विकसित भारत की राह में ग्रामीण रोजगार को नई मजबूती, गुलरखेड़ी में जिला स्तरीय जन सम्मेलन का शुभारंभ
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विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने तथा ग्रामीण रोजगार को नई गति देने के उद्देश्य से आयोजित ग्रामीण रोजगार की नई गारंटी 'विकसित भारत की राम जी एक्ट' के तहत जिला स्तरीय जन सम्मेलन का शुभारंभ गुरूवार को गुलाबगंज तहसील की ग्राम पंचायत गुलरखेड़ी के मंडी प्रांगण में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों का अधिकारियों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन व पूजन-अर्चना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता रघुवंशी, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार डामोर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ओपी सनोडिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों ने राम जी एक्ट के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आधारभूत सुविधाओं और समग्र विकास के महत्व को रेखांकित किया। इस अवसर पर विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकसित भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आंगनबाड़ी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से ग्रामीण भारत को समृद्ध बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भी देश की 70 से 80 प्रतिशत आबादी गांवों में निवास करती है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्य करा रही हैं। उन्होंने कहा कि राम जी एक्ट के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को रोजगार की गारंटी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
विधायक श्री टंडन ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों की तस्वीर बदल चुकी है। केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक विकास हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना तथा लाड़ली बहना योजना के तहत हितग्राहियों को मिल रहे लाभों की जानकारी भी दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत का सपना गांवों के समग्र विकास के साथ साकार होगा और सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को हर आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
विकसित भारत जी रामजी -
विकसित भारत जी रामजी अंतर्गत ग्रामीण परिवार प्रति 125 दिनों का मजदूरी रोजगार धारा 5(1), जल सुरक्षा ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका और जलवायु लचीलेपन पर केंद्रित चार स्पष्ट रूप से परिभाषित प्राथमिक क्षेत्र धारा 4 (2) मजदूरी के लिए राज्य लागत साझेदारी अधिकांश राज्यों के लिए 60 अनुपात 40 कुछ विशेष श्रेणी वाले क्षेत्रों के लिए 90 अनुपात 10 धारा 22 (2) और (3), जब कार्य निष्पादित नहीं किया जाएगा तब राज्यों को वित्तीय वर्ष एफवाय में 60 दिनों तक सुचित करने की अनुमति होगी धारा 6 (2), रोजगार गारंटी की रक्षा करते हुऎ पूर्वानुमान में बजट सूनिश्चित करने वाला माणक पित पोषण धारा 22(4), संस्थागत समनवय और अवसंरचना योजना को एकीकृत करते हुऎ संस्थानिकृत अभिसरण और अवसंरचना योजना सूची एक की (6)।
विकसित भारत जी रामजी अंतर्गत बजट एवं वित्त पोषण -
एफवाय 2026-27 के लिए अलग बजट मदें खोली गई हैं और बजट प्रावधान किए गए हैं। योजना का वार्षिक वित्तीय परिव्यय 1,51,282.05 करोड़ है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 95,692.31 करोड़ और राज्यों का हिस्सा 55,589.74 करोड़ है। नई संरचना के अंतर्गत राज्य लागत और उत्तरदायित्व दोनों को एक मानक आधारित आवंटन ढांचे के माध्यम से साझा करते हैं जिससे प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रोत्साहन मजबूत होते हैं और दुरुपयोग रुकता है। योजना ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए क्षेत्रीय वास्तविकताओं पर आधारित होती है। साथ ही केंद्र मानक तय करता है और राज्य जवाबदेही के साथ कार्यान्वयन करते हैं जिससे सहकारी साझेदारी बनती है जो दक्षता बढ़ाती है और परिणाम मजबूत करती है।
रोजगार की गारंटी, समय सीमा और मजदूरी रोजगार के लिए शर्ते
आवेदन को पंजीकृत किया जाएगा और एक रसीद जारी की जाएगी जिसमें तारीख होगी, जिसे दी गई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा - अनुसूची ॥ की 2 (1)। आवेदन की तारीख से 15 दिनों के भीतर रोजगार प्रदान किया जाना चाहिए धारा 3(1)। अधिनियम के प्रावधान के अनुसार दैनिक बेरोजगारी भत्ता देय होगा - धारा 11, वित्तीय वर्ष में एक परिवार को 125 दिनों का रोजगार धारा 5 (1)। प्रति कार्य दिवस के लिए निर्धारित मजदूरी दर पर साप्तहिक आधार पर, पखवाड़े से अधिक देर तक मजदूरी पाने का हकदार होगा - धारा 10, मस्टर रोल बंद होने के सोलहवें दिन के बाद तक बकाया मजदूरी पर प्रति दिन 0.05% की दर से देरी के लिए क्षतिपूर्ति का भुगतान अनुसूची-II की 6(1) राज्य को संवेदनशील समूहों की आवश्यकताओं का सक्रिय रूप से सत्यापन करना होगा और उन्हें काम उपलब्ध कराना होगा।
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49 views | Vidisha, Madhya Pradesh | Jul 2, 2026