे प्रदेश के पंजाबी नेतृत्व ने एक सुर में सरकार से इस प्रकार की बयानबाजी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान करने की मांग की है। इसी कड़ी में पंजाबी समुदाय के लोगों ने स्थानीय मदनलाल ढ़ींगड़ा चौक से कैंडल मार्च निकाला।
     इस मौके पर अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पंजाबी समाज ने देश की प्रगति, व्यापार, शिक्षा और खेल जगत में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। आजादी के समय सब कुछ गंवाकर भी इस समाज ने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया, बल्कि अपनी मेहनत से खुद को स्थापित किया। इसके बावजूद, कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग समाज को रिफ्यूजी या पाकिस्तानी कहकर उनके राष्टद्यवाद और सम्मान पर चोट करते हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएंगे।
     सुरेश अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि अरोड़ा विकास मंच इस लड़ाई में पंजाबी समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि पंजाबी समाज को अपमानित करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानून नहीं बनाया गया, तो पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे यह मांग पहले भी कई बार उठा चुके है तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपे जा चुके है, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कदम सरकार की तरफ से नहीं उठाया गया।
      अरोड़ा ने कहा कि हिसार में किसी कुंठित मानसिकता के व्यक्ति ने विपिन खुराना को सरेआम रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहा, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। अब पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है। पूरे प्रदेश का पंजाबी समाज अब दलगत राजनीति और पार्टीबाज़ी से ऊपर उठकर एकजुट हो चुका है। सरकार तुरंत रिफ्यूजी रोधी कानून बनाए, अन्यथा हम प्रदेश स्तर पर सामूहिक धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पंजाबी समाज केवल उसी राजनेता और पार्टी का समर्थन करेगा जो इस संघर्ष में उनके साथ खड़ा होगा और विधानसभा में उनके अधिकारों व सम्मान की आवाज उठाएगा।

पंजाबी समाज के व्यक्ति को रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करने के विरोध में भिवानी में निकाला कैंडल मार्च कब तक सुनेगा रिफ्यूजी और पाकिस्तानी शब्द सुनेगा पंजाबी समाज, सम्मान के लिए बने कड़ा कानून : सुरेश अरोड़ा सरकार तुरंत रिफ्यूजी रोधी कानून बनाए, अन्यथा प्रदेश स्तर पर होंगे धरना-प्रदर्शन : सुरेश अरोड़ा भिवानी, 04 जून : देश के विभाजन का दंश झेलकर अपनी कड़ी मेहनत और पुरुषार्थ के बल पर भारत के नवनिर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले पंजाबी समाज के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली घटनाओं पर अब आगिोश चरम पर पहुंच गया है। बीते दिनो हिसार में पंजाबी समाज के प्रबुद्ध व्यक्ति विपिन खुराना को रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहकर अपमानित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घृणास्पद कृत्य की चौतरफा निंदा हो रही है और पूरे प्रदेश के पंजाबी नेतृत्व ने एक सुर में सरकार से इस प्रकार की बयानबाजी के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान करने की मांग की है। इसी कड़ी में पंजाबी समुदाय के लोगों ने स्थानीय मदनलाल ढ़ींगड़ा चौक से कैंडल मार्च निकाला। इस मौके पर अरोड़ा विकास मंच के नेशनल विस्तारक सुरेश अरोड़ा ने कहा कि पंजाबी समाज ने देश की प्रगति, व्यापार, शिक्षा और खेल जगत में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है। आजादी के समय सब कुछ गंवाकर भी इस समाज ने कभी किसी के आगे हाथ नहीं फैलाया, बल्कि अपनी मेहनत से खुद को स्थापित किया। इसके बावजूद, कुछ संकीर्ण मानसिकता के लोग समाज को रिफ्यूजी या पाकिस्तानी कहकर उनके राष्टद्यवाद और सम्मान पर चोट करते हैं, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएंगे। सुरेश अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि अरोड़ा विकास मंच इस लड़ाई में पंजाबी समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने सरकार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि पंजाबी समाज को अपमानित करने वालों के खिलाफ तुरंत सख्त कानून नहीं बनाया गया, तो पूरे प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे यह मांग पहले भी कई बार उठा चुके है तथा जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपे जा चुके है, लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कदम सरकार की तरफ से नहीं उठाया गया। अरोड़ा ने कहा कि हिसार में किसी कुंठित मानसिकता के व्यक्ति ने विपिन खुराना को सरेआम रिफ्यूजी और पाकिस्तानी कहा, जिसकी हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। अब पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है। पूरे प्रदेश का पंजाबी समाज अब दलगत राजनीति और पार्टीबाज़ी से ऊपर उठकर एकजुट हो चुका है। सरकार तुरंत रिफ्यूजी रोधी कानून बनाए, अन्यथा हम प्रदेश स्तर पर सामूहिक धरना देने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में पंजाबी समाज केवल उसी राजनेता और पार्टी का समर्थन करेगा जो इस संघर्ष में उनके साथ खड़ा होगा और विधानसभा में उनके अधिकारों व सम्मान की आवाज उठाएगा।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

मोहाली की प्राइवेट कंपनी में प्रेमी ने प्रेमिका पर चाकू से कई वार किए जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद प्रेमी ने खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया। बता दें कि दोनों का कुछ दिन पहले हुआ था ब्रेकअप, वहीं वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। 
#mohalii #CrimeNews #BreakingNews #PunjabCrime #murdercass #mohalimurder #loveaffair #PunjabNews #mohalihorror #MohaliCrime #ShockingCase #CrimeAlert #RelationshipTragedy #viralvideoシ #facebookviral

मोहाली की प्राइवेट कंपनी में प्रेमी ने प्रेमिका पर चाकू से कई वार किए जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद प्रेमी ने खुद भी आत्महत्या करने का प्रयास किया। बता दें कि दोनों का कुछ दिन पहले हुआ था ब्रेकअप, वहीं वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। #mohalii #CrimeNews #BreakingNews #PunjabCrime #murdercass #mohalimurder #loveaffair #PunjabNews #mohalihorror #MohaliCrime #ShockingCase #CrimeAlert #RelationshipTragedy #viralvideoシ #facebookviral

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

भिवानी में राज्य पुरस्कार के आवेदनों की उच्च स्तरीय स्तर पर गहन स्क्रूटनी शुरू
भिवानी की प्रतिभाएं चंडीगढ़ में गाड़ेंगी झंडा : पारदर्शी चयन पर रामकिशन शर्मा का विश्वास
असली सेवादारों को मिलेगा हक, फर्जीवाड़ा होगा खत्म : रामकिशन शर्मा
भिवानी, 04 जून : हरियाणा सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कारों के चयन को लेकर जिला प्रशासन भिवानी ने एक अत्यंत सराहनीय और पारदर्शी पहल की है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले दावेदारों के आवेदनों की पात्रता और प्रमाणिकता को जांचने के लिए जिला स्तर पर एक व्यापक और कड़ा अभियान शुरू किया गया है, ताकि केवल वास्तविक जमीनी सेवा करने वाले कर्मठ व्यक्तियों को ही सम्मानित किया जा सके। एडीसी की तरफ से जिला के बालकिशन, भंवरलाल, रामकिशन श्र्माा, सुंदर सिंह, सुरेश कुमार, संतोष, अंकुश, मनफूल सिंह, सुमन के आवेदन की जांच हेतु बुलाया गया था।
      इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल कारवा के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राप्त हुए सभी राज्य पुरस्कार आवेदनों के दस्तावेजों का गहनता से भौतिक सत्यापन करना था। प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कमेटी द्वारा सभी आवेदकों को उनके मूल दस्तावेजों और साक्ष्यों सहित व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल ने प्रत्येक आवेदक के प्रपत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही आवेदकों से उनके द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक अथवा प्रशासनिक कार्यों के संबंध में सीधे प्रश्न पूछे गए, जिससे उनके योगदान के वास्तविक प्रभाव का सटीक आकलन किया जा सके।
      मूल्यांकन प्रक्रिया में सभी आवेदकों के मूल प्रमाण पत्रों, संस्तुति पत्रों और जमीनी रिकॉर्ड्स का मिलान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आवेदकों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की वास्तविकता को परखा गया। जिला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पूरी तरह से योग्य और निष्कलंक नामों की सूची ही मुख्य कार्यालय, चंडीगढ़ भेजने का संकल्प लिया गया।
     प्रशासन की इस मुस्तैद और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्राप्त) रामकिशन शर्मा ने गहरा संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। रामकिशन शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त के कुशल नेतृत्व में जिस गंभीरता और निष्पक्षता के साथ राज्य पुरस्कार के आवेदनों की जांच की गई है, वह वास्तव में सराहनीय है। पूर्व में कई बार ऐसी शिकायतें रहती थीं कि वास्तविक काम करने वाले पीछे छूट जाते हैं, परंतु आज की इस आमने-सामने की साक्षात्कार प्रक्रिया और कड़ी स्क्रूटनी ने यह साबित कर दिया है कि वर्तमान प्रशासन केवल योग्यता और वास्तविक सेवा को ही अधिमान दे रहा है। जब चयन प्रक्रिया इतनी मजबूत होगी, तो पुरस्कार की गरिमा और अधिक बढ़ेगी।
      उन्होंने आगे कहा कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा हर वर्ष भिवानी जिले से उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सूची मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ भेजी जाती है। इस वर्ष प्रशासन की इस अनूठी और सूक्ष्म जांच प्रणाली से जो नाम छनकर ऊपर आएंगे, वे निश्चित रूप से चंडीगढ़ स्तर पर भी जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे और समाज के अन्य लोगों को भी नि:स्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करेंगे।

भिवानी में राज्य पुरस्कार के आवेदनों की उच्च स्तरीय स्तर पर गहन स्क्रूटनी शुरू भिवानी की प्रतिभाएं चंडीगढ़ में गाड़ेंगी झंडा : पारदर्शी चयन पर रामकिशन शर्मा का विश्वास असली सेवादारों को मिलेगा हक, फर्जीवाड़ा होगा खत्म : रामकिशन शर्मा भिवानी, 04 जून : हरियाणा सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कारों के चयन को लेकर जिला प्रशासन भिवानी ने एक अत्यंत सराहनीय और पारदर्शी पहल की है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले दावेदारों के आवेदनों की पात्रता और प्रमाणिकता को जांचने के लिए जिला स्तर पर एक व्यापक और कड़ा अभियान शुरू किया गया है, ताकि केवल वास्तविक जमीनी सेवा करने वाले कर्मठ व्यक्तियों को ही सम्मानित किया जा सके। एडीसी की तरफ से जिला के बालकिशन, भंवरलाल, रामकिशन श्र्माा, सुंदर सिंह, सुरेश कुमार, संतोष, अंकुश, मनफूल सिंह, सुमन के आवेदन की जांच हेतु बुलाया गया था। इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल कारवा के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राप्त हुए सभी राज्य पुरस्कार आवेदनों के दस्तावेजों का गहनता से भौतिक सत्यापन करना था। प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कमेटी द्वारा सभी आवेदकों को उनके मूल दस्तावेजों और साक्ष्यों सहित व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल ने प्रत्येक आवेदक के प्रपत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही आवेदकों से उनके द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक अथवा प्रशासनिक कार्यों के संबंध में सीधे प्रश्न पूछे गए, जिससे उनके योगदान के वास्तविक प्रभाव का सटीक आकलन किया जा सके। मूल्यांकन प्रक्रिया में सभी आवेदकों के मूल प्रमाण पत्रों, संस्तुति पत्रों और जमीनी रिकॉर्ड्स का मिलान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आवेदकों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की वास्तविकता को परखा गया। जिला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पूरी तरह से योग्य और निष्कलंक नामों की सूची ही मुख्य कार्यालय, चंडीगढ़ भेजने का संकल्प लिया गया। प्रशासन की इस मुस्तैद और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्राप्त) रामकिशन शर्मा ने गहरा संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। रामकिशन शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त के कुशल नेतृत्व में जिस गंभीरता और निष्पक्षता के साथ राज्य पुरस्कार के आवेदनों की जांच की गई है, वह वास्तव में सराहनीय है। पूर्व में कई बार ऐसी शिकायतें रहती थीं कि वास्तविक काम करने वाले पीछे छूट जाते हैं, परंतु आज की इस आमने-सामने की साक्षात्कार प्रक्रिया और कड़ी स्क्रूटनी ने यह साबित कर दिया है कि वर्तमान प्रशासन केवल योग्यता और वास्तविक सेवा को ही अधिमान दे रहा है। जब चयन प्रक्रिया इतनी मजबूत होगी, तो पुरस्कार की गरिमा और अधिक बढ़ेगी। उन्होंने आगे कहा कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा हर वर्ष भिवानी जिले से उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सूची मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ भेजी जाती है। इस वर्ष प्रशासन की इस अनूठी और सूक्ष्म जांच प्रणाली से जो नाम छनकर ऊपर आएंगे, वे निश्चित रूप से चंडीगढ़ स्तर पर भी जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे और समाज के अन्य लोगों को भी नि:स्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करेंगे।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

बढ़ती गर्मी में बेजुबानों का रखें ख्याल 🐦🐕🐄
भीषण गर्मी का दौर जारी है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और अन्य बेजुबान जीवों को भी पानी की सख्त जरूरत होती है। अपने घर, दुकान, खेत, छत, पार्क या आसपास किसी सुरक्षित स्थान पर पानी से भरा बर्तन अवश्य रखें।

बढ़ती गर्मी में बेजुबानों का रखें ख्याल 🐦🐕🐄 भीषण गर्मी का दौर जारी है। ऐसे में इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और अन्य बेजुबान जीवों को भी पानी की सख्त जरूरत होती है। अपने घर, दुकान, खेत, छत, पार्क या आसपास किसी सुरक्षित स्थान पर पानी से भरा बर्तन अवश्य रखें।

Bhiwani, Bhiwani | Jun 5, 2026

हरियाणा पुलिस का नया ‘क्राइम इंटेलिजेंस मॉडल’: पिछले 10 वर्षों में जघन्य अपराधों में संलिप्त अपराधियों की डिजिटल निगरानी, गैंगस्टर नेटवर्क पर कसा शिकंजा हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक चंडीगढ़। अपराध और अपराधियों के खिलाफ अपनी रणनीति को और अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित तथा प्रभावी बनाते हुए हरियाणा पुलिस ने एक नई पहल शुरू की है। राज्य के अपराध की दृष्टि से संवेदनशील जिलों रोहतक, झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद के लिए गठित विशेष रोहतक-झज्जर-सोनीपत-फरीदाबाद (आरजेएसएफ) यूनिटे पिछले दस वर्षों में जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी कर रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य संगठित अपराध को जड़ से खत्म करना, अपराधियों की गतिविधियों पर समय रहते नजर रखना तथा संभावित अपराधों को घटित होने से पहले रोकना है। इस पहल पर विचार विमर्श हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान किया गया। यह बैठक पंचकूला सेक्टर-6 में आयोजित की गई जिसमें पुलिस मुख्यालय की वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, पुलिस अधीक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियो ने भाग लिया। **पायलट प्रोजेक्ट से राज्यस्तरीय मॉडल तक का सफर** बैठक के दौरान रोहतक रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सिमरदीप सिंह ने आरजेएसएफ यूनिट की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों पर प्रेजेंटेशन दी। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल के निर्देशानुसार इस यूनिट की शुरुआत सबसे पहले रोहतक जिले में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। प्रारंभिक चरण में प्राप्त उल्लेखनीय परिणामों के बाद इस मॉडल को झज्जर, सोनीपत और फरीदाबाद जिलों में भी लागू किया गया। अब यह यूनिट चार जिलों में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की निगरानी के लिए एक विशेष इंटेलिजेंस आधारित तंत्र के रूप में कार्य कर रही है। इसे भविष्य में अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना है। **10,892 जघन्य अपराधियों का तैयार किया गया विस्तृत डाटाबेस** आरजेएसएफ यूनिट ने पिछले दस वर्षों के दौरान हत्या, हत्या के प्रयास तथा अन्य गंभीर अपराधों में शामिल 10,892 अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार किया है। इस डाटाबेस में प्रत्येक अपराधी का आपराधिक इतिहास, गतिविधियां, संपर्क, सामाजिक पृष्ठभूमि तथा वर्तमान स्थिति का विस्तृत विवरण सहित कई अन्य तथ्य शामिल किये गए हैं। यूनिट द्वारा इन अपराधियों का केवल रिकॉर्ड तैयार नहीं किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न श्रेणियों में बांटते हुए उनके जोखिम स्तर का भी आकलन किया गया है। इससे पुलिस को यह समझने में मदद मिल रही है कि कौन से अपराधी दोबारा अपराध कर सकते हैं और किन व्यक्तियों के संगठित आपराधिक गिरोहों के संपर्क में आने की संभावना अधिक है। **गैंगस्टरों की नई भर्ती रोकने पर विशेष फोकस** आरजेएसएफ यूनिट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह केवल वर्तमान अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि उन व्यक्तियों पर भी नजर रख रही है जिन्हें संगठित आपराधिक गिरोह अपने नेटवर्क में शामिल करने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार गैंगस्टर गिरोह छोटे अपराधियों, जमानत पर बाहर आए आरोपियों या आपराधिक प्रवृत्ति के युवाओं को अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश करते रहते हैं। यूनिट ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उनकी गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है ताकि उन्हें अपराध की दुनिया में और अधिक सक्रिय होने से पहले चिन्हित किया जा सके। इस रणनीति का उद्देश्य अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय अपराध की संभावना को पहले ही समाप्त करना है। **तकनीक, मानव स्रोत और फील्ड इंटेलिजेंस का समन्वय** आरजेएसएफ यूनिट अपराधियों की निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक, मानव स्रोतों और फील्ड इंटेलिजेंस का समन्वित उपयोग कर रही है। प्रत्येक क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो अपराधियों के वर्तमान पते, सामाजिक गतिविधियों, संपर्कों और आपराधिक नेटवर्क की जानकारी एकत्र करती हैं। तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अपराधियों के व्यवहार में आने वाले बदलावों का अध्ययन किया जाता है। अपराधियों से संबंधित प्रत्येक तथ्य का सूक्ष्म विश्लेषण किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में सफलता भी मिली है। **हर जिले तक पहुंचेगा अपराधियों का डाटाबेस** पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी किसी एक जिले तक सीमित नहीं रहते। इसलिए आरजेएसएफ यूनिट द्वारा की गई कार्यवाही भविष्य में राज्य के अन्य जिलों के साथ भी साझा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी अपराधी की गतिविधियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी तो पुलिस समय रहते आवश्यक कदम उठा सकेगी। इससे अपराध की रोकथाम, निगरानी तथा अंतर-जिला समन्वय को और अधिक मजबूती मिलेगी। **गैंगस्टरों के खिलाफ STF की बड़ी कार्रवाई, तीन वर्षों में 941 गैंग सदस्यों की गिरफ्तारी** बैठक में हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। STF के पुलिस अधीक्षक वसीम अकरम ने बताया कि गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वर्ष 2024 में 323, वर्ष 2025 में 470 तथा वर्ष 2026 में 28 मई तक 148 गैंग सदस्यों एवं अपराधियों को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया।इस प्रकार पिछले तीन वर्षों में STF ने कुल 941 गैंग सदस्यों को गिरफ्तार कर संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। **विदेशों से 22 गैंगस्टरों को भारत लाने में सफलता,14 अन्य गैंगस्टर विदेशों में हिरासत में** हरियाणा STF ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों के खिलाफ भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। STF के गठन के बाद से अब तक 22 वांछित गैंगस्टरों को दूसरे देशों से डिपोर्ट अथवा प्रत्यर्पित कर भारत वापस लाया जा चुका है। विशेष रूप से वर्ष 2026 में अब तक 9 गैंगस्टरों की भारत में वापस लाना सुनिश्चित किया गया है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। हरियाणा पुलिस के प्रयासों के परिणामस्वरूप 14 अन्य गैंगस्टरों को विभिन्न देशों में हिरासत में लिया जा चुका है तथा उनकी भारत लाने के लिए कानूनी, राजनयिक तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं। **अपराध नियंत्रण के लिए इंटेलिजेंस आधारित पुलिसिंग को और मजबूत करने के निर्देश** बैठक को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि बदलते अपराध स्वरूप और संगठित आपराधिक गिरोहों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए पुलिस को पारंपरिक पुलिसिंग से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस आधारित और डेटा संचालित रणनीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि अपराधियों का विस्तृत डाटाबेस तैयार कर उनकी निरंतर निगरानी करना अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। श्री सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जघन्य अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों, सक्रिय गैंग सदस्यों तथा उनके सहयोगियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए और जिलों के बीच सूचनाओं का प्रभावी आदान-प्रदान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावनाओं को पहले ही समाप्त करना है। संगठित अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त एवं समन्वित कार्रवाई जारी रखी जाएगी। - Bhiwani News