
श्रावण में गूंजा हर-हर महादेव, माजी मंदिर में हुआ सामूहिक रुद्राभिषेक*
श्रावण मास के पावन अवसर पर माजी मंदिर स्थित पितृश्वर महादेव मंदिर में रविवार को सामूहिक रुद्राभिषेक एवं महाप्रसादी का भव्य आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। बड़ी संख्या में सनातन भक्तों ने सामूहिक रूप से भगवान महादेव का रुद्राभिषेक कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि, शांति एवं सर्वकल्याण की कामना की।
प्रातः 10 से दोपहर 12 बजे तक सामूहिक रुद्राभिषेक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से दाल-बाटी-चूरमा की महाप्रसादी आयोजित की गई। ग्यारस का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई।
कार्यक्रम के संयोजक रोहित चौबीसा रहे। व्यवस्था प्रमुख निर्मल ने आयोजन की व्यवस्थाओं का दायित्व संभाला। सामूहिक रुद्राभिषेक के लिए निःशुल्क पंडितों को एकत्रित करने में एकलिंग नाथ पुरोहित का विशेष योगदान रहा।
भोजन व्यवस्था प्रमुख रविंद्र नागदा एवं कुंदन कुमावत के नेतृत्व में महाप्रसादी की व्यवस्था सुचारू रूप से संपन्न हुई। भोजन व्यवस्था में पंकज अजमेरा एवं गौरव अजमेरा सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहयोग किया।
भारत कुमावत ने बताया कि आयोजन के लिए प्रति श्रद्धालु ₹100 सहयोग राशि निर्धारित की गई थी। साथ ही श्रद्धालुओं से अपनी श्रद्धानुसार खाद्य सामग्री का सहयोग करने का आग्रह किया गया था। भक्तों के सहयोग एवं सामूहिक सहभागिता से महाप्रसादी की व्यवस्था सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
आयोजन में मुकेश, अनुराग, विनोद नागदा, सुरेश शर्मा, मिठ्ठा लाल कुमावत, मदन दवे एवं केशवकांत जी जोशी सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय सहयोग किया। मातृशक्ति, बुजुर्गों एवं युवाओं सहित बड़ी संख्या में सनातन भक्तों की सहभागिता रही।
महिलाओं एवं मातृशक्ति ने भी आयोजन में विशेष उत्साह के साथ सहभागिता की। आशा जी, कृष्णा जी, यामिनी जी, नूपुर जी एवं गीता जी ने भजन-कीर्तन प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। उनके मधुर भजनों से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक एवं आनंदमय वातावरण बना रहा। मातृशक्ति के इस सक्रिय सहयोग की आयोजकों ने सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भक्ति के साथ सामाजिक समरसता, सेवा, सहयोग एवं सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिलता है। माजी मंदिर के सनातन भक्तजनों ने आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।