
जमीन खरीद-फरोख्त धोखाधड़ी मामले में अंबाला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: दो और शातिर आरोपी गिरफ्तार, अब तक 10 काबू,
असली मालिक के नाम पर फर्जी आधार व पैन कार्ड बनाकर खुद को 'विजय मित्तल' बताने वाला मुख्य जालसाज चंडीगढ़ से गिरफ्तार।
हत्या के मुकदमों में नामजद उसका साथी भी मोहाली से काबू; 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में अब तक 10 लाख रुपये और जाली दस्तावेज बरामद।
अंबाला पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। माननीय पुलिस अधीक्षक (SP) अंबाला के कुशल मार्गदर्शन में काम कर रही आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की टीम ने जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े धोखाधड़ी मामले में दो और शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अश्वनी (निवासी चंडीगढ़) और उसके दोस्त गुरप्रीत उर्फ पम्मा (निवासी मस्तगढ़, मोहाली) के रूप में हुई है। माननीय न्यायालय से रिमांड हासिल करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाकर असली मालिक बनने का खेल,
मामले की जानकारी देते हुए आर्थिक अपराध शाखा के निरीक्षक परमवीर सिंह ने बताया कि इस पूरे खेल का मुख्य मोहरा आरोपी अश्वनी था। उसने जमीन के असली मालिक विजय मित्तल के नाम पर फर्जी आधार कार्ड, फर्जी पैन कार्ड और अन्य जाली दस्तावेज तैयार करवाए थे। इन नकली कागजातों के दम पर अश्वनी खुद 'फर्जी विजय मित्तल' बनकर घूम रहा था ताकि करोड़ों की जमीन को ठिकाने लगाया जा सके।
इस पूरी साजिश में उसका साथ मोहाली निवासी उसके दोस्त गुरप्रीत उर्फ पम्मा ने दिया। आरोपी गुरप्रीत एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले से ही हत्या और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। इस जमीन घोटाले में जालसाजी की रकम से गुरप्रीत ने अपने हिस्से के पैसे भी लिए थे।
मामले का विवरण,
शिकायतकर्ता विजय मित्तल (निवासी सेक्टर 27बी) ने 05 दिसंबर 2025 को थाना अंबाला शहर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 09 मई 2025 से 30 जुलाई 2025 के बीच आरोपी गुरजीत सिंह और उसके साथियों ने शिकायतकर्ता की करीब 12 बीघे 08 बिस्वा जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार किए और असली मालिक को भनक लगे बिना उसे आगे बेचकर भारी-भरकम रकम की धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
अब तक 10 गिरफ्तार, तफ्तीश जारी,
आर्थिक अपराध शाखा के सहायक उप निरीक्षक (ASI) जयपाल सिंह और उनकी टीम ने निरीक्षक परमवीर सिंह के नेतृत्व में मुस्तैदी से काम करते हुए इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस अब तक आरोपियों के कब्जे से करीब 10 लाख रुपये की नकदी और कई जाली कागजात बरामद कर चुकी है।
निरीक्षक परमवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी पूरी गहराई से चल रही है। इस धोखाधड़ी के नेटवर्क में शामिल किसी भी अन्य व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही अन्य संलिप्त चेहरों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। Haryana Police
Uklana, Hissar | Jun 23, 2026