
दलहनी फसलों की उन्नत खेती व कीट प्रबंधन का किसानों को दिया प्रशिक्षण
मूल्यवर्धन और बेहतर विपणन अपनाकर आय बढ़ाने पर भी दिया जोर
लखीसराय, 11 अगस्त। गगन दीप की रिपोर्ट :आत्मा, लखीसराय के तत्वावधान में मंगलवार को जिले के किसानों के लिए ‘दलहनी फसलों की उन्नत खेती एवं कीट प्रबंधन तथा मूल्यवर्धन’ विषय पर एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक आत्मा कुंदन कुमार ने की। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), हलसी के वैज्ञानिकों ने किसानों को दलहनी फसलों की वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को उन्नत किस्मों के चयन, गुणवत्तापूर्ण बीज, बीजोपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, उचित सिंचाई तथा फसल प्रबंधन की तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया गया। वैज्ञानिकों ने दलहनी फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान और उनके प्रभावी नियंत्रण के लिए समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) अपनाने पर जोर दिया।
प्रसंस्करण और पैकेजिंग से बढ़ेगी आमदनी
प्रशिक्षण में दलहनी फसलों के उत्पादन के बाद मूल्यवर्धन एवं प्रसंस्करण के महत्व पर भी चर्चा हुई। किसानों को बताया गया कि उपज का उचित प्रसंस्करण, बेहतर पैकेजिंग और प्रभावी विपणन अपनाकर उत्पाद का अच्छा मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
केवीके हलसी के वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं और जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से दलहनी फसलों की खेती कर उत्पादन, उत्पादकता और कृषि आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन, सहायक निदेशक पौधा संरक्षण अंकित आनंद, उप परियोजना निदेशक आत्मा रिंटू नंदी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी आत्मा अमिताभ कुमार, केवीके हलसी के वैज्ञानिकों सहित जिले के बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।