पत्रकार की कलम सच्चाई का आईना और लोकतंत्र का पहरेदार होती है,
जो तमाम मुश्किलों के बाद भी अंधेरों में उजाला और द द दबी आवाज़ों को स्वर देती है। यहाँ पत्रकार की कलम की ताकत और उसके संघर्ष को बयां करती कुछ चुनिंदा लाइने..
कलम की ताकत और सच्चाई ,
धमकियों को रख किनारे, बेबाक पत्रकारिता मैं करता हूँ,रोज़ नई खबर के लिए, सच्चाई लिखता हूँ।
अंधेरे में छिपते गुनाह सब, कागज़ पर लाता हूँ,
मैं एक पत्रकार हूँ, सच से लौ जलाता हूँ।
न झुकती है, न रुकती है, न कभी ये बिकती है,
सच्चाई की राहों पर पत्रकार की कलम दिखती है।
संघर्ष और बेबाकीहर जुल्म के खिलाफ, ये आवाज़ बन जाती है,सच्ची खबर लिखकर, ये दुनिया जगाती है।
लाख आएँ आँधियाँ या पहरे हुकूमत के,ये कलम हर दौर में बागी हो जाती है।
रक्त स्याही बन बहे तो कोई गम नहीं,सच लिखने से बड़ा कोई मरहम नहीं।बिकाऊ बाज़ार में जो खुद को बचा ले,वो पत्रकार की कलम है, जो कभी थमी नहीं।
मेरे प्यारे भारत वासियों को 80वे स्वतंत्रता दिवस पर
रीड न्यूज़ और दैनिक साधना समाचार गुना ब्यूरो चीफ़ किशन कश्यप की ओर से हार्दिक हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
जय हिंद, जय भारत, भारत माता की जय, जय जवान जय किसान 15 #अगस्त 2026# #vairal# #हिंदुस्तान#