
मोरनी–रायपुर रानी रोड खोलने और स्थायी पुनर्निर्माण की मांग, मुख्यमंत्री को दी अर्जेंट रिप्रेजेंटेशन
मोरनी। मोरनी–रायपुर रानी सड़क मार्ग की बदहाल स्थिति और बार-बार हो रहे भूस्खलन को लेकर मोरनी हिल्स निवासी अधिवक्ता पंकज भंवरा ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को अर्जेंट रिप्रेजेंटेशन देकर सड़क को तुरंत खोलने तथा इसका स्थायी पुनर्निर्माण करवाने की मांग की है। रिप्रेजेंटेशन में विशेष रूप से पलासरा–भांगर मार्ग की स्थिति को गंभीर बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
रिप्रेजेंटेशन के अनुसार मोरनी क्षेत्र पहाड़ी और भूस्खलन संभावित है तथा मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण सड़क पर मिट्टी, पत्थर और मलबा आने से यातायात बार-बार प्रभावित होता है। पलासरा और भांगर के आसपास करीब 9-10 किलोमीटर हिस्से की स्थिति विशेष रूप से खराब बताई गई है। बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी जमा होने से वाहन चालकों, रोडवेज बसों और अन्य सार्वजनिक वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिप्रेजेंटेशन में कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 से पलासरा–भांगर मार्ग आम यातायात के लिए पूरी तरह बंद है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों, विद्यार्थियों, स्कूल बसों और रोडवेज बसों सहित क्षेत्र के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में जेसीबी से मलबा हटाने के बाद भी बारिश होते ही सड़क दोबारा प्रभावित हो जाती है। इसलिए केवल अस्थायी तौर पर मलबा हटाने के बजाय स्थायी तकनीकी समाधान जरूरी है।
अधिवक्ता पंकज भंवरा ने रिप्रेजेंटेशन में यह भी बताया कि उन्होंने 31 मई 2025 को भी मोरनी हिल्स की सड़कों की खराब स्थिति को लेकर संबंधित अधिकारियों को विस्तृत रिप्रेजेंटेशन दी थी। इसके बाद पंचकूला के उपायुक्त की ओर से 20 जून 2025 और 5 अगस्त 2025 को अधिकारियों को सड़क की स्थिति, पुनर्निर्माण, सुरक्षा उपायों और अन्य कार्यों को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
रिप्रेजेंटेशन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि लंबित टेंडर प्रक्रिया को बिना देरी पूरा कर पूरे मोरनी–रायपुर रानी रोड का निर्माण निर्धारित समय सीमा में करवाया जाए। साथ ही पलासरा–भांगर मार्ग को आवश्यक अस्थायी सुरक्षा इंतजामों के साथ जल्द से जल्द खोला जाए। सड़क के स्थायी निर्माण के दौरान उचित जल निकासी, क्रॉस-ड्रेनेज, कलवर्ट, रिटेनिंग वॉल, ब्रेस्ट वॉल, टो प्रोटेक्शन, गैबियन स्ट्रक्चर और स्लोप प्रोटेक्शन जैसे कार्य करवाने की मांग भी की गई है।
इसके अलावा सड़क पर क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टर, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा उपाय लगाने, मानसून के दौरान पर्याप्त मशीनरी व स्टाफ उपलब्ध रखने तथा बार-बार हो रहे भूस्खलन, पानी के बहाव और सड़क क्षति के कारणों की विस्तृत तकनीकी एवं संरचनात्मक जांच करवाने की मांग की गई है।
रिप्रेजेंटेशन में अधिकारियों से पूर्व में जारी निर्देशों पर एक्शन टेकन/कंप्लायंस रिपोर्ट उपलब्ध करवाने तथा टेंडर, स्वीकृति और निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने की भी मांग की गई है। साथ ही यदि किसी स्तर पर अनावश्यक देरी या सुरक्षा उपायों में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करने का आग्रह किया गया है।
रिप्रेजेंटेशन में स्पष्ट कहा गया है कि मोरनी–रायपुर रानी रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि मोरनी क्षेत्र के लोगों की स्कूल, अस्पताल, बाजार, रोजगार और रोजमर्रा की आवश्यक सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए सड़क को अस्थायी पैचवर्क के बजाय स्थायी और सुरक्षित रूप से पुनर्निर्मित किया जाना जरूरी है।