श्रीजी प्रभु के अलौकिक मनोरथ में राजभोग में "आम की मंडली" के मनोरथ में श्रीजी प्रभु को आम्र कुंज की छटा में आम की मंडली में विराजित किया गया।
राजभोग में प्रभु को शीतल सेवा में प्रभु को चंदन की चोली व कली के आभरण धराए गए .....
राजभोग में लाडले लाल प्रभु को"आम की मंडली"के मनोरथ में बिरजा कर तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा व श्री लाल बावा ने प्रभु को लाड लड़ाए ....
सांयकाल मनोरथ में श्रीजी प्रभु के प्रतिनिधि ठाकुर श्री मदन मोहन लाल प्रभु को मणि कोठे में "मोर कुटीर के मनोरथ" में प्रभु को मयूर सिहासन पर अद्भुत सज्जा के मध्य बिरजा कर मनोरथ को साकार किया.....
लाडले लाल प्रभु को "फाग सवारी"के मनोरथ में चबूतरे पर लाडले लाल प्रभु को फाग सवारी में नौ चौकिया सिंहासन पर सखियों संग विराजित कर मनोरथ सिद्ध किया गया.....