
☑️कहानी बदलाव की
☑️शिव स्वसहायता समूह से बदली ममता बाई की तकदीर
☑️ कठिन परिश्रम और सही अवसर जब एक साथ मिलते हैं तो प्रगति के नए रास्ते खुलते हैं। यह बात उमरिया जिले की ग्रामीण महिला ममता बाई ने अपने परिश्रम और आत्मविश्वास से साबित कर दिखाई है। स्वयं सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आय में वृद्धि की, बल्कि अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ आत्मनिर्भरता की नई पहचान भी बनाई।
ममता बाई 10वीं तक शिक्षित हैं। अवसरों की कमी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण उनका अधिकांश समय घरेलू कार्यों तक ही सीमित था। परिवार की मासिक आय लगभग 8हजार थी जिससे घर के खर्च और बच्चों की जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। उनकी स्वयं की नियमित आय का कोई स्थायी साधन नहीं था। ममता बाई के जीवन में वर्ष 2023 में महत्वपूर्ण बदलाव आया। उन्होंने शिव स्वसहायता समूह ग्राम मझौलीखुर्द की सदस्यता ग्रहण की। यह समूह नर्मदा आजीविका ग्राम संगठन मझौलीखुर्द तथा अर्पण संकुल स्तरीय संगठन निगहरी से संबद्ध है।
☑️ समूह से जुड़ने के बाद ममता बाई ने आजीविका गतिविधियों को समझा और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अवसरों का लाभ उठाया। समूह एवं आजीविका मिशन के सहयोग से उन्हें व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता के रूप में सीआईएफ से 20 हजार रूपये तथा सीसीएल से 50 हजार रूपये प्राप्त हुए। प्राप्त वित्तीय सहयोग और संकुल संगठन के मार्गदर्शन से उन्होंने गांव में ही किराना एवं जनरल स्टोर शुरू किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने परिवार के पारंपरिक कृषि कार्य को भी निरंतर आगे बढ़ाया। दुकानदारी और कृषि दोनों गतिविधियों से उनकी आय के स्रोत मजबूत हुए। स्वसहायता समूह से जुड़ने और आजीविका गतिविधियां शुरू करने के बाद ममता बाई के परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया। जहां पहले परिवार की मासिक आय लगभग 8 हजार रूपये थी वहीं अब उनकी कुल मासिक आय लगभग 20हजार रूपये तक पहुंच गई है। उन्होने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है
#सेवा_संकल्प_अभियान #SevaSankalpAbhiyan #AshirwadKaDiya
#उमरिया
#umaria