
*"बचपन की मुस्कान की सुरक्षा, हम सबकी जिम्मेदारी"*
*एसपी की विशेष एडवाइजरी: सड़क, साइबर, नशा और अजनबियों के खतरों से बच्चों को बचाने के लिए अभिभावकों, शिक्षकों और समाज से सतर्क रहने की अपील*
फतेहाबाद, 23 जून। *पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने जिले के सभी अभिभावकों, शिक्षकों एवं बच्चों के नाम विशेष सुरक्षा एवं जागरूकता संदेश जारी करते हुए कहा कि "बच्चे हमारे वर्तमान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भविष्य की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। उनकी सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम आज अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण, सही संस्कार और उचित मार्गदर्शन देंगे, तो कल वही बच्चे एक सशक्त और जिम्मेदार भारत का निर्माण करेंगे।"
*पुलिस अधीक्षक* ने कहा कि आज का समय तेजी से बदल रहा है। जहां बच्चों के सामने शिक्षा और तकनीक के नए अवसर हैं, वहीं सड़क दुर्घटनाएं, साइबर अपराध, सोशल मीडिया का दुरुपयोग, नशे का बढ़ता खतरा और अजनबियों के बहकावे जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने हैं। उन्होंने कहा कि "इन खतरों से बच्चों की सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता, संवाद और समय पर सतर्कता है।"
*श्रीमती निकिता खट्टर* ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे प्रतिदिन अपने बच्चों के साथ समय बिताएं, उनकी दिनचर्या, मित्र मंडली और ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक नजर रखें। बच्चों के साथ ऐसा विश्वासपूर्ण वातावरण बनाएं कि वे किसी भी परेशानी, डर या संदेह की स्थिति में बिना झिझक अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस से खुलकर बात कर सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को यह अवश्य समझाएं कि किसी अजनबी व्यक्ति से उपहार, खाने-पीने की वस्तु या किसी प्रकार का लालच स्वीकार करना उनके लिए खतरा बन सकता है।
*पुलिस अधीक्षक* ने सड़क सुरक्षा को लेकर भी विशेष संदेश देते हुए कहा कि "सड़क पर एक छोटी-सी लापरवाही जीवनभर का दर्द बन सकती है।" उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से अपील की कि सड़क पार करते समय हमेशा ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें, चलते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें तथा दोपहिया वाहन पर हेलमेट पहनना अपनी आदत बनाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध होने के साथ-साथ उनके जीवन को गंभीर जोखिम में डालना भी है।
साइबर सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आज इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई और ज्ञान का माध्यम है, लेकिन थोड़ी-सी असावधानी उन्हें साइबर अपराधियों का शिकार भी बना सकती है। उन्होंने बच्चों से सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, मोबाइल नंबर, घर का पता या पासवर्ड साझा न करने की अपील की। किसी भी अनजान व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें और किसी संदिग्ध लिंक, गेम या ऑफर पर क्लिक करने से पहले पूरी सावधानी बरतें। यदि कोई ऑनलाइन धमकी दे, ब्लैकमेल करे या अनुचित संदेश भेजे तो इसकी तुरंत जानकारी अभिभावकों एवं पुलिस को दें।
*श्रीमती निकिता खट्टर* ने युवाओं एवं बच्चों से नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि "नशा किसी भी सपने को पूरा नहीं करता, बल्कि पूरे परिवार की खुशियों को खत्म कर देता है। एक गलत फैसला पूरे जीवन को अंधकार में धकेल सकता है।" उन्होंने अपील की कि यदि कहीं भी नशे की बिक्री या सेवन की जानकारी मिले तो बिना किसी भय के तुरंत पुलिस को सूचना दें।
गर्मी के मौसम को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने बच्चों एवं अभिभावकों को विशेष रूप से सचेत करते हुए कहा कि नहरों, तालाबों, जोहड़ों या अन्य गहरे जलाशयों में बिना निगरानी के नहाने या खेलने न जाएं। इसके अलावा बिजली के खुले तारों, सुनसान स्थानों तथा परित्यक्त भवनों से भी सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
उन्होंने जिले के सभी विद्यालयों, अभिभावकों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से अपील की कि बच्चों में कानून के प्रति सम्मान, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपात स्थिति अथवा बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामले में तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112 पर सूचना दें।
अंत में *पुलिस अधीक्षक श्रीमती निकिता खट्टर, आईपीएस* ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि "बचपन सुरक्षित होगा तो भविष्य सुनहरा होगा। आइए, हम सब मिलकर ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करें, जहां हर बच्चा निडर होकर सपने देख सके, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके और उसकी हर मुस्कान हमारी सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशील समाज की पहचान बने।"
Uklana, Hissar | Jun 23, 2026