
सूरज हर सेकंड करीब 10 लाख टन पदार्थ अंतरिक्ष में बहा देता है। यह सिलसिला लगातार चलता रहता है, लेकिन इतना सारा पदार्थ अंतरिक्ष में फैलने के बावजूद धरती पर जीवन कैसे सुरक्षित है? इसकी वजह है हमारा अदृश्य चुंबकीय कवच।
सूरज से इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन जैसे आवेशित कण लगातार बाहर निकलते रहते हैं। इन कणों की तेज धारा को सौर पवन कहते हैं। इसकी रफ्तार सैकड़ों किलोमीटर प्रति सेकंड होती है और यह पूरे सौरमंडल में फैलती रहती है।
धरती के चारों ओर मौजूद चुंबकीय सुरक्षा क्षेत्र इस पवन के ज्यादातर आवेशित कणों को हमारे ग्रह से दूर मोड़ देता है। यह चुंबकीय क्षेत्र धरती के बाहरी केंद्र में मौजूद पिघले लोहे की हलचल से पैदा होता है। हमारा वायुमंडल भी हानिकारक कणों से बचाव करने में मदद करता है।
लेकिन यह सुरक्षा पूरी तरह अभेद्य नहीं है। जब सूरज से शक्तिशाली सौर तूफान आते हैं, तो कुछ कण धरती के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं। ध्रुवों के पास ये कण वायुमंडल की गैसों से टकराते हैं, जिससे आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी दिखाई देती है। इसे ध्रुवीय प्रकाश कहते हैं।
ऐसे तूफान कभी-कभी उपग्रहों, दिशा बताने वाली प्रणालियों, रेडियो संचार और बिजली के नेटवर्क को भी प्रभावित कर सकते हैं।
यानी धरती की सुरक्षा सिर्फ उसके वायुमंडल पर निर्भर नहीं है। उसका अदृश्य चुंबकीय कवच भी जीवन को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।
आपको क्या लगता है, अगर धरती का चुंबकीय कवच कमजोर पड़ जाए, तो हमारी जिंदगी पर क्या असर होगा?
स्रोत: नासा का सौर पवन शोध
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Bihar, India | Oct 22, 2026