
संवेदनशीलता और कार्यकुशलता की मिसाल रहीं रोहतास की पहली महिला जिलाधिकारी उदिता सिंह
रोहतास जिले की पहली महिला जिलाधिकारी उदिता सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ मानवीय संवेदनशीलता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसे जिले के कर्मचारी और आमजन लंबे समय तक याद रखेंगे। उन्होंने न केवल कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को गति दी, बल्कि कार्यालयी कार्यसंस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया।
आमतौर पर उच्च अधिकारियों का अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति रवैया सख्त माना जाता है, लेकिन उदिता सिंह ने इस धारणा को बदला। उन्होंने छोटे से लेकर बड़े हर कर्मचारी को सम्मानपूर्वक “आप” कहकर संबोधित किया। उनके इस व्यवहार ने कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ाया और कार्यस्थल का माहौल अधिक सहयोगपूर्ण बनाया। परिणामस्वरूप सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला और कई क्षेत्रों में रोहतास को राज्य स्तर पर पहचान मिली।
पहली महिला जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने महिला सशक्तिकरण का भी मजबूत संदेश दिया। उनके कार्यकाल में विकास योजनाओं को गति मिली और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर रहा। अब बिहार सरकार ने उनकी प्रशासनिक क्षमता और उत्कृष्ट कार्यशैली को देखते हुए उन्हें नालंदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। रोहतास में उनके कार्य और व्यवहार की चर्चा आज भी सम्मान के साथ की जाती हैं