
हर्ष दुबे सरकार के मंत्री के साथ लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं सवाल सीधा है,जब आंदोलन जंतर-मंतर पर समाज के बीच चल रहा था, केंद्र सरकार से बातचीत की बात हो रही थी......!
तो अचानक उपमुख्यमंत्री से मुलाकात क्यों? और उससे भी बड़ा सवाल सरकार की तरफ से इसे हर्ष दुबे के नेतृत्व का आंदोलन क्यों बताया जा रहा है.....?
जब आंदोलन समाज के नेतृत्व में आरक्षण सुधार के लिए था,तो किसी एक व्यक्ति को उसका चेहरा बनाने की कोशिश क्यों.?
सरकार जंतर-मंतर पर मौजूद......!
समाज से सीधे बात क्यों नहीं कर सकी?क्या बातचीत के रास्ते इतने बंद हो गए हैं कि आंदोलनकारियों से मंच पर संवाद करने के बजाय चुनिंदा लोगों से बंद कमरे में बातचीत होगी......?
और याद रखिए,आंदोलन किसी व्यक्ति की राजनीतिक लॉन्चिंग का मंच नहीं है,न हर्ष दुबे का आंदोलन,न किसी और व्यक्ति का यह समाज का आंदोलन है.......!
मुद्दा समाज का है, संघर्ष समाज का है और जीत भी समाज की होनी चाहिए, चेहरे बदलते रहेंगे,लेकिन समाज की लड़ाई किसी एक चेहरे की मोहताज नहीं होनी चाहिए.......!
#जंतरमंतर #आरक्षण #UGC #ReservationReform #Reservation #UGCGuidelines #JantarMantar #harshdubey #हर्ष_दुबे