
आकोला में हुई चाकू बाजी की घटना
आचार संहिता के साये में भी हो गई वारदात।
दैनिक वीरधरा राजस्थान
आकोला। आकोला में चाकूबाजी के आरोपी ने 12 घंटे में फिर किया हमला, ग्रामीणों ने दबोचकर पुलिस को सौंपा।
आकोला थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। शनिवार शाम आकोला में चाकूबाजी की वारदात को अंजाम देकर फरार हुए आरोपी ने ठीक 12 घंटे बाद रविवार सुबह दूसरी वारदात कर दी। कपासन तहसील के हमेरपुरा (करूकड़ा पंचायत) में मुंह बांधकर बैठे आरोपी से पूछताछ करने पर ग्रामीणों पर ही चाकू से हमला कर दिया। हालांकि, ग्रामीणों की सतर्कता और हिम्मत से आरोपी का पीछा कर दबोच लिया गया और पुलिस के हवाले कर दिया।
पहली वरदात में शनिवार शाम 7:30 बजे आकोला में आरोपी हिमांशु पिता गणपत यादव ने एक युवक पर चाकू से हमला किया और मौके से गायब हो गया। पुलिस रातभर अलग अलग ठिकानों पर दबिश देती रही, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा।
दूसरी वारदात रविवार सुबह 7:30 बजे आरोपी भागकर हमेरपुरा गांव पहुंचा और एकांत में मुंह पर कपड़ा बांधकर बैठ गया, संदिग्ध हालत में देखकर जब गांव के लोगों ने उससे नाम और वहां बैठने का कारण पूछा तो वह आपा खो बैठा और उसने जेब से चाकू निकालकर ग्रामीणों पर हमला कर दिया।
करूकड़ा सरपंच रामेश्वर लाल जाट ने बताया कि आरोपी के अचानक किए हमले में हमेरपुरा निवासी बोथमल जाट पिता माधु लाल जाट, सुरेश जाट और उनकी माताजी घायल हो गए। हमले में बोथमल जाट गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिन्हें स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत उदयपुर रेफर कर दिया गया।
दूसरी बार चाकूबाजी कर भाग रहे हिमांशु को देखकर ग्रामीणों ने शोर मचाया और एकजुट होकर उसका पीछा किया, हिंगवानिया गांव के पास ग्रामीणों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। सूचना मिलते ही आकोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस को सौंप दिया।