
ई-विकास प्रणाली में उर्वरक ई-टोकन बुकिंग का शुल्क 15 रुपये निर्धारित, अधिक राशि वसूलने पर होगी कार्रवाई
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प्रदेश में किसानों को उर्वरक वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुगम बनाने के उद्देश्य से 1 अप्रैल 2026 से ई-विकास प्रणाली का संचालन पूरे मध्यप्रदेश में प्रारंभ कि जा चुकी है। प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ई-विकास प्रणाली अंतर्गत एमपी ऑनलाइन के माध्यम से उर्वरक ई-टोकन जनरेशन के लिए सेवा शुल्क 15 रुपये निर्धारित किया गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप सचिव द्वारा 29 अप्रैल को जारी पत्र के अनुसार प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में 24 मार्च 2026 को आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि किसानों से ई-टोकन बुकिंग के लिए केवल 15 रुपये का सेवा शुल्क ही लिया जाएगा। निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि एमपी ऑनलाइन केंद्रों के साथ-साथ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) भी किसानों से ई-टोकन बुकिंग के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि नहीं वसूलेंगे। सभी संबंधित केंद्रों को शासन द्वारा निर्धारित दर का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने कहा है कि ई-विकास प्रणाली का उद्देश्य किसानों को पारदर्शी, सरल और समयबद्ध तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराना है। इसलिए निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित केंद्रों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों से भी अपील की गई है कि यदि किसी केंद्र पर निर्धारित 15 रुपये से अधिक शुल्क लिया जाता है तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें। #Vidisha