
होटल एमेरल्ड में विश्व प्रसिद्ध कुतबी ब्रदर्स की सूफियाना कव्वाली ने बांधा समां
मुजफ्फरपुर। शहर के मझौलिया रोड स्थित होटल एमेरल्ड में विश्व प्रसिद्ध कव्वाल कुतबी ब्रदर्स (इदरीस कुतबी, इनके दो पुत्र अरशद कुतबी, अदनान कुतबी) के शानदार सूफियाना कव्वाली कार्यक्रम ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भावपूर्ण गायकी, आध्यात्मिक संगीत और सूफी संतों के अमर कलामों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को दिव्यता और आध्यात्मिकता से भर दिया।
कुतबी ब्रदर्स ने अपनी विशिष्ट सूफियाना गायकी के माध्यम से अमीर खुसरो, बाबा बुल्ले शाह, मीरा और संत कबीर जैसे महान संतों एवं सूफी कवियों के अर्थपूर्ण कलाम और रचनाओं को अत्यंत भावपूर्ण अंदाज में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध सूफी कलाम “मन कुंतो मौला”, "कोई पुकारे अल्लाह तुझको कोई कहे भगवान", " भर दे झोली मेरी या मोहम्मद", "छाप तिलक सब छीनी" सहित अनेक पारंपरिक सूफी बंदिशों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से प्रभावित किया। कलाकारों ने अपनी विशिष्ट शैली में अस्ताना गायकी की भी प्रस्तुति की, जिसे श्रोताओं ने भरपूर आनंद के साथ सुना और तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
इस शानदार सांस्कृतिक एवं संगीत संध्या का आयोजन सेंट स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली के डीन सह प्राध्यापक, बीबीसी के पूर्व सलाहकार एवं खेल संपादक डॉ. मलय नीरव एवं तुलिका शरण द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में डॉ मलय नीरव ने कहा कि मुजफ्फरपुर गौतम बुद्ध के संस्कार, साहित्य, संस्कृति एवं कला के समृद्ध परंपरा की धरती रही है। आज विश्व प्रसिद्ध कव्वाली गायक कुतबी ब्रदर्स की गायिकी यहाँ के कला के रंग में घुलेगा और आप इस ऐतिहासिक दिन के गवाह रहेंगे।
कार्यक्रम में अमिताभ राजन, कविता राजन, साहित्य अकदमी सम्मान से सम्मानित प्रसिद्ध कवयित्री अनामिका, बिंदू अमिताभ, नैयर हसनैन खान, डॉ राजीव कुमार, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ ममता रानी, डॉ संजय पंकज, डॉ ज्योति नारायण, डॉ अरुण साह, डॉ पंकज कर्ण, डॉ रमेश रितम्भर, डॉ सतीश कुमार, डॉ बबीता कुमारी, डॉ तृप्ति सिंह, अरविंद वरुण समेत शहर के अनेक साहित्यकार, कवि, समाजसेवी तथा बुद्धिजीवी वर्ग के लोग उपस्थित रहे।
सूफियाना संगीत की इस यादगार शाम ने मुजफ्फरपुर के सांस्कृतिक जीवन में एक विशेष छाप छोड़ी और उपस्थित श्रोताओं को संगीत एवं आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम का अनुभव कराया।