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सफलता की कहानी .. आधुनिक तकनीकों और दृढ़ संकल्प से सफलता की नई इबारत लिख रहे किसान आदित्य कुशवाह .. नरवाई प्रबंधन, जायद फसलों के विविधीकरण, सौर ऊर्जा और मेड़ पर बागवानी के समन्वय से सिरोंज के प्रगतिशील किसान बने क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत .. आधुनिक तकनीकों और दृढ़ संकल्प से ग्राम काजरी मढ़वास के कृषक आदित्य कुशवाह बने प्रेरणास्रोत .. विदिशा जिले के सिरोंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम काजरी मढ़वास के प्रगतिशील कृषक श्री आदित्य कुशवाह ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। नरवाई प्रबंधन, जायद फसलों के विविधीकरण, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई तथा मेड़ पर बागवानी जैसे नवाचारों के माध्यम से उन्होंने कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कृषक एवं क्षेत्र का परिचय - श्री आदित्य कुशवाह ग्राम काजरी मढ़वास, ग्राम पंचायत घोसूआताल, विकासखंड सिरोंज, जिला विदिशा के निवासी हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। नरवाई दहन की समस्या और समाधान की पहल - रबी सीजन में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई को जलाना लंबे समय से किसानों के बीच प्रचलित रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति, जैविक कार्बन और मित्र कीटों को भी नुकसान पहुंचता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा गांव-गांव चौपाल आयोजित कर किसानों को जागरूक किया गया। इन चौपालों में कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी तथा आधुनिक कृषि यंत्रों पर उपलब्ध शासन की अनुदान योजनाओं से किसानों को अवगत कराया। बदलाव की शुरुआत - विभागीय चौपालों से प्रेरित होकर युवा कृषक आदित्य कुशवाह ने नरवाई जलाने की परंपरा को छोड़ आधुनिक तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने गेहूं की कटाई के बाद स्ट्रॉ रीपर मशीन का उपयोग कर नरवाई का प्रबंधन किया। इससे उच्च गुणवत्ता वाला भूसा तैयार हुआ, जो पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के रूप में उपयोगी साबित हुआ। परिणामस्वरूप पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ। बहुफसली चक्र और जायद फसलों का सफल प्रयोग - नरवाई प्रबंधन के बाद खेत की जुताई कर उन्होंने जायद मौसम में विभिन्न फसलों की खेती की। उन्होंने 2 बीघा क्षेत्र में मूंग, 1.5 बीघा क्षेत्र में उड़द तथा 1 बीघा भूमि में ग्रीष्मकालीन मक्का की बुआई की। मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर उसकी उर्वरता में सुधार करती हैं। वहीं मक्का ने अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान किया। इस बहुफसली प्रणाली से खेत वर्षभर उत्पादक बना रहा और आय के नए स्रोत विकसित हुए। सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर सिंचाई - सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से आदित्य कुशवाह ने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पंप स्थापित किया। अब वे सूर्य की ऊर्जा से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे बिजली बिल का खर्च लगभग समाप्त हो गया है और सिंचाई समय पर उपलब्ध हो रही है। इससे उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। मेड़ पर नींबू की बागवानी से अतिरिक्त आय - कृषक श्री आदित्य कुशवाह ने खेत की मेड़ों का भी बेहतर उपयोग किया। उन्होंने अपनी कृषि भूमि की सीमाओं पर 100 नींबू के पौधे लगाए। वर्तमान में ये पौधे फल देना शुरू कर चुके हैं और स्थानीय बाजार में नींबू विक्रय से उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। यह मॉडल सीमित संसाधनों में आय बढ़ाने का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। सुखद परिणाम और आर्थिक समृद्धि - आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से आदित्य कुशवाह को अनेक लाभ प्राप्त हुए हैं। मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रही, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध हुआ, जायद फसलों से अतिरिक्त आय अर्जित हुई, सौर ऊर्जा से सिंचाई लागत कम हुई तथा नींबू की बागवानी से स्थायी नकद आय का स्रोत विकसित हुआ। जहां पहले रबी फसल के बाद खेत खाली पड़े रहते थे, वहीं अब उनका खेत वर्षभर हरा-भरा और उत्पादनशील बना रहता है। उनकी एकीकृत कृषि प्रणाली ने खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाया है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा - आज श्री आदित्य कुशवाह विकासखंड सिरोंज में प्रगतिशील कृषक के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनकी सफल खेती, सोलर पंप और मेड़ पर विकसित नींबू की बागवानी को देखने तथा उनसे सीखने के लिए आसपास के गांवों से किसान पहुंचते हैं। वे किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कृषि को व्यवसायिक दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री आदित्य कुशवाह की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि किसान वैज्ञानिक सलाह, आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाएं तो सीमित संसाधनों में भी कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

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सिरोंज विकासखंड में मूंग फसल के अफलन की वैज्ञानिक जांच होगी 
..
बीज संघ द्वारा वितरित मूंग बीज की फसल का लिया जाएगा परीक्षण, प्रभावित कृषकों को मिलेगी तकनीकी सहायता 
..
सिरोंज विकासखंड में बीज संघ द्वारा 90 कृषकों को मूंग फसल के उन्नत बीज वितरित किए गए थे। अधिकांश किसानों के खेतों में मूंग की फसल का विकास एवं फलन संतोषजनक पाया गया है, जिससे किसानों को अच्छी उपज मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ कृषकों के खेतों में फसल में अपेक्षित फलन नहीं होने की शिकायत सामने आई है।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री केएस खपड़िया ने बताया है कि संबंधित कृषकों द्वारा मूंग फसल में अफलन (फलियों का पर्याप्त विकास न होना) की समस्या बताई गई है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग एवं बीज संघ द्वारा वैज्ञानिक स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की टीम प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान फसल की वृद्धि, फूल आने की स्थिति, फलियों के विकास, मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था, पोषक तत्वों की उपलब्धता तथा मौसम संबंधी प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर अफलन के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा कल संबंधित खेतों का भ्रमण कर जांच की जाएगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक तकनीकी सलाह एवं समाधान किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो और किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक दल को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा फसल संबंधी समस्याओं को खुलकर साझा करें। विभाग का उद्देश्य समस्या के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।

Jansampark Madhya Pradesh 
#JansamparkMP #vidisha #kisan

सिरोंज विकासखंड में मूंग फसल के अफलन की वैज्ञानिक जांच होगी .. बीज संघ द्वारा वितरित मूंग बीज की फसल का लिया जाएगा परीक्षण, प्रभावित कृषकों को मिलेगी तकनीकी सहायता .. सिरोंज विकासखंड में बीज संघ द्वारा 90 कृषकों को मूंग फसल के उन्नत बीज वितरित किए गए थे। अधिकांश किसानों के खेतों में मूंग की फसल का विकास एवं फलन संतोषजनक पाया गया है, जिससे किसानों को अच्छी उपज मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ कृषकों के खेतों में फसल में अपेक्षित फलन नहीं होने की शिकायत सामने आई है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के उप संचालक श्री केएस खपड़िया ने बताया है कि संबंधित कृषकों द्वारा मूंग फसल में अफलन (फलियों का पर्याप्त विकास न होना) की समस्या बताई गई है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग एवं बीज संघ द्वारा वैज्ञानिक स्तर पर जांच कराने का निर्णय लिया गया है। कृषि विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों की टीम प्रभावित किसानों के खेतों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान फसल की वृद्धि, फूल आने की स्थिति, फलियों के विकास, मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था, पोषक तत्वों की उपलब्धता तथा मौसम संबंधी प्रभावों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर अफलन के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिकों द्वारा कल संबंधित खेतों का भ्रमण कर जांच की जाएगी। जांच प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक तकनीकी सलाह एवं समाधान किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति न हो और किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त हो सके। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक दल को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा फसल संबंधी समस्याओं को खुलकर साझा करें। विभाग का उद्देश्य समस्या के कारणों का वैज्ञानिक विश्लेषण कर किसानों के हितों की रक्षा करना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha #kisan

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026

विदिशा में ग्रीष्मकालीन खेल समर कैंप का सफल समापन, 208 विद्यालयों के 12,497 विद्यार्थियों ने लिया भाग
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में सफल रहा समर कैंप, विद्यार्थियों में बढ़ी खेलों के प्रति रुचि
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खेल, संस्कृति और जागरूकता का संगम बना विदिशा का ग्रीष्मकालीन समर कैंप
..
जिले के सातों विकासखंडों में गूंजा खेल उत्साह, समर कैंप में हजारों विद्यार्थियों की सहभागिता
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लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में विदिशा जिले में 1 मई से 1 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन खेल समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। जिले के सभी सात विकासखंडों के 208 विद्यालयों में आयोजित इस एक माह के खेल शिविर में लगभग 12,497 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे उनकी खेल प्रतिभा को निखारने और शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा मिला। आयोजन ने विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि और अनुशासन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 
    
विकासखंड वार जानकारी अनुसार विदिशा विकासखंड के 46 विद्यालयों में 2483 विद्यार्थियों ने सहभागिता की है। इसी प्रकार ग्यारसपुर विकासखंड के 23 विद्यालयों के 1730 विद्यार्थियों ने, बासौदा विकासखंड के 35 विद्यालयों के 2043 विद्यार्थियों ने, कुरवाई विकासखंड के 20 विद्यालयों के 1333 विद्यार्थियों ने, लटेरी विकासखंड के 22 विद्यालयों के 1144 विद्यार्थियों ने, लटेरी विकासखंड के 32 विद्यालयों के 1842 विद्यार्थियों ने और सिरोंज विकासखंड के 30 विद्यालयों के 1922 विद्यार्थियों ने समर कैंप में भाग लिया है।
   
समर कैंप में विद्यालयों में पदस्थ खेल शिक्षकों एवं अतिथि खेल शिक्षकों व विशेषज्ञों को गतिविधि सम्पन्न आमंत्रित कर प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थीयों की अभिरूचि अनुसार राज्य में प्रचलित मान्यता प्राप्त खेलों में से चयनित खेलों को प्रशिक्षण दिया गया  कैम्प में पेंटिंग, नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन व नशामुक्ति, वोट अधिकार, जनगणना आदि की जानकारी दी गई। कैम्प के अंतिम दिवस 01 जून 2026 को समापन कार्यक्रम में पालकों, जिले के उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं स्थानी प्रतिनिधि, जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कैम्प में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया गया।

समर कैम्प : विकासखण्ड ग्यारसपुर -

सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय-समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। थाना प्रभारी द्वारा ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षण शिविर में स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने, क्राईम एवं नशा से दूर रहने की सीख दी। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये।

समर कैम्प : विकासखण्ड बासौदा -
    
सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, बेडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि खेल, चित्रकला, मेहंदी, नृत्य, संगीत एवं
अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। नशामुक्ति, वोट अधिकार, जनगणना आदि के संबंध में विद्यार्थीयों एवं विद्यार्थीयों द्वारा परिजनों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गए।

समर कैम्प : विकासखण्ड विदिशा

सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, व्हालीबॉल, हैण्डबॉल, नेटबाल, खो-खो, कबड्डी, बास्केटबॉल, क्रिकेट, एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। पर्यावरण के प्रति जागरूक करना, एवं शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा जनगणना के महत्व से विद्यार्थीयों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत
किया गया।

समर कैम्प : विकासखण्ड कुरवाई -

सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, बेडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, एथलेटिक्स आदि खेल, चित्रकला, नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय-समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी प्रदान किये गए।

समर कैम्प : विकासखण्ड लटेरी -

समर कैम्प के दौरान प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल (व्हालीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स) एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक
गतिविधियों का आयोजन कराया गया। पर्यावरण के प्रति जागरूक तथा व्यवसाय पर टिप्पणी कर समस्याओं पर चर्चा।
कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत
किया गया।

समर कैम्प :  विकासखण्ड नटेरन -

सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय - समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षण शिविर में स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने, क्राईम एवं नशा से दूर रहने तथा जनगणना के महत्व से अवगत कराया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये ।

समर कैम्प : विकासखण्ड सिरोंज -

सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, हॉकी, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, ताइक्वाण्डो, एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। योग व खेल से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक विकास से विद्यार्थीयों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया।

Jansampark Madhya Pradesh 
Department of School Education, Madhya Pradesh
#समरकैंप #खेल #विदिशा #मध्यप्रदेश #vidisha

विदिशा में ग्रीष्मकालीन खेल समर कैंप का सफल समापन, 208 विद्यालयों के 12,497 विद्यार्थियों ने लिया भाग .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में सफल रहा समर कैंप, विद्यार्थियों में बढ़ी खेलों के प्रति रुचि .. खेल, संस्कृति और जागरूकता का संगम बना विदिशा का ग्रीष्मकालीन समर कैंप .. जिले के सातों विकासखंडों में गूंजा खेल उत्साह, समर कैंप में हजारों विद्यार्थियों की सहभागिता .. लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के मार्गदर्शन में विदिशा जिले में 1 मई से 1 जून 2026 तक ग्रीष्मकालीन खेल समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। जिले के सभी सात विकासखंडों के 208 विद्यालयों में आयोजित इस एक माह के खेल शिविर में लगभग 12,497 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैंप के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे उनकी खेल प्रतिभा को निखारने और शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा मिला। आयोजन ने विद्यार्थियों में खेलों के प्रति रुचि और अनुशासन की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विकासखंड वार जानकारी अनुसार विदिशा विकासखंड के 46 विद्यालयों में 2483 विद्यार्थियों ने सहभागिता की है। इसी प्रकार ग्यारसपुर विकासखंड के 23 विद्यालयों के 1730 विद्यार्थियों ने, बासौदा विकासखंड के 35 विद्यालयों के 2043 विद्यार्थियों ने, कुरवाई विकासखंड के 20 विद्यालयों के 1333 विद्यार्थियों ने, लटेरी विकासखंड के 22 विद्यालयों के 1144 विद्यार्थियों ने, लटेरी विकासखंड के 32 विद्यालयों के 1842 विद्यार्थियों ने और सिरोंज विकासखंड के 30 विद्यालयों के 1922 विद्यार्थियों ने समर कैंप में भाग लिया है। समर कैंप में विद्यालयों में पदस्थ खेल शिक्षकों एवं अतिथि खेल शिक्षकों व विशेषज्ञों को गतिविधि सम्पन्न आमंत्रित कर प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थीयों की अभिरूचि अनुसार राज्य में प्रचलित मान्यता प्राप्त खेलों में से चयनित खेलों को प्रशिक्षण दिया गया कैम्प में पेंटिंग, नृत्य, संगीत एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन व नशामुक्ति, वोट अधिकार, जनगणना आदि की जानकारी दी गई। कैम्प के अंतिम दिवस 01 जून 2026 को समापन कार्यक्रम में पालकों, जिले के उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं स्थानी प्रतिनिधि, जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कैम्प में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया गया। समर कैम्प : विकासखण्ड ग्यारसपुर - सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय-समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। थाना प्रभारी द्वारा ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षण शिविर में स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने, क्राईम एवं नशा से दूर रहने की सीख दी। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। समर कैम्प : विकासखण्ड बासौदा - सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, बेडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, एथलेटिक्स आदि खेल, चित्रकला, मेहंदी, नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। नशामुक्ति, वोट अधिकार, जनगणना आदि के संबंध में विद्यार्थीयों एवं विद्यार्थीयों द्वारा परिजनों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गए। समर कैम्प : विकासखण्ड विदिशा सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, व्हालीबॉल, हैण्डबॉल, नेटबाल, खो-खो, कबड्डी, बास्केटबॉल, क्रिकेट, एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। पर्यावरण के प्रति जागरूक करना, एवं शारीरिक एवं मानसिक विकास तथा जनगणना के महत्व से विद्यार्थीयों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। समर कैम्प : विकासखण्ड कुरवाई - सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, बेडमिंटन, खो-खो, कबड्डी, एथलेटिक्स आदि खेल, चित्रकला, नृत्य, संगीत एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय-समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी प्रदान किये गए। समर कैम्प : विकासखण्ड लटेरी - समर कैम्प के दौरान प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल (व्हालीबॉल, कबड्डी, एथलेटिक्स) एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। पर्यावरण के प्रति जागरूक तथा व्यवसाय पर टिप्पणी कर समस्याओं पर चर्चा। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। समर कैम्प : विकासखण्ड नटेरन - सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। समय - समय पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों एवं विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाकर विद्यार्थियों को प्रतिशिक्षित कराया गया। ग्रीष्म कालीन प्रशिक्षण शिविर में स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाने, क्राईम एवं नशा से दूर रहने तथा जनगणना के महत्व से अवगत कराया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये । समर कैम्प : विकासखण्ड सिरोंज - सम्पूर्ण समर कैम्प आयोजन में प्रतिदिन विद्यार्थियों को स्वल्पाहार, पेयजल व्यवस्था कर योग, हॉकी, फुटबॉल, खो-खो, कबड्डी, ताइक्वाण्डो, एवं अन्य खेल, चित्रकला, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन कराया गया। योग व खेल से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक विकास से विद्यार्थीयों को अवगत कराया गया। कैम्प में सहभागिता करने वाले समस्त विद्यार्थियों को ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। Jansampark Madhya Pradesh Department of School Education, Madhya Pradesh #समरकैंप #खेल #विदिशा #मध्यप्रदेश #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सिरसवास में मनाया गया बावड़ी उत्सव
..
जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से प्रदेश व्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सिरोंज तहसील के देवपुर सेक्टर स्थित ग्राम सिरसवास में बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नवांकुर संस्था कचनारिया ग्राम विकास शिक्षण समिति, सिरोंज एवं मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से किया गया।

बावड़ी उत्सव के दौरान ग्रामीणों और श्रमदानियों ने बावड़ी की साफ-सफाई कर उसके संरक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात बावड़ी पूजन किया गया तथा रंगोली बनाकर और दीपों से सजाकर जल स्रोत के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और जल संरक्षण का संकल्प लिया।

श्रमदान कार्य में ग्राम अबूआ ढाना, सब्दलपुर पिपरिया और सिरसवास की सहयोगी समितियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्थानीय ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजन के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता का संदेश दिया गया।

#जल_गंगा_संवर्धन_अभियान #JalGangaSamvardhanAbhiyan #WaterConservation #Vidisha #MadhyaPradesh

जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सिरसवास में मनाया गया बावड़ी उत्सव .. जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संवर्धन के उद्देश्य से प्रदेश व्यापी जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सिरोंज तहसील के देवपुर सेक्टर स्थित ग्राम सिरसवास में बावड़ी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन नवांकुर संस्था कचनारिया ग्राम विकास शिक्षण समिति, सिरोंज एवं मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के सहयोग से किया गया। बावड़ी उत्सव के दौरान ग्रामीणों और श्रमदानियों ने बावड़ी की साफ-सफाई कर उसके संरक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात बावड़ी पूजन किया गया तथा रंगोली बनाकर और दीपों से सजाकर जल स्रोत के प्रति सम्मान प्रकट किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मां गंगा की आरती उतारी और जल संरक्षण का संकल्प लिया। श्रमदान कार्य में ग्राम अबूआ ढाना, सब्दलपुर पिपरिया और सिरसवास की सहयोगी समितियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। स्थानीय ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाया। आयोजन के माध्यम से जल स्रोतों के संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता का संदेश दिया गया। #जल_गंगा_संवर्धन_अभियान #JalGangaSamvardhanAbhiyan #WaterConservation #Vidisha #MadhyaPradesh

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026

एथलीन रिपाइनर के सुरक्षित निपटान को लेकर प्रशासन सख्त, फल विक्रेताओं को दिए निर्देश
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कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर में फल विक्रेताओं द्वारा एथलीन रिपाइनर के उपयोग और उसके निपटान की व्यवस्था का निरीक्षण किया। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सघन जांच एवं निरीक्षण के निर्देश दिए थे।
    
निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने विदिशा नगरीय क्षेत्र में अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान सब्जी मंडी में पाया गया कि एथलीन रिपाइनर के उपयोग के बाद उसके अवशेषों और खाली पाउचों का उचित निपटान नहीं किया जा रहा है। इस पर टीम ने सभी फल विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी कि उपयोग के बाद एथलीन रिपाइनर के अवशेषों को एक निर्धारित कूड़ेदान में एकत्रित करें और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहन के माध्यम से उनका सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करें।
    
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि एथलीन रिपाइनर के उपयोग के बाद उसके अवशेषों का वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान आवश्यक है। ऐसा करने से भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं तथा पर्यावरणीय जोखिमों को रोका जा सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री संदीप वर्मा एवं नगरीय प्रशासन के श्री चंद्रमोहन अहिरवार ने फल विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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एथलीन रिपाइनर के सुरक्षित निपटान को लेकर प्रशासन सख्त, फल विक्रेताओं को दिए निर्देश .. कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहर में फल विक्रेताओं द्वारा एथलीन रिपाइनर के उपयोग और उसके निपटान की व्यवस्था का निरीक्षण किया। विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए कलेक्टर श्री गुप्ता ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सघन जांच एवं निरीक्षण के निर्देश दिए थे। निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने विदिशा नगरीय क्षेत्र में अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान सब्जी मंडी में पाया गया कि एथलीन रिपाइनर के उपयोग के बाद उसके अवशेषों और खाली पाउचों का उचित निपटान नहीं किया जा रहा है। इस पर टीम ने सभी फल विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी कि उपयोग के बाद एथलीन रिपाइनर के अवशेषों को एक निर्धारित कूड़ेदान में एकत्रित करें और नगर पालिका के कचरा संग्रहण वाहन के माध्यम से उनका सुरक्षित निपटान सुनिश्चित करें। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि एथलीन रिपाइनर के उपयोग के बाद उसके अवशेषों का वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटान आवश्यक है। ऐसा करने से भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं तथा पर्यावरणीय जोखिमों को रोका जा सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्री संदीप वर्मा एवं नगरीय प्रशासन के श्री चंद्रमोहन अहिरवार ने फल विक्रेताओं को नियमों का पालन करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026

12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के
32+ करोड़ महिलाओं के जन-धन खाते खुले
3 + करोड़ महिलाएं बनीं लखपति दीदी
₹16+ लाख करोड़ के मुद्रा लोन महिलाओं को, उद्यमिता को मिला बल
 
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12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के 32+ करोड़ महिलाओं के जन-धन खाते खुले 3 + करोड़ महिलाएं बनीं लखपति दीदी ₹16+ लाख करोड़ के मुद्रा लोन महिलाओं को, उद्यमिता को मिला बल #vidisha #jansamparkmp #12YearsOfNariShakti

Vidisha, Madhya Pradesh | Jun 12, 2026

सफलता की कहानी .. आधुनिक तकनीकों और दृढ़ संकल्प से सफलता की नई इबारत लिख रहे किसान आदित्य कुशवाह .. नरवाई प्रबंधन, जायद फसलों के विविधीकरण, सौर ऊर्जा और मेड़ पर बागवानी के समन्वय से सिरोंज के प्रगतिशील किसान बने क्षेत्र के लिए प्रेरणास्रोत .. आधुनिक तकनीकों और दृढ़ संकल्प से ग्राम काजरी मढ़वास के कृषक आदित्य कुशवाह बने प्रेरणास्रोत .. विदिशा जिले के सिरोंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम काजरी मढ़वास के प्रगतिशील कृषक श्री आदित्य कुशवाह ने आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। नरवाई प्रबंधन, जायद फसलों के विविधीकरण, सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई तथा मेड़ पर बागवानी जैसे नवाचारों के माध्यम से उन्होंने कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कृषक एवं क्षेत्र का परिचय - श्री आदित्य कुशवाह ग्राम काजरी मढ़वास, ग्राम पंचायत घोसूआताल, विकासखंड सिरोंज, जिला विदिशा के निवासी हैं। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर अपनी खेती को नई दिशा दी है। नरवाई दहन की समस्या और समाधान की पहल - रबी सीजन में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में बची नरवाई को जलाना लंबे समय से किसानों के बीच प्रचलित रहा है। इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ने के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति, जैविक कार्बन और मित्र कीटों को भी नुकसान पहुंचता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा गांव-गांव चौपाल आयोजित कर किसानों को जागरूक किया गया। इन चौपालों में कृषि वैज्ञानिकों एवं अधिकारियों ने नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी तथा आधुनिक कृषि यंत्रों पर उपलब्ध शासन की अनुदान योजनाओं से किसानों को अवगत कराया। बदलाव की शुरुआत - विभागीय चौपालों से प्रेरित होकर युवा कृषक आदित्य कुशवाह ने नरवाई जलाने की परंपरा को छोड़ आधुनिक तकनीकों को अपनाने का निर्णय लिया। उन्होंने गेहूं की कटाई के बाद स्ट्रॉ रीपर मशीन का उपयोग कर नरवाई का प्रबंधन किया। इससे उच्च गुणवत्ता वाला भूसा तैयार हुआ, जो पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के रूप में उपयोगी साबित हुआ। परिणामस्वरूप पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अतिरिक्त आर्थिक लाभ भी प्राप्त हुआ। बहुफसली चक्र और जायद फसलों का सफल प्रयोग - नरवाई प्रबंधन के बाद खेत की जुताई कर उन्होंने जायद मौसम में विभिन्न फसलों की खेती की। उन्होंने 2 बीघा क्षेत्र में मूंग, 1.5 बीघा क्षेत्र में उड़द तथा 1 बीघा भूमि में ग्रीष्मकालीन मक्का की बुआई की। मूंग और उड़द जैसी दलहनी फसलें मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाकर उसकी उर्वरता में सुधार करती हैं। वहीं मक्का ने अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान किया। इस बहुफसली प्रणाली से खेत वर्षभर उत्पादक बना रहा और आय के नए स्रोत विकसित हुए। सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर सिंचाई - सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से आदित्य कुशवाह ने 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पंप स्थापित किया। अब वे सूर्य की ऊर्जा से सिंचाई कर रहे हैं, जिससे बिजली बिल का खर्च लगभग समाप्त हो गया है और सिंचाई समय पर उपलब्ध हो रही है। इससे उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आई है। मेड़ पर नींबू की बागवानी से अतिरिक्त आय - कृषक श्री आदित्य कुशवाह ने खेत की मेड़ों का भी बेहतर उपयोग किया। उन्होंने अपनी कृषि भूमि की सीमाओं पर 100 नींबू के पौधे लगाए। वर्तमान में ये पौधे फल देना शुरू कर चुके हैं और स्थानीय बाजार में नींबू विक्रय से उन्हें नियमित अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। यह मॉडल सीमित संसाधनों में आय बढ़ाने का उत्कृष्ट उदाहरण बन गया है। सुखद परिणाम और आर्थिक समृद्धि - आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने से आदित्य कुशवाह को अनेक लाभ प्राप्त हुए हैं। मिट्टी की उर्वरता सुरक्षित रही, पशुओं के लिए पर्याप्त चारा उपलब्ध हुआ, जायद फसलों से अतिरिक्त आय अर्जित हुई, सौर ऊर्जा से सिंचाई लागत कम हुई तथा नींबू की बागवानी से स्थायी नकद आय का स्रोत विकसित हुआ। जहां पहले रबी फसल के बाद खेत खाली पड़े रहते थे, वहीं अब उनका खेत वर्षभर हरा-भरा और उत्पादनशील बना रहता है। उनकी एकीकृत कृषि प्रणाली ने खेती को अधिक लाभकारी और पर्यावरण अनुकूल बनाया है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा - आज श्री आदित्य कुशवाह विकासखंड सिरोंज में प्रगतिशील कृषक के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनकी सफल खेती, सोलर पंप और मेड़ पर विकसित नींबू की बागवानी को देखने तथा उनसे सीखने के लिए आसपास के गांवों से किसान पहुंचते हैं। वे किसानों को आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कृषि को व्यवसायिक दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। श्री आदित्य कुशवाह की सफलता यह सिद्ध करती है कि यदि किसान वैज्ञानिक सलाह, आधुनिक तकनीक और नवाचार को अपनाएं तो सीमित संसाधनों में भी कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और समृद्ध बनाया जा सकता है। Jansampark Madhya Pradesh #JansamparkMP #vidisha - Vidisha News