भिवानी में राज्य पुरस्कार के आवेदनों की उच्च स्तरीय स्तर पर गहन स्क्रूटनी शुरू
भिवानी की प्रतिभाएं चंडीगढ़ में गाड़ेंगी झंडा : पारदर्शी चयन पर रामकिशन शर्मा का विश्वास
असली सेवादारों को मिलेगा हक, फर्जीवाड़ा होगा खत्म : रामकिशन शर्मा
भिवानी, 04 जून : हरियाणा सरकार द्वारा दिए जाने वाले प्रतिष्ठित राज्य पुरस्कारों के चयन को लेकर जिला प्रशासन भिवानी ने एक अत्यंत सराहनीय और पारदर्शी पहल की है। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय योगदान देने वाले दावेदारों के आवेदनों की पात्रता और प्रमाणिकता को जांचने के लिए जिला स्तर पर एक व्यापक और कड़ा अभियान शुरू किया गया है, ताकि केवल वास्तविक जमीनी सेवा करने वाले कर्मठ व्यक्तियों को ही सम्मानित किया जा सके। एडीसी की तरफ से जिला के बालकिशन, भंवरलाल, रामकिशन श्र्माा, सुंदर सिंह, सुरेश कुमार, संतोष, अंकुश, मनफूल सिंह, सुमन के आवेदन की जांच हेतु बुलाया गया था।
इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त उपायुक्त दीपक बाबूलाल कारवा के कार्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्राप्त हुए सभी राज्य पुरस्कार आवेदनों के दस्तावेजों का गहनता से भौतिक सत्यापन करना था। प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कमेटी द्वारा सभी आवेदकों को उनके मूल दस्तावेजों और साक्ष्यों सहित व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल ने प्रत्येक आवेदक के प्रपत्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके साथ ही आवेदकों से उनके द्वारा किए गए सामाजिक, सांस्कृतिक अथवा प्रशासनिक कार्यों के संबंध में सीधे प्रश्न पूछे गए, जिससे उनके योगदान के वास्तविक प्रभाव का सटीक आकलन किया जा सके।
मूल्यांकन प्रक्रिया में सभी आवेदकों के मूल प्रमाण पत्रों, संस्तुति पत्रों और जमीनी रिकॉर्ड्स का मिलान किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा आवेदकों से प्रत्यक्ष संवाद कर कार्यों की वास्तविकता को परखा गया। जिला समाज कल्याण विभाग के माध्यम से पूरी तरह से योग्य और निष्कलंक नामों की सूची ही मुख्य कार्यालय, चंडीगढ़ भेजने का संकल्प लिया गया।
प्रशासन की इस मुस्तैद और पारदर्शी कार्यप्रणाली पर दि भिवानी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान (आजीवन उपलब्धि पुरस्कार प्राप्त) रामकिशन शर्मा ने गहरा संतोष व्यक्त करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया है। रामकिशन शर्मा ने कहा कि अतिरिक्त उपायुक्त के कुशल नेतृत्व में जिस गंभीरता और निष्पक्षता के साथ राज्य पुरस्कार के आवेदनों की जांच की गई है, वह वास्तव में सराहनीय है। पूर्व में कई बार ऐसी शिकायतें रहती थीं कि वास्तविक काम करने वाले पीछे छूट जाते हैं, परंतु आज की इस आमने-सामने की साक्षात्कार प्रक्रिया और कड़ी स्क्रूटनी ने यह साबित कर दिया है कि वर्तमान प्रशासन केवल योग्यता और वास्तविक सेवा को ही अधिमान दे रहा है। जब चयन प्रक्रिया इतनी मजबूत होगी, तो पुरस्कार की गरिमा और अधिक बढ़ेगी।
उन्होंने आगे कहा कि जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा हर वर्ष भिवानी जिले से उत्कृष्ट कार्य करने वालों की सूची मुख्य कार्यालय चंडीगढ़ भेजी जाती है। इस वर्ष प्रशासन की इस अनूठी और सूक्ष्म जांच प्रणाली से जो नाम छनकर ऊपर आएंगे, वे निश्चित रूप से चंडीगढ़ स्तर पर भी जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे और समाज के अन्य लोगों को भी नि:स्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करेंगे।