
रोहतास की पत्रकारिता का एक सशक्त स्वर हुआ मौन, वरिष्ठ पत्रकार मिस्बाह अहमद खान का निधन
रोहतास प्रखंड क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रतिष्ठित उर्दू समाचार पत्र कौमी तंजीम से जुड़े मिस्बाह अहमद खान अब हमारे बीच नहीं रहे। शनिवार की देर शाम पटना के एक निजी अस्पताल में उनके निधन की खबर मिलते ही रोहतास समेत पूरे पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
रविवार सुबह उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक आवास रोहतास नगर पंचायत पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। पत्रकार, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और स्थानीय लोग नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। हर किसी की जुबान पर उनके सहज स्वभाव, सामाजिक सरोकार और पत्रकारिता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की चर्चा रही।
बाद में अकबरपुर कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की और शोक संतप्त परिजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
मिस्बाह अहमद खान का निधन केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि रोहतास की पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके जाने से पत्रकारिता जगत में जो खालीपन पैदा हुआ है, उसे भर पाना आसान नहीं होगा।
इस मौके पर सुरेंद्र तिवारी, रजी अहमद खान, सोनू कुमार, अनीश अहमद खान, संजीव गुप्ता, तोराब नेयाजी, रूपेश कुमार, एहतेशाम युनुस खान, सिद्दीक इमाम नियाजी, मुकेश पाठक, प्रदीप कुमार, शौकत अली नियाजी, जीशान अहमद खान, संतोष कुमार भोला, संजीव कुशवाहा, अजय देव, विशाल देव, कामेश्वर सिंह, सिद्धेश्वर वर्मा, जय प्रकाश वर्मा, सादिक रजा खान सहित सैकड़ों लोगों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
ईश्वर/अल्लाह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति दें। विनम्र श्रद्धांजलि।
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