
पेंशन अधिसूचना बहाली को लेकर कॉरपोरेट पेंशनरों ने खोला मोर्चा
बिलासपुर:
हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेट सेक्टर के सेवानिवृत्त पेंशनरों ने सरकार के नकारात्मक रवैये के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए 29 अक्टूबर 1999 की पेंशन अधिसूचना को शीघ्र बहाल करने की पुरजोर मांग उठाई है। मंगलवार को मार्केटिंग कमेटी के कॉन्फ्रेंस हॉल बिलासपुर में एचपी कॉरपोरेट सेक्टर सेवानिवृत्त कोऑर्डिनेशन कमेटी की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर देवी लाल की अध्यक्षता में संपन्न हुई।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:
* मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग: बैठक में सर्वसम्मति से आग्रह किया गया कि जिस प्रकार एचआरटीसी (HRTC) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी मांगों का समाधान किया गया है, उसी प्रकार कॉरपोरेट सेक्टर के प्रतिनिधियों को भी बातचीत का अवसर दिया जाए।
* वित्तीय बोझ का दावा: वक्ताओं ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री महोदय कॉरपोरेट सेक्टर से आमने-सामने बातचीत का समय दें, तो ऐसा व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया जाएगा जिससे सरकार के खजाने पर एक रुपये का भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और लगभग 17 निगमों व बोर्डों की पेंशन का मसला हल हो जाएगा।
* संयुक्त संघर्ष समिति का समर्थन: बैठक में संयुक्त संघर्ष समिति बिलासपुर के संयोजक चेत राम वर्मा और मुख्य प्रचार सचिव प्रेम लाल पराशर विशेष रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने आश्वासन दिया कि समिति इस मुद्दे को प्राथमिकता से सरकार के समक्ष उठाएगी और बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा।
* 1 सितंबर को चौड़ा मैदान में प्रदर्शन: आगामी 1 सितंबर को शिमला के चौड़ा मैदान में संयुक्त संघर्ष समिति (सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में) द्वारा आयोजित किए जाने वाले विशाल धरना-प्रदर्शन में कॉरपोरेट सेक्टर के पेंशनर भी पूरी ताकत और कंधे से कंधा मिलाकर भाग लेंगे।
* व्यापक भागीदारी: इस महत्वपूर्ण बैठक में बिलासपुर के अतिरिक्त चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू, सोलन, शिमला, सिरमौर और ऊना सहित विभिन्न जिलों से प्रदेश कार्यकारिणी के प्रतिनिधियों और लगभग 17 निगमों के सदस्यों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान राज कुमार हमीरपुरी, सुरेश कुमार आचार्य, दौलत राम ठाकुर, रत्नेश कुमार, पूर्ण चंद, राम लाल, सफदर हुसैन, कांता वर्मा, दिलीप सिंह, योगराज, उद्यम सिंह, कृष्ण डोगरा, सुरजीत वर्मा और प्रेम लाल सहित कई अन्य गणमान्य सदस्य भी मौजूद रहे।